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तिकुनिया हिंसा कांड : तत्कालीन इंस्पेक्टर ने दर्ज कराए बयान
Wed, 15 Jul 2026 11:14 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 15 Jul 2026 11:14 PM IST
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लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा कांड में बुधवार को जिला जज शिवकुमार सिंह की अदालत में तत्कालीन इंस्पेक्टर बालेंदु भूषण सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश हुए। उन्होंने तीन अक्तूबर, 2021 को हुई वारदात के संबंध में अपने बयान दर्ज कराए।
मुख्य परीक्षा पूरी होने के बाद बचाव पक्ष ने जिरह शुरू की, जो देर शाम तक पूरी नहीं हो सकी। अदालत ने बृहस्पतिवार को भी सुनवाई जारी रखने का फैसला लिया है। जिरह के दौरान घटना से पहले किसानों व सिखों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों के कारण पुंटो कार के शीशे टूटने और तनाव के हालात से जुड़े सवाल पूछे गए। बैलिस्टिक एक्सपर्ट से संबंधित पूछताछ भी की गई। बचाव पक्ष ने उनके बयानों को लेकर भी सवाल किए। दिनभर चली गवाही के बाद देर शाम तक जिरह पूरी नहीं हो सकी।
तीन अक्तूबर, 2021 को तिकुनिया में हुई हिंसा में चार किसानों, एक पत्रकार, एक चालक व दो भाजपा कार्यकर्ताओं समेत आठ लोगों की जान चली गई थी। मामले में दो मुकदमे दर्ज हुए थे। पहला मुकदमा किसानों की ओर से दर्ज हुआ, जिसमें पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष मिश्र समेत 13 आरोपी हैं। दूसरे मुकदमे में भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या के मामले में चार किसान आरोपी हैं।
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मुख्य परीक्षा पूरी होने के बाद बचाव पक्ष ने जिरह शुरू की, जो देर शाम तक पूरी नहीं हो सकी। अदालत ने बृहस्पतिवार को भी सुनवाई जारी रखने का फैसला लिया है। जिरह के दौरान घटना से पहले किसानों व सिखों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों के कारण पुंटो कार के शीशे टूटने और तनाव के हालात से जुड़े सवाल पूछे गए। बैलिस्टिक एक्सपर्ट से संबंधित पूछताछ भी की गई। बचाव पक्ष ने उनके बयानों को लेकर भी सवाल किए। दिनभर चली गवाही के बाद देर शाम तक जिरह पूरी नहीं हो सकी।
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तीन अक्तूबर, 2021 को तिकुनिया में हुई हिंसा में चार किसानों, एक पत्रकार, एक चालक व दो भाजपा कार्यकर्ताओं समेत आठ लोगों की जान चली गई थी। मामले में दो मुकदमे दर्ज हुए थे। पहला मुकदमा किसानों की ओर से दर्ज हुआ, जिसमें पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष मिश्र समेत 13 आरोपी हैं। दूसरे मुकदमे में भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या के मामले में चार किसान आरोपी हैं।
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