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एलयूसीसी प्रकरण : मुख्य संचालक समेत चार आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज
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एक माह पहले तालबेहट कोतवाली में दर्ज हुआ था मुकदमा
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। एलयूसीसी चिटफंड प्रकरण में तालबेहट कोतवाली में दर्ज हुए मामले में मुख्य संचालक समेत चार आरोपियों की जमानत याचिका अपर जिला एवं सत्र विशेष न्यायाधीश ने खारिज कर दी है।
कोतवाली तालबेहट पुलिस ने एक माह पहले छह जनवरी को मोहल्ला चौबयाना निवासी शक्ति वाल्मीकि की तहरीर पर दीपक सहित 8-10 अज्ञात पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की थी। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने रविशंकर तिवारी उर्फ रवि तिवारी, उसके भाई विनोद तिवारी निवासी लेखपाल कालोनी रामनगर थाना कोतवाली ललितपुर (हाल निवासी 20 गीतग्रीन कॉलोनी करौंद थाना निशांतपुरा जिला भोपाल (मप्र), भरत वर्मा निवासी सिविल लाइन चांदमारी कोतवाली और मुकेश कुमार जैन निवासी ग्राम मड़ावरा के नाम प्रकाश में आए थे।
पुलिस की टीमों ने 12 जनवरी को एलयूसीसी चिटफंड प्रकरण के मुख्य संचालक रवि तिवारी सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद सीजेएम न्यायालय में पेश किया था। न्यायालय ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया था। इसमें रवि तिवारी व विनोद तिवारी को भोपाल से और मुकेश जैन को मड़ावरा व भरत वर्मा को ललितपुर से गिरफ्तार किया गया था।
आरोपियों की ओर से अपर जिला एवं सत्र विशेष न्यायाधीश की अदालत में जमानत याचिकाएं प्रस्तुत की गई थीं। इस मामले में न्यायालय ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए चारों आरोपियों की जमानत याचिकाएं निरस्त कर दी हैं। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश तिवारी ने बताया कि एलयूसीसी प्रकरण में न्यायालय ने मुख्य संचालक समेत चारों आरोपियों के अपराध को गंभीर माना है। इन पर एलयूसीसी से संबंधित कई प्रकरण पहले से दर्ज हैं।
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ललितपुर। एलयूसीसी चिटफंड प्रकरण में तालबेहट कोतवाली में दर्ज हुए मामले में मुख्य संचालक समेत चार आरोपियों की जमानत याचिका अपर जिला एवं सत्र विशेष न्यायाधीश ने खारिज कर दी है।
कोतवाली तालबेहट पुलिस ने एक माह पहले छह जनवरी को मोहल्ला चौबयाना निवासी शक्ति वाल्मीकि की तहरीर पर दीपक सहित 8-10 अज्ञात पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की थी। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने रविशंकर तिवारी उर्फ रवि तिवारी, उसके भाई विनोद तिवारी निवासी लेखपाल कालोनी रामनगर थाना कोतवाली ललितपुर (हाल निवासी 20 गीतग्रीन कॉलोनी करौंद थाना निशांतपुरा जिला भोपाल (मप्र), भरत वर्मा निवासी सिविल लाइन चांदमारी कोतवाली और मुकेश कुमार जैन निवासी ग्राम मड़ावरा के नाम प्रकाश में आए थे।
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पुलिस की टीमों ने 12 जनवरी को एलयूसीसी चिटफंड प्रकरण के मुख्य संचालक रवि तिवारी सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद सीजेएम न्यायालय में पेश किया था। न्यायालय ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया था। इसमें रवि तिवारी व विनोद तिवारी को भोपाल से और मुकेश जैन को मड़ावरा व भरत वर्मा को ललितपुर से गिरफ्तार किया गया था।
आरोपियों की ओर से अपर जिला एवं सत्र विशेष न्यायाधीश की अदालत में जमानत याचिकाएं प्रस्तुत की गई थीं। इस मामले में न्यायालय ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए चारों आरोपियों की जमानत याचिकाएं निरस्त कर दी हैं। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश तिवारी ने बताया कि एलयूसीसी प्रकरण में न्यायालय ने मुख्य संचालक समेत चारों आरोपियों के अपराध को गंभीर माना है। इन पर एलयूसीसी से संबंधित कई प्रकरण पहले से दर्ज हैं।
