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Lalitpur News: भौंरट बांध परियोजना को गति मिलने के आसार
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बजट भाषण में प्रदेश के वित्त मंत्री ने इस परियोजना का किया जिक्र
-2014 से निर्माणाधीन जामनी नदी का बांध 82 फीसदी पूरा, भूमि अधिग्रहण और वन विभाग की एनओसी शेष; आठ हजार किसानों को होगा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जामनी नदी पर निर्माणाधीन भौंरट बांध परियोजना को लंबे इंतजार के बाद अब रफ्तार मिलने की उम्मीद जगी है। बुधवार को विधानसभा में पेश प्रदेश सरकार के बजट में इस परियोजना का जिक्र किया गया है। इससे उम्मीद जगी है कि इस परियोजना को लेकर भूमि अधिग्रहण और वन विभाग से हरी झंडी मिलने की जो अड़चन है वह जल्द दूर होगी।
तहसील महरौनी क्षेत्र में सिंचाई विभाग ने 2014 में करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना की शुरुआत की थी। बांध से लगभग 8 हजार किसानों की 16 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित करने का लक्ष्य है। इससे बम्हौरीघाट, पड़वां, भौंरट, भैरा, बानपुर, सुनवाहा, डगराना, उदया, वीरपुर समेत करीब 33 गांवों के किसानों को लाभ मिलेगा।
परियोजना के लिए 1600 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जानी थी, जिसमें से अब तक 1140 हेक्टेयर भूमि आपसी सहमति से अधिग्रहित की जा चुकी है। करीब 410 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण शेष है। बांध निर्माण का कार्य 82 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। 18 किलोमीटर लंबी मुख्य नहर, पांच माइनर, चार किलोमीटर दायीं नहर सहित अन्य कार्य अंतिम चरण में हैं।
निर्माण कार्य में सुस्ती और भूमि के बढ़े दामों के कारण अधिग्रहण प्रक्रिया प्रभावित हुई। साथ ही डूब क्षेत्र में आने वाली वन विभाग की भूमि व परिसंपत्तियों के मुआवजे के लिए धनराशि का भुगतान शेष है। एनओसी न मिलने के कारण बांध में पानी भंडारण शुरू नहीं हो सका है। सिंचाई विभाग ने परियोजना पूर्ण करने के लिए शासन से करीब 500 से 600 करोड़ रुपये की मांग की थी।
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बिल्ला-मोगान पेयजल परियोजना भी प्रभावित
जल जीवन मिशन के तहत भौंरट बांध पर 68.51 करोड़ रुपये की लागत से बिल्ला-मोगान ग्राम समूह पेयजल परियोजना तैयार की गई है। इसके तहत 23 गांवों की 54,144 आबादी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाना है। परियोजना के लिए बांध से 10 एमएलडी पानी लिया जाना प्रस्तावित है। बानपुर में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित है और 148.83 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। कुल 9,656 कनेक्शन प्रस्तावित हैं। अधिकारियों के अनुसार, बांध में 356 मीटर जलस्तर होने पर ही पेयजल आपूर्ति संभव है, जबकि 352 मीटर से ऊपर जलभराव होने पर वन विभाग की भूमि प्रभावित होती है। एनओसी न मिलने के कारण जलस्तर बढ़ाया नहीं जा सका है, जिससे पेयजल परियोजना भी लंबित है।
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भौंरट बांध एक नजर में
नदी : जामनी
पूर्ण जलस्तर : 360.90 मीटर
न्यूनतम जलस्तर : 354.55 मीटर
आरक्षित क्षमता : 45.08 मिलियन घनमीटर
सिंचाई लक्ष्य : 16 हजार हेक्टेयर भूमि
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शेष भूमि अधिग्रहण और किसानों के बकाया भुगतान के लिए शासन से धनराशि मांगी गई है। बजट आवंटन के बाद कार्य में तेजी लाई जाएगी
सीपी सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड द्वितीय
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केन बेतवा व भौंरट बांध परियोजना के लिए बजट का प्रावधान रखा गया है। जल्द ही धनराशि विभाग को आवंटित की जाएगी।
रामरतन कुशवाहा, सदर विधायक
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-2014 से निर्माणाधीन जामनी नदी का बांध 82 फीसदी पूरा, भूमि अधिग्रहण और वन विभाग की एनओसी शेष
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जामनी नदी पर निर्माणाधीन भौंरट बांध परियोजना को लंबे इंतजार के बाद अब रफ्तार मिलने की उम्मीद जगी है। बुधवार को विधानसभा में पेश प्रदेश सरकार के बजट में इस परियोजना का जिक्र किया गया है। इससे उम्मीद जगी है कि इस परियोजना को लेकर भूमि अधिग्रहण और वन विभाग से हरी झंडी मिलने की जो अड़चन है वह जल्द दूर होगी।
तहसील महरौनी क्षेत्र में सिंचाई विभाग ने 2014 में करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना की शुरुआत की थी। बांध से लगभग 8 हजार किसानों की 16 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित करने का लक्ष्य है। इससे बम्हौरीघाट, पड़वां, भौंरट, भैरा, बानपुर, सुनवाहा, डगराना, उदया, वीरपुर समेत करीब 33 गांवों के किसानों को लाभ मिलेगा।
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परियोजना के लिए 1600 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जानी थी, जिसमें से अब तक 1140 हेक्टेयर भूमि आपसी सहमति से अधिग्रहित की जा चुकी है। करीब 410 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण शेष है। बांध निर्माण का कार्य 82 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। 18 किलोमीटर लंबी मुख्य नहर, पांच माइनर, चार किलोमीटर दायीं नहर सहित अन्य कार्य अंतिम चरण में हैं।
निर्माण कार्य में सुस्ती और भूमि के बढ़े दामों के कारण अधिग्रहण प्रक्रिया प्रभावित हुई। साथ ही डूब क्षेत्र में आने वाली वन विभाग की भूमि व परिसंपत्तियों के मुआवजे के लिए धनराशि का भुगतान शेष है। एनओसी न मिलने के कारण बांध में पानी भंडारण शुरू नहीं हो सका है। सिंचाई विभाग ने परियोजना पूर्ण करने के लिए शासन से करीब 500 से 600 करोड़ रुपये की मांग की थी।
बिल्ला-मोगान पेयजल परियोजना भी प्रभावित
जल जीवन मिशन के तहत भौंरट बांध पर 68.51 करोड़ रुपये की लागत से बिल्ला-मोगान ग्राम समूह पेयजल परियोजना तैयार की गई है। इसके तहत 23 गांवों की 54,144 आबादी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाना है। परियोजना के लिए बांध से 10 एमएलडी पानी लिया जाना प्रस्तावित है। बानपुर में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित है और 148.83 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। कुल 9,656 कनेक्शन प्रस्तावित हैं। अधिकारियों के अनुसार, बांध में 356 मीटर जलस्तर होने पर ही पेयजल आपूर्ति संभव है, जबकि 352 मीटर से ऊपर जलभराव होने पर वन विभाग की भूमि प्रभावित होती है। एनओसी न मिलने के कारण जलस्तर बढ़ाया नहीं जा सका है, जिससे पेयजल परियोजना भी लंबित है।
भौंरट बांध एक नजर में
नदी : जामनी
पूर्ण जलस्तर : 360.90 मीटर
न्यूनतम जलस्तर : 354.55 मीटर
आरक्षित क्षमता : 45.08 मिलियन घनमीटर
सिंचाई लक्ष्य : 16 हजार हेक्टेयर भूमि
शेष भूमि अधिग्रहण और किसानों के बकाया भुगतान के लिए शासन से धनराशि मांगी गई है। बजट आवंटन के बाद कार्य में तेजी लाई जाएगी
सीपी सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड द्वितीय
केन बेतवा व भौंरट बांध परियोजना के लिए बजट का प्रावधान रखा गया है। जल्द ही धनराशि विभाग को आवंटित की जाएगी।
रामरतन कुशवाहा, सदर विधायक
