{"_id":"6a7641400df4e8b48a05b7d6","slug":"convict-sentenced-to-six-years-imprisonment-and-fined-25-lakh-in-31-lakh-fraud-case-lalitpur-news-c-131-1-ltp1005-160926-2026-08-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: 31 लाख की धोखाधड़ी में दोषी को छह वर्ष का कारावास, 25 लाख रुपये अर्थदंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: 31 लाख की धोखाधड़ी में दोषी को छह वर्ष का कारावास, 25 लाख रुपये अर्थदंड
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ट्रांसपोर्ट कारोबार में साझेदारी का झांसा देकर लाखों रुपये हड़पे, सीजेएम कोर्ट ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। ट्रांसपोर्ट कारोबार में साझेदारी और ट्रक खरीदने का झांसा देकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने अभियुक्त को छह वर्ष के कारावास और 25 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि पीड़ितों को प्रतिकर के रूप में देने के भी आदेश दिए गए हैं।
अभियोजन के अनुसार थाना जखौरा क्षेत्र के ग्राम ननौरा निवासी राकेश कुमार ने कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि सिविल लाइन निवासी महेंद्र सिंह राजपूत से उसकी दोस्ती थी। महेंद्र सिंह ने ट्रांसपोर्ट का कारोबार शुरू करने और ट्रक खरीदने के लिए निवेश करने का प्रस्ताव दिया तथा उसे कारोबार में साझेदार बनाने का भरोसा दिया। इस भरोसे पर राकेश ने अलग-अलग किश्तों में चेक के माध्यम से पहले 11.65 लाख रुपये और बाद में कुल 31 लाख रुपये दिए।
आरोप है कि इसके बाद महेंद्र सिंह ने राकेश के रिश्तेदार देवेंद्र सिंह से भी कारोबार बढ़ाने के नाम पर 80 लाख रुपये की मांग की। रुपये का इंतजाम न होने पर उसने अपना मकान गिरवी रखने का प्रस्ताव रखा और छह माह में रकम लौटाने का आश्वासन दिया। इस पर देवेंद्र सिंह ने परिजनों और रिश्तेदारों से धन जुटाकर 64 लाख रुपये दिए तथा मकान की गिरवीनामा संबंधी लिखापढ़ी भी कराई। तय समय बीतने के बाद भी आरोपी ने रुपये वापस नहीं किए। जब पीड़ित उसके घर पहुंचे तो मकान पर ताला लगा मिला और मोबाइल फोन भी बंद था।
विज्ञापन
मामले में कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने महेंद्र सिंह राजपूत को दोषी करार दिया।
सीजेएम न्यायालय ने अभियुक्त को छह वर्ष के कारावास और 25 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। ट्रांसपोर्ट कारोबार में साझेदारी और ट्रक खरीदने का झांसा देकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने अभियुक्त को छह वर्ष के कारावास और 25 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि पीड़ितों को प्रतिकर के रूप में देने के भी आदेश दिए गए हैं।
अभियोजन के अनुसार थाना जखौरा क्षेत्र के ग्राम ननौरा निवासी राकेश कुमार ने कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि सिविल लाइन निवासी महेंद्र सिंह राजपूत से उसकी दोस्ती थी। महेंद्र सिंह ने ट्रांसपोर्ट का कारोबार शुरू करने और ट्रक खरीदने के लिए निवेश करने का प्रस्ताव दिया तथा उसे कारोबार में साझेदार बनाने का भरोसा दिया। इस भरोसे पर राकेश ने अलग-अलग किश्तों में चेक के माध्यम से पहले 11.65 लाख रुपये और बाद में कुल 31 लाख रुपये दिए।
विज्ञापन
आरोप है कि इसके बाद महेंद्र सिंह ने राकेश के रिश्तेदार देवेंद्र सिंह से भी कारोबार बढ़ाने के नाम पर 80 लाख रुपये की मांग की। रुपये का इंतजाम न होने पर उसने अपना मकान गिरवी रखने का प्रस्ताव रखा और छह माह में रकम लौटाने का आश्वासन दिया। इस पर देवेंद्र सिंह ने परिजनों और रिश्तेदारों से धन जुटाकर 64 लाख रुपये दिए तथा मकान की गिरवीनामा संबंधी लिखापढ़ी भी कराई। तय समय बीतने के बाद भी आरोपी ने रुपये वापस नहीं किए। जब पीड़ित उसके घर पहुंचे तो मकान पर ताला लगा मिला और मोबाइल फोन भी बंद था।
विज्ञापन
मामले में कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने महेंद्र सिंह राजपूत को दोषी करार दिया।
सीजेएम न्यायालय ने अभियुक्त को छह वर्ष के कारावास और 25 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।