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एआई से परिचित की आवाज बनाकर ठगी करते हैं साइबर अपराधी : डीएम
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सेफर इंटरनेट डे के अवसर पर डीएम व एसपी ने आयोजित की कार्यशाला
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। सुरक्षित ढंग से इंटरनेट का इस्तेमाल करने से ही साइबर क्राइम में बचाव किया जा सकता है। जिलाधिकारी सत्यप्रकाश ने सेफर इंटरनेट डे पर जागरुकता के लिए आयोजित कार्यशाला में लोगों को सचेत किया। कहा कि एआई से परिचित की आवाज बनाकर साइबर अपराधी ठगी करते हैं। उन्होंने कलक्ट्रेट परिसर से जागरुकता बाइक रैली को रवाना किया।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि आज के समय में जब डिजिटल प्रयोग बढ़ गया है, ऐसे में इंटरनेट के उपयोग में हम सभी को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने डॉक्यूमेंट्री फिल्म के माध्यम से उपस्थित लोगों को साइबर अपराधों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी ने कहा कि आपको ध्यान रखना है कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई चीज नहीं होती। साथ ही उन्होंने अंजान वीडियो कॉल को न उठाने के लिए कहा, उन्होंने कहा कि एआई के माध्यम से वीडियो क्लोन व आवाजें बनाकर परिचित की आवाज बनाकर लोग बात करते हैं। इस बाद ठगी का शिकार बना लेते हैं।
उन्होंने कहा कि साइबर ठग त्योहारों के मैसेज बनाकर फॉरवर्ड करते रहते हैं, ऐसे लिंक वाले मैसेज पर कतई क्लिक न करें। इससे आपका मोबाइल पूरी तरह से हैक हो सकता है और आपकी निजी जानकारी जैसे फोटो, पर्सनल चैट या जरूरी दस्तावेज आदि गलत हाथों तक पहुंच सकती है।
कार्यशाला के दौरान अपर जिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव, डीआईओ एनआईसी अर्पित जैन, साइबर सेल के अधिकारीगण, ईडीएम अंशुल खरे आदि मौजूद रहे।
साइबर ठगी होने पर ऐसे लें सहायता
कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि साइबर ठगी होने पर जनपद में स्थापित साइबर थाना पर संपर्क कर सकते हैं। साथ ही, प्रत्येक थाने में साइबर सेल स्थापित है। ऐसी घटना की सूचना तत्काल गोल्डन आवर के भीतर नजदीकी थाने में दें। इसके साथ ही टोल फ्री नंबर 1930, 112 एवं एनसीआरबी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। आपके बच्चे मोबाइल या इंटरनेट पर क्या देख रहे हैं, इसके बारे में माता पिता या अभिभावक को पता होना चाहिए। यदि बच्चा ज्यादातर समय गुमसुम रहता है, तो उसकी गतिविधियों की निगरानी करें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। सुरक्षित ढंग से इंटरनेट का इस्तेमाल करने से ही साइबर क्राइम में बचाव किया जा सकता है। जिलाधिकारी सत्यप्रकाश ने सेफर इंटरनेट डे पर जागरुकता के लिए आयोजित कार्यशाला में लोगों को सचेत किया। कहा कि एआई से परिचित की आवाज बनाकर साइबर अपराधी ठगी करते हैं। उन्होंने कलक्ट्रेट परिसर से जागरुकता बाइक रैली को रवाना किया।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि आज के समय में जब डिजिटल प्रयोग बढ़ गया है, ऐसे में इंटरनेट के उपयोग में हम सभी को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने डॉक्यूमेंट्री फिल्म के माध्यम से उपस्थित लोगों को साइबर अपराधों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी ने कहा कि आपको ध्यान रखना है कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई चीज नहीं होती। साथ ही उन्होंने अंजान वीडियो कॉल को न उठाने के लिए कहा, उन्होंने कहा कि एआई के माध्यम से वीडियो क्लोन व आवाजें बनाकर परिचित की आवाज बनाकर लोग बात करते हैं। इस बाद ठगी का शिकार बना लेते हैं।
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उन्होंने कहा कि साइबर ठग त्योहारों के मैसेज बनाकर फॉरवर्ड करते रहते हैं, ऐसे लिंक वाले मैसेज पर कतई क्लिक न करें। इससे आपका मोबाइल पूरी तरह से हैक हो सकता है और आपकी निजी जानकारी जैसे फोटो, पर्सनल चैट या जरूरी दस्तावेज आदि गलत हाथों तक पहुंच सकती है।
कार्यशाला के दौरान अपर जिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव, डीआईओ एनआईसी अर्पित जैन, साइबर सेल के अधिकारीगण, ईडीएम अंशुल खरे आदि मौजूद रहे।
साइबर ठगी होने पर ऐसे लें सहायता
कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि साइबर ठगी होने पर जनपद में स्थापित साइबर थाना पर संपर्क कर सकते हैं। साथ ही, प्रत्येक थाने में साइबर सेल स्थापित है। ऐसी घटना की सूचना तत्काल गोल्डन आवर के भीतर नजदीकी थाने में दें। इसके साथ ही टोल फ्री नंबर 1930, 112 एवं एनसीआरबी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। आपके बच्चे मोबाइल या इंटरनेट पर क्या देख रहे हैं, इसके बारे में माता पिता या अभिभावक को पता होना चाहिए। यदि बच्चा ज्यादातर समय गुमसुम रहता है, तो उसकी गतिविधियों की निगरानी करें।
