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Lalitpur: गेहूं खरीद में घोटाला, 55 लाख रुपये के 2070 क्विंटल का गबन, समिति सचिव पर प्राथमिकी दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Published by: दीपक महाजन
Updated Wed, 08 Apr 2026 10:35 AM IST
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सार
जांच के दौरान समिति सचिव ने दावा किया कि शेष गेहूं 16 किसानों से मोबाइल खरीद के माध्यम से लिया गया है और किसानों के पास सुरक्षित है। लेकिन जांच में यह दावा गलत पाया गया, न तो किसानों के पास गेहूं मिला और न ही गोदाम में कोई स्टॉक उपलब्ध था।
गेहूं खरीद में हेराफेरी।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
सहकारी समिति पर गेहूं खरीद में 55 लाख रुपए के गबन का मामला सामने आने पर समिति सचिव राघवेंद्र चौहान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि राघवेंद्र ने 2070 क्विंटल गेहूं की हेराफेरी कर गबन किया है।
अपर जिला सहकारी अधिकारी रवि सिंह ने बताया कि अपर जिलाधिकारी ने गेहूं खरीद के लिए समिति सचिव राघवेन्द्र सिंह चौहान को क्रय केंद्र प्रभारी नामित किया गया था। उन्हें किसानों से गेंहूं खरीदकर भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को डिलिवरी देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। आरोप है कि उन्होंने उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करते हुए सहकारी कुर्क अमीन रज्जन लाल श्रीवास्तव को केंद्र प्रभारी बना दिया। खाद्य एवं रसद विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के अनुसार केंद्र पर 73 किसानों से कुल 5719.50 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई, जबकि इसके सापेक्ष केवल 3648.53 कुंतल गेहूं ही एफसीआई को डिलिवर किया गया। शेष 2070.96 कुंतल गेहूं न तो गोदाम में मिला और न ही उसकी डिलिवरी कराई गई। मामले की जांच सहायक आयुक्त व सहायक निबंधक सहकारिता के निर्देश पर अपर जिला सहकारी अधिकारी व जिला प्रबंधक पीसीएफ की संयुक्त टीम ने 12 जून 2025 को की।
गाेदाम में नहीं मिला स्टॉक
जांच के दौरान समिति सचिव ने दावा किया कि शेष गेहूं 16 किसानों से मोबाइल खरीद के माध्यम से लिया गया है और किसानों के पास सुरक्षित है। लेकिन जांच में यह दावा गलत पाया गया, न तो किसानों के पास गेहूं मिला और न ही गोदाम में कोई स्टॉक उपलब्ध था। विभागीय अधिकारियों द्वारा कई बार नोटिस जारी कर शेष गेहूं की डिलिवरी कराने के निर्देश दिए गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। कास्ट शीट के आधार पर गबन किए गए गेहूं की कीमत करीब 55.87 लाख रुपये आंकी गई।
प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू
अपर जिला सहकारी अधिकारी रवि सिंह की तहरीर पर कोतवाली सदर पुलिस ने समिति सचिव राघवेंद्र सिंह चौहान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लाखो रुपए का सामने आने से सहकारी विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। सीओ सदर सुनील भारद्वाज ने बताया कि तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच कर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
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अपर जिला सहकारी अधिकारी रवि सिंह ने बताया कि अपर जिलाधिकारी ने गेहूं खरीद के लिए समिति सचिव राघवेन्द्र सिंह चौहान को क्रय केंद्र प्रभारी नामित किया गया था। उन्हें किसानों से गेंहूं खरीदकर भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को डिलिवरी देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। आरोप है कि उन्होंने उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करते हुए सहकारी कुर्क अमीन रज्जन लाल श्रीवास्तव को केंद्र प्रभारी बना दिया। खाद्य एवं रसद विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के अनुसार केंद्र पर 73 किसानों से कुल 5719.50 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई, जबकि इसके सापेक्ष केवल 3648.53 कुंतल गेहूं ही एफसीआई को डिलिवर किया गया। शेष 2070.96 कुंतल गेहूं न तो गोदाम में मिला और न ही उसकी डिलिवरी कराई गई। मामले की जांच सहायक आयुक्त व सहायक निबंधक सहकारिता के निर्देश पर अपर जिला सहकारी अधिकारी व जिला प्रबंधक पीसीएफ की संयुक्त टीम ने 12 जून 2025 को की।
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गाेदाम में नहीं मिला स्टॉक
जांच के दौरान समिति सचिव ने दावा किया कि शेष गेहूं 16 किसानों से मोबाइल खरीद के माध्यम से लिया गया है और किसानों के पास सुरक्षित है। लेकिन जांच में यह दावा गलत पाया गया, न तो किसानों के पास गेहूं मिला और न ही गोदाम में कोई स्टॉक उपलब्ध था। विभागीय अधिकारियों द्वारा कई बार नोटिस जारी कर शेष गेहूं की डिलिवरी कराने के निर्देश दिए गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। कास्ट शीट के आधार पर गबन किए गए गेहूं की कीमत करीब 55.87 लाख रुपये आंकी गई।
प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू
अपर जिला सहकारी अधिकारी रवि सिंह की तहरीर पर कोतवाली सदर पुलिस ने समिति सचिव राघवेंद्र सिंह चौहान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लाखो रुपए का सामने आने से सहकारी विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। सीओ सदर सुनील भारद्वाज ने बताया कि तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच कर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।