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Lalitpur News: सात वर्ष बाद शुरू हुई पाली-बरेली रोडवेज बस सेवा
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर-पाली। जनपद में पाली-बरेली रोडवेज सेवा सात वर्ष बाद फिर से शुरू हो गई है। बसों का संचालन शुरू होने से पान की खेती करने वाली चार हजार की आबादी लाभान्वित होगी। साथ ही तहसील मुख्यालय से शाम को ललितपुर के लिए सीधी बस सेवा की सुविधा मिलेगी। राज्यमंत्री व अधिकारियों ने बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रोडवेज बस के संचालन का शुभारंभ विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर किया गया। तत्पश्चात श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ ने कहा कि क्षेत्र में बस का संचालन बंद होने से पान की खेती प्रभावित हो रही थी। यातायात की समस्या बनी हुई थी, इसके लिए मुख्यमंत्री से बस के संचालन की मांग की थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बस संचालन की स्वीकृति दी है। अब बस का संचालन शुरू हो गया है। इससे क्षेत्र में पान का कारोबार बढ़ेगा। क्षेत्र के लोगों को जिला व मंडल मुख्यालय तक आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी। नगर पंचायत अध्यक्ष मनीष तिवारी ने कहा कि बसों का संचालन होने से आवागमन सुगम होगा। पान की खेती को बढ़ावा मिलेगा। किसानों को आर्थिक संकट से निजात मिलेगी। क्षेत्रीय प्रबंधक उमेश चंद्र आर्य ने कहा कि राज्यमंत्री के प्रयास से बस संचालन की सुविधा मिली है। जल्द ही बालाबेहट से पाली ललितपुर होकर झांसी के लिए बस सेवा शुरू होगी। इस दौरान उप जिलाधिकारी घनश्याम भारतीय, ललितपुर डिपो प्रभारी संदीप मकरारिया, एआरएम वित्त पंकज सक्सेना, श्याम दुबे, के के गोस्वामी, करन सिंह समेत अन्य अधिकारी व क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।
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700 परिवारों की 4000 आबादी होगी लाभान्वित
बसों का संचालन शुरू होने से कस्बा पाली के लगभग 700 पान की खेती करने वाले किसान परिवारों को सुविधा होगी। अब किसान सीधे कम लागत में समय पर पान बरेली पहुंचा सकेंगे। सुविधा मिलने से पान की खेती को बढ़ावा मिलेगा। सुविधा शुरू होने से चार हजार से अधिक की आबादी को लाभ मिलेगा।
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वर्ष 2019 में बस का संचालन हुआ था बंद
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने वर्ष 2015 में पाली-बरेली रोडवेज बस सेवा शुरू की थी। बस का संचालन होने से पाली क्षेत्र के पान के किसानों को सुविधा हो गई थी। इन बसों से पान कम लागत में बरेली तक पहुंच रहे थे। समय से पान पहुंचने से किसान नुकसान से बच जाते थे। इससे पान की खेती करने वाले किसान आबाद बने हुए थे। लेकिन, सात वर्ष पूर्व 2019 में बस का संचालन बंद कर दिया गया। इससे पान की खेती करने वाले किसान प्रभावित हो रहे थे। हालत यह हो गई थी कि पान की खेती करनेवाले किसानों की संख्या दो हजार से घटकर महज पांच सौ रह गई थी। वहीं पान की खेती का दायरा भी हजारों एकड़ से सिमट कर सैकड़ों एकड़ तक रह गया था।
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अमर उजाला ने उठाया था बस का मुद्दा
पाली से बरेली जाने वाली बस के बंद होने के बाद क्षेत्र में पान कारोबारी प्रभावित होने लगे थे। उनका कहना था कि निजी संसाधनों से बरेली तक पान पहुंचाना काफी महंगा पड़ रहा है जिसके चलते कई पान उत्पादकों ने पान की खेती ही बंद कर दी थी। पान कारोबारियों की इस समस्या को ‘अमर उजाला’ ने कई बार प्रमुखता से प्रकाशित कर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि से लेकर अफसरों तक बात पहुंचाई थी।
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ललितपुर-पाली। जनपद में पाली-बरेली रोडवेज सेवा सात वर्ष बाद फिर से शुरू हो गई है। बसों का संचालन शुरू होने से पान की खेती करने वाली चार हजार की आबादी लाभान्वित होगी। साथ ही तहसील मुख्यालय से शाम को ललितपुर के लिए सीधी बस सेवा की सुविधा मिलेगी। राज्यमंत्री व अधिकारियों ने बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रोडवेज बस के संचालन का शुभारंभ विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर किया गया। तत्पश्चात श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ ने कहा कि क्षेत्र में बस का संचालन बंद होने से पान की खेती प्रभावित हो रही थी। यातायात की समस्या बनी हुई थी, इसके लिए मुख्यमंत्री से बस के संचालन की मांग की थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बस संचालन की स्वीकृति दी है। अब बस का संचालन शुरू हो गया है। इससे क्षेत्र में पान का कारोबार बढ़ेगा। क्षेत्र के लोगों को जिला व मंडल मुख्यालय तक आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी। नगर पंचायत अध्यक्ष मनीष तिवारी ने कहा कि बसों का संचालन होने से आवागमन सुगम होगा। पान की खेती को बढ़ावा मिलेगा। किसानों को आर्थिक संकट से निजात मिलेगी। क्षेत्रीय प्रबंधक उमेश चंद्र आर्य ने कहा कि राज्यमंत्री के प्रयास से बस संचालन की सुविधा मिली है। जल्द ही बालाबेहट से पाली ललितपुर होकर झांसी के लिए बस सेवा शुरू होगी। इस दौरान उप जिलाधिकारी घनश्याम भारतीय, ललितपुर डिपो प्रभारी संदीप मकरारिया, एआरएम वित्त पंकज सक्सेना, श्याम दुबे, के के गोस्वामी, करन सिंह समेत अन्य अधिकारी व क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।
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700 परिवारों की 4000 आबादी होगी लाभान्वित
बसों का संचालन शुरू होने से कस्बा पाली के लगभग 700 पान की खेती करने वाले किसान परिवारों को सुविधा होगी। अब किसान सीधे कम लागत में समय पर पान बरेली पहुंचा सकेंगे। सुविधा मिलने से पान की खेती को बढ़ावा मिलेगा। सुविधा शुरू होने से चार हजार से अधिक की आबादी को लाभ मिलेगा।
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वर्ष 2019 में बस का संचालन हुआ था बंद
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने वर्ष 2015 में पाली-बरेली रोडवेज बस सेवा शुरू की थी। बस का संचालन होने से पाली क्षेत्र के पान के किसानों को सुविधा हो गई थी। इन बसों से पान कम लागत में बरेली तक पहुंच रहे थे। समय से पान पहुंचने से किसान नुकसान से बच जाते थे। इससे पान की खेती करने वाले किसान आबाद बने हुए थे। लेकिन, सात वर्ष पूर्व 2019 में बस का संचालन बंद कर दिया गया। इससे पान की खेती करने वाले किसान प्रभावित हो रहे थे। हालत यह हो गई थी कि पान की खेती करनेवाले किसानों की संख्या दो हजार से घटकर महज पांच सौ रह गई थी। वहीं पान की खेती का दायरा भी हजारों एकड़ से सिमट कर सैकड़ों एकड़ तक रह गया था।
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अमर उजाला ने उठाया था बस का मुद्दा
पाली से बरेली जाने वाली बस के बंद होने के बाद क्षेत्र में पान कारोबारी प्रभावित होने लगे थे। उनका कहना था कि निजी संसाधनों से बरेली तक पान पहुंचाना काफी महंगा पड़ रहा है जिसके चलते कई पान उत्पादकों ने पान की खेती ही बंद कर दी थी। पान कारोबारियों की इस समस्या को ‘अमर उजाला’ ने कई बार प्रमुखता से प्रकाशित कर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि से लेकर अफसरों तक बात पहुंचाई थी।