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Lalitpur News: नवागढ़ में वर्षायोग स्थापना एवं गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धापूर्वक हुआ संपन्न
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संवाद न्यूज एजेंसी
सौजना। भगवान अरनाथ के प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में बुधवार को मुनि मंगलानंद सागर महाराज एवं मुनि मंगलसागर महाराज के वर्षायोग (चातुर्मास) स्थापना का मांगलिक समारोह सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में श्रद्धा एवं भक्ति के वातावरण में हुआ।
प्रचारमंत्री डॉ. सुनील जैन ‘संचय’ ने बताया कि इस अवसर पर हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों से पधारे श्रद्धालुओं ने गुरुदेव के प्रति अटूट श्रद्धा व्यक्त करते हुए जिनवाणी समर्पित कर धर्मलाभ प्राप्त किया। चरण प्रक्षालन का सौभाग्य राहुल जैन फरीदाबाद एवं उनके परिवार को प्राप्त हुआ। जिनवाणी भेंट करने का सौभाग्य ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत, शिखरचंद जैन एवं पुष्पा परिवार और गिरीश कुमार जैन एवं पूनम देवी (अहमदाबाद) को मिला।
मुनि मंगलानंद सागर महाराज ने कहा कि चातुर्मास केवल साधु-संतों की साधना का काल नहीं, बल्कि श्रावकों के लिए भी आत्मसंयम, स्वाध्याय और धर्माराधना का विशेष अवसर है। उन्होंने कहा कि वर्षाकाल में अनावश्यक समारंभों एवं हिंसात्मक प्रवृत्तियों से बचते हुए प्रत्येक कार्य विवेक पूर्वक करना चाहिए, जिससे सूक्ष्म जीवों की अनावश्यक विराधना न हो। चातुर्मास के प्रथम कलश का सौभाग्य गिरीश कुमार जैन एवं पूनम देवी, द्वितीय कलश निर्मल कुमार एवं सनी जैन, तृतीय कलश संतोष कुमार एवं संजीव कुमार जैन, चतुर्थ कलश राजशेखर, कुसुम जैन एवं मनोज जैन , पंचम कलश प्रमोद चौधरी परिवार और षष्ठम कलश अभिषेक कुमार को प्राप्त हुआ।
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सौजना। भगवान अरनाथ के प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में बुधवार को मुनि मंगलानंद सागर महाराज एवं मुनि मंगलसागर महाराज के वर्षायोग (चातुर्मास) स्थापना का मांगलिक समारोह सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में श्रद्धा एवं भक्ति के वातावरण में हुआ।
प्रचारमंत्री डॉ. सुनील जैन ‘संचय’ ने बताया कि इस अवसर पर हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों से पधारे श्रद्धालुओं ने गुरुदेव के प्रति अटूट श्रद्धा व्यक्त करते हुए जिनवाणी समर्पित कर धर्मलाभ प्राप्त किया। चरण प्रक्षालन का सौभाग्य राहुल जैन फरीदाबाद एवं उनके परिवार को प्राप्त हुआ। जिनवाणी भेंट करने का सौभाग्य ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत, शिखरचंद जैन एवं पुष्पा परिवार और गिरीश कुमार जैन एवं पूनम देवी (अहमदाबाद) को मिला।
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मुनि मंगलानंद सागर महाराज ने कहा कि चातुर्मास केवल साधु-संतों की साधना का काल नहीं, बल्कि श्रावकों के लिए भी आत्मसंयम, स्वाध्याय और धर्माराधना का विशेष अवसर है। उन्होंने कहा कि वर्षाकाल में अनावश्यक समारंभों एवं हिंसात्मक प्रवृत्तियों से बचते हुए प्रत्येक कार्य विवेक पूर्वक करना चाहिए, जिससे सूक्ष्म जीवों की अनावश्यक विराधना न हो। चातुर्मास के प्रथम कलश का सौभाग्य गिरीश कुमार जैन एवं पूनम देवी, द्वितीय कलश निर्मल कुमार एवं सनी जैन, तृतीय कलश संतोष कुमार एवं संजीव कुमार जैन, चतुर्थ कलश राजशेखर, कुसुम जैन एवं मनोज जैन , पंचम कलश प्रमोद चौधरी परिवार और षष्ठम कलश अभिषेक कुमार को प्राप्त हुआ।
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