{"_id":"698a30dc338ea547ab0fedd0","slug":"religious-tourist-spot-to-be-built-in-pali-with-an-investment-of-rs-166-crore-lalitpur-news-c-131-1-ltp1001-151329-2026-02-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: पाली में 1.66 करोड़ से तैयार होगा धार्मिक पर्यटन स्थल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: पाली में 1.66 करोड़ से तैयार होगा धार्मिक पर्यटन स्थल
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। भगवान नीलकंठेश्वर की नगरी पाली में धार्मिक पर्यटन के लिए प्रदेश सरकार ने 1.66 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। नगर पंचायत अध्यक्ष मनीष तिवारी की पहल पर मिले इस बजट से मंदिर मार्ग पर पर्यटकों के लिए आश्रय स्थल, संत आश्रय व प्रवचन स्थल और पर्यटन सूचना केंद्र बनाया जा रहा है।
पाली नगर पंचायत क्षेत्र स्थित भगवान नीलकंठेश्वर की प्राचीन त्रिदेव मूर्ति के दर्शन करने के लिए दूरदराज से प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु आते हैं। सावन के सोमवार और शिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में पहुंच जाती है लेकिन नगर से करीब तीन किमी का रास्ता तय कर यहां आने वाले श्रद्धालुओं को रास्ते में विश्राम स्थल अथवा शीतल जल की कोई व्यवस्था नहीं थी।
नगर पंचायत अध्यक्ष ने विकास कार्यों का प्रस्ताव शासन को भेजा था। श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने पर सड़क संकरी हो जाती है। इसके लिए शनि मंदिर से नीलकंठेश्वर मंदिर तक करीब 200 मीटर सड़क चौड़ी की जाएगी।
ये है वाटर कियोस्क : वाटर कियोस्क या वाटर एटीएम ऐसे स्वचालित केंद्र है, जो पानी की कमी वाले क्षेत्रों में कम कीमत पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराते हैं। ये सौर ऊर्जा अथवा बिजली से चलते हैं। रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) तकनीक से पानी शुद्ध करते हैं। इससे कार्ड या सिक्के के माध्यम से 24 घंटे पानी ले सकते हैं।
Trending Videos
ललितपुर। भगवान नीलकंठेश्वर की नगरी पाली में धार्मिक पर्यटन के लिए प्रदेश सरकार ने 1.66 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। नगर पंचायत अध्यक्ष मनीष तिवारी की पहल पर मिले इस बजट से मंदिर मार्ग पर पर्यटकों के लिए आश्रय स्थल, संत आश्रय व प्रवचन स्थल और पर्यटन सूचना केंद्र बनाया जा रहा है।
पाली नगर पंचायत क्षेत्र स्थित भगवान नीलकंठेश्वर की प्राचीन त्रिदेव मूर्ति के दर्शन करने के लिए दूरदराज से प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु आते हैं। सावन के सोमवार और शिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में पहुंच जाती है लेकिन नगर से करीब तीन किमी का रास्ता तय कर यहां आने वाले श्रद्धालुओं को रास्ते में विश्राम स्थल अथवा शीतल जल की कोई व्यवस्था नहीं थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर पंचायत अध्यक्ष ने विकास कार्यों का प्रस्ताव शासन को भेजा था। श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने पर सड़क संकरी हो जाती है। इसके लिए शनि मंदिर से नीलकंठेश्वर मंदिर तक करीब 200 मीटर सड़क चौड़ी की जाएगी।
ये है वाटर कियोस्क : वाटर कियोस्क या वाटर एटीएम ऐसे स्वचालित केंद्र है, जो पानी की कमी वाले क्षेत्रों में कम कीमत पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराते हैं। ये सौर ऊर्जा अथवा बिजली से चलते हैं। रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) तकनीक से पानी शुद्ध करते हैं। इससे कार्ड या सिक्के के माध्यम से 24 घंटे पानी ले सकते हैं।
