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Lalitpur News: टीईटी पर शिक्षा राज्यमंत्री के दिए गए बयान पर बिफरे शिक्षक, वक्तव्य की प्रतियां जलाकर जताया विरोध
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- उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले गिन्नौट बाग में एकत्रित हुए थे शिक्षक-शिक्षिकाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शिक्षकों पर टीईटी को लेकर केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री के दिए गए बयान को लेकर बुधवार को सैकड़ों की संख्या में शिक्षक-शिक्षिकों ने उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले विरोध प्रदर्शन किया। राज्यमंत्री के वक्तव्य की प्रतियां जलाकर विरोध जताया।
जिलाध्यक्ष राजेश लिटौरिया के नेतृत्व में बुधवार को गिन्नौट बाग में सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं एकत्र हुए। यहां केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी के बयान को गैर जिम्मेदाराना बताते हुए उसकी निंदा की गई और उनके वक्तव्य की प्रतियां जलाई गईं। शिक्षकों ने कहा कि उनकी नौकरी तत्कालीन नियमों एवं तत्कालीन अर्हताओं के आधार पर आज से कई वर्ष पूर्व लगी थी। आरटीई एक्ट उनकी नियुक्ति के कई वर्षों बाद लागू हुआ। ऐसी स्थिति में शिक्षकों को सेवा में बने रहने एवं पदोन्नति के लिए टेट की अनिवार्यता किया जाना पूर्णतया नियम विरुद्ध है। सर्वोच्च न्यायालय के इस आदेश पर केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, पूरे देश के 20 लाख से अधिक शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के राज्यमंत्री जयंत चौधरी शिक्षकों के साथ वार्ता में जो बयान देते हैं, संसद में उसके विपरीत बयान दे रहे हैं। देश के 20 लाख शिक्षक जो निर्धारित योग्यता हासिल करके शिक्षक बने हैं, उन्हें सेवा में आने के 20-25 वर्ष बाद वर्तमान की योग्यता हासिल करने को बाध्य करना न्यायोचित नहीं है। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी के बयान की जितनी निंदा की जाए वह कम है। शिक्षकों ने यह भी कहा कि देश के नागरिक अपने सांसद इसलिए चुनते हैं कि संसद में उनके हितों की रक्षा करेंगे। देश की संसद में सभी राज्यों से सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने पिछले संसद सत्र में इस विषय को उठाया था। इस दौरान जिला मंत्री अरुण गोस्वामी, कोषाध्यक्ष संतोष रजक, कृष्ण कुमार पाठक, अर्चना तिवारी, शोभना शांडिल्य, ज्योति व्यास, आलोक गुप्ता, पवन स्वरूप पटेरिया, रामकुमार पाठक, शिल्पी गुप्ता, आलोक श्रीवास्तव, हीरा झा, प्राची सिंघई, अंशू गुप्ता सहित भारी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
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ललितपुर। शिक्षकों पर टीईटी को लेकर केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री के दिए गए बयान को लेकर बुधवार को सैकड़ों की संख्या में शिक्षक-शिक्षिकों ने उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले विरोध प्रदर्शन किया। राज्यमंत्री के वक्तव्य की प्रतियां जलाकर विरोध जताया।
जिलाध्यक्ष राजेश लिटौरिया के नेतृत्व में बुधवार को गिन्नौट बाग में सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं एकत्र हुए। यहां केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी के बयान को गैर जिम्मेदाराना बताते हुए उसकी निंदा की गई और उनके वक्तव्य की प्रतियां जलाई गईं। शिक्षकों ने कहा कि उनकी नौकरी तत्कालीन नियमों एवं तत्कालीन अर्हताओं के आधार पर आज से कई वर्ष पूर्व लगी थी। आरटीई एक्ट उनकी नियुक्ति के कई वर्षों बाद लागू हुआ। ऐसी स्थिति में शिक्षकों को सेवा में बने रहने एवं पदोन्नति के लिए टेट की अनिवार्यता किया जाना पूर्णतया नियम विरुद्ध है। सर्वोच्च न्यायालय के इस आदेश पर केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, पूरे देश के 20 लाख से अधिक शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के राज्यमंत्री जयंत चौधरी शिक्षकों के साथ वार्ता में जो बयान देते हैं, संसद में उसके विपरीत बयान दे रहे हैं। देश के 20 लाख शिक्षक जो निर्धारित योग्यता हासिल करके शिक्षक बने हैं, उन्हें सेवा में आने के 20-25 वर्ष बाद वर्तमान की योग्यता हासिल करने को बाध्य करना न्यायोचित नहीं है। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी के बयान की जितनी निंदा की जाए वह कम है। शिक्षकों ने यह भी कहा कि देश के नागरिक अपने सांसद इसलिए चुनते हैं कि संसद में उनके हितों की रक्षा करेंगे। देश की संसद में सभी राज्यों से सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने पिछले संसद सत्र में इस विषय को उठाया था। इस दौरान जिला मंत्री अरुण गोस्वामी, कोषाध्यक्ष संतोष रजक, कृष्ण कुमार पाठक, अर्चना तिवारी, शोभना शांडिल्य, ज्योति व्यास, आलोक गुप्ता, पवन स्वरूप पटेरिया, रामकुमार पाठक, शिल्पी गुप्ता, आलोक श्रीवास्तव, हीरा झा, प्राची सिंघई, अंशू गुप्ता सहित भारी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
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