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Lalitpur News: गोविंद सागर और शहजाद बांध के जीर्णोद्धार के लिए करना होगा इंतजार
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पुनर्वास एवं सुधार योजना ड्रिप फेज-2 के तहत विश्व बैंक ने पीएसटी को नहीं दिया अनुमोदन
गोविंद सागर बांध के लिए 18.88 करोड़ और शहजाद बांध के लिए 9.45 करोड़ रुपये स्वीकृत
अशोक तिवारी
ललितपुर। जिले में बांध पुनर्वास और सुधार योजना के तहत चयनित किए गए गोविंद सागर और शहजाद बांध के जीर्णोद्धार के लिए लोगों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। इसके विश्व बैंक से पीएसटी (प्रोजेक्ट स्पोर्ट टीम) अनुमोदित न होने के कारण निविदा प्रक्रिया नहीं हो पाई। अब अगले वित्तीय वर्ष में पीएसटी के अनुमोदित होने की उम्मीद है।
जनपद के सबसे प्रमुख बांधों में शुमार गोविंद सागर और शहजाद बांध को वित्तीय वर्ष 2019-20 में विश्व बैंक की पुनर्वास और सुधार योजना ड्रिप फेज-2 के तहत चयनित किया गया था। इसमें बांधों के जीर्णोद्धार के लिए विश्व बैंक 70 फीसदी और राज्य सरकार 30 फीसदी धनराशि देती है। गोविंद सागर बांध के लिए 18.88 करोड़ और शहजाद बांध के लिए 9.45 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। इस धनराशि से बांध में लीकेज सहित अन्य सुधार कार्य कराया जाना शामिल है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए गोविंद सागर बांध के लिए 8 करोड़ रुपये और शहजाद बांध के लिए 5 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया था। इसके बाद सिंचाई विभाग ने विश्व बैंक से निविदा प्रक्रिया के लिए अनुमति मांगी लेकिन विश्व बैंक ने पीएसटी को अनुमाेदित नहीं किया गया। इस कारण इस वित्तीय वर्ष में निविदा प्रक्रिया नहीं हो पाई। अब वित्तीय वर्ष समाप्त होने वाला है। इसके चलते सिंचाई विभाग इन दोनों बांधों के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट की धनराशि को लौटाने का प्रस्ताव तैयार कर रहा है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, अब अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 में यह प्रक्रिया पुन: शुरू की जाएगी और विश्व बैंक से निविदा के लिए पीएसटी का अनुमोदन मांगा जाएगा। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि अगले वित्तीय वर्ष में निविदा करने का अनुमोदन मिल जाएगा।
ये होंगे जीर्णोद्धार के काम
गोविंद सागर और शहजाद बांध के मैनुअल गेटों को ऑटोमेटिक, बांध के अपस्ट्रीम में पिचिंग, कंक्रीट स्पिल-वे का निर्माण, सीपेज-लीकेज का सुधार, गेटों के पास लाइट, डाउन स्ट्रीम का सुदृढ़ीकरण, पैराविट की रिपेयरिंग, नहरों के गेटों पर प्रोटेक्शन शेड लगाए जाएंगे। इसके साथ बांधों की सुरक्षा ड्यूटी सहित निगरानी के लिए टाइप वन स्तर के आवासों का निर्माण किया जाएगा।
गोविंद सागर बांध पर एक नजर
1952 में निर्माण - 18 गेट प्रणाली
तीन ऑटोमेटिक साइफन प्रणाली
96.84 एमसीएम पानी भंडारण क्षमता
15.77 एमसीएम पेयजल के लिए आरक्षित
60 एमसीएम सिंचाई के लिए आरक्षित
190 किलोमीटर नहर प्रणाली
10800 हेक्टेयर भूमि सिंचाई की क्षमता
एक नजर में शहजाद बांध
- 321.00 मीटर पूर्ण जलस्तर
- 310.50 मीटर न्यूनतम जलस्तर
- 114.39 एमसीएम पानी भंडारण क्षमता
- 116.60 किलोमीटर नहर प्रणाली
- 14403 हेक्टेयर भूमि सिंचित क्षमता
वर्जन
पुनर्वास एवं सुधार योजना ड्रिप फेज-2 के तहत विश्व बैंक ने दोनों बांधों के लिए पीएसटी को अनुमोदित नहीं किया है। इस कारण से निविदा प्रक्रिया इस वित्तीय वर्ष में नहीं हो पाई। अब अगले वित्तीय वर्ष में फिर विश्व बैंक से पत्राचार किया जाएगा - शैलेष कुमार, अधिशासी अभियंता, राजघाट निर्माण खंड
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गोविंद सागर बांध के लिए 18.88 करोड़ और शहजाद बांध के लिए 9.45 करोड़ रुपये स्वीकृत
अशोक तिवारी
ललितपुर। जिले में बांध पुनर्वास और सुधार योजना के तहत चयनित किए गए गोविंद सागर और शहजाद बांध के जीर्णोद्धार के लिए लोगों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। इसके विश्व बैंक से पीएसटी (प्रोजेक्ट स्पोर्ट टीम) अनुमोदित न होने के कारण निविदा प्रक्रिया नहीं हो पाई। अब अगले वित्तीय वर्ष में पीएसटी के अनुमोदित होने की उम्मीद है।
जनपद के सबसे प्रमुख बांधों में शुमार गोविंद सागर और शहजाद बांध को वित्तीय वर्ष 2019-20 में विश्व बैंक की पुनर्वास और सुधार योजना ड्रिप फेज-2 के तहत चयनित किया गया था। इसमें बांधों के जीर्णोद्धार के लिए विश्व बैंक 70 फीसदी और राज्य सरकार 30 फीसदी धनराशि देती है। गोविंद सागर बांध के लिए 18.88 करोड़ और शहजाद बांध के लिए 9.45 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। इस धनराशि से बांध में लीकेज सहित अन्य सुधार कार्य कराया जाना शामिल है।
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वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए गोविंद सागर बांध के लिए 8 करोड़ रुपये और शहजाद बांध के लिए 5 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया था। इसके बाद सिंचाई विभाग ने विश्व बैंक से निविदा प्रक्रिया के लिए अनुमति मांगी लेकिन विश्व बैंक ने पीएसटी को अनुमाेदित नहीं किया गया। इस कारण इस वित्तीय वर्ष में निविदा प्रक्रिया नहीं हो पाई। अब वित्तीय वर्ष समाप्त होने वाला है। इसके चलते सिंचाई विभाग इन दोनों बांधों के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट की धनराशि को लौटाने का प्रस्ताव तैयार कर रहा है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, अब अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 में यह प्रक्रिया पुन: शुरू की जाएगी और विश्व बैंक से निविदा के लिए पीएसटी का अनुमोदन मांगा जाएगा। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि अगले वित्तीय वर्ष में निविदा करने का अनुमोदन मिल जाएगा।
ये होंगे जीर्णोद्धार के काम
गोविंद सागर और शहजाद बांध के मैनुअल गेटों को ऑटोमेटिक, बांध के अपस्ट्रीम में पिचिंग, कंक्रीट स्पिल-वे का निर्माण, सीपेज-लीकेज का सुधार, गेटों के पास लाइट, डाउन स्ट्रीम का सुदृढ़ीकरण, पैराविट की रिपेयरिंग, नहरों के गेटों पर प्रोटेक्शन शेड लगाए जाएंगे। इसके साथ बांधों की सुरक्षा ड्यूटी सहित निगरानी के लिए टाइप वन स्तर के आवासों का निर्माण किया जाएगा।
गोविंद सागर बांध पर एक नजर
1952 में निर्माण - 18 गेट प्रणाली
तीन ऑटोमेटिक साइफन प्रणाली
96.84 एमसीएम पानी भंडारण क्षमता
15.77 एमसीएम पेयजल के लिए आरक्षित
60 एमसीएम सिंचाई के लिए आरक्षित
190 किलोमीटर नहर प्रणाली
10800 हेक्टेयर भूमि सिंचाई की क्षमता
एक नजर में शहजाद बांध
- 321.00 मीटर पूर्ण जलस्तर
- 310.50 मीटर न्यूनतम जलस्तर
- 114.39 एमसीएम पानी भंडारण क्षमता
- 116.60 किलोमीटर नहर प्रणाली
- 14403 हेक्टेयर भूमि सिंचित क्षमता
वर्जन
पुनर्वास एवं सुधार योजना ड्रिप फेज-2 के तहत विश्व बैंक ने दोनों बांधों के लिए पीएसटी को अनुमोदित नहीं किया है। इस कारण से निविदा प्रक्रिया इस वित्तीय वर्ष में नहीं हो पाई। अब अगले वित्तीय वर्ष में फिर विश्व बैंक से पत्राचार किया जाएगा - शैलेष कुमार, अधिशासी अभियंता, राजघाट निर्माण खंड
