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Maharajganj News: सड़क सुरक्षा अभियान में फीड हुआ 10 वाहनों का डाटा
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आईएसवीएमपी पोर्टल पर फीड हो रहा स्कूल वाहनों का विवरण
एक अप्रैल से प्रभावी है परिवहन विभाग का अभियान
महराजगंज। सड़क सुरक्षा अभियान जिले में एक अप्रैल से प्रभावी है। एआरटीओ की अगुवाई में स्कूल वाहनों का डाटा आईएसवीएमपी पोर्टल पर फीड हो रहा है। दो दिन में कुल 10 स्कूल वाहनों का विवरण फीड किया गया।
निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर शासन स्तर से प्रत्येक जिले में एक अप्रैल से सड़क सुरक्षा के अंतर्गत स्कूल व स्कूल में संचालित वाहनों की संख्या व मौजूदा समय में उन वाहनों की स्थिति का विवरण विभाग की तरफ से विकसित आईएसवीएमपी पोर्टल पर फीड किया जा रहा है। बुधवार व बृहस्पतिवार को एआरटीओ मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में प्रवर्तन टीम ने कुल 10 निजी स्कूलों का विवरण रियल टाइम अपडेशन के अनुरूप स्कूल परिसर में पहुंचकर फीड कराया। विवरण फीड किए जाने से पहले स्कूल वाहन के हर पहलू का विवरण दर्ज किया जा रहा है। बुधवार को चार निजी स्कूलों का विवरण फीड हुआ और बृहस्पतिवार को सात का डाटा अपलोड किया गया।
यह डाटा किया जा रहा फीड
परिवहन आयुक्त की तरफ से विकसित आईएसवीएमपी पोर्टल (यूपी इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल) पर स्कूल का नाम, मान्यता देने वाला संस्थान, संचालित स्कूल वाहनों की संख्या, वाहन की उम्र, फिटनेस, बीमा, रंग, मानक, प्रदूषण, परमिट सहित कुल 25 बिंदु पर विवरण भरा जा रहा है। एआरटीओ कार्यालय से मिली सूची के मुताबिक जनपद में संचालित मान्यता प्राप्त स्कूलों में एक हजार से अधिक वाहन स्कूल वाहन के रूप में पंजीकृत हैं। इनका डाटा स्कूल परिसर में पहुंचकर एआरटीओ की उपस्थिति में प्रवर्तन दल के सदस्य फीड कर रहे।
यह देख सकते पोर्टल की सामग्री
आईएसवीएमपी पोर्टल पर फीड विवरण ट्रांसपोर्ट कमिश्नर, डीएम, आरटीओ, एआरटीओ, बेसिक शिक्षा अधिकारी, डीआईओएस, ट्रैफिक पुलिस व स्कूल मैनेजमेंट या एसएमसी के सदस्य देख सकते हैं। इसके लिए अलग-अलग यूजर आईडी जारी कर दी गई है। अभिभावक भी इस पर दर्ज विवरण ''नो योर चाइल्ड बस फेसेलिटी'' कॉलम में देख कर यह तय कर सकते हैं।
वर्जन
जनपद में सड़क सुरक्षा अभियान के तहत प्रवर्तन की कार्रवाई के साथ विवरण रियल टाइम ट्रैकिंग फीचर के साथ स्कूल पहुंचकर अपलोड कराई जा रही है। यह अभियान स्कूल वाहनों में बच्चों की सुरक्षा तय करने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रभावी हुई है।
-मनोज कुमार सिंह, एआरटीओ, महराजगंज
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एक अप्रैल से प्रभावी है परिवहन विभाग का अभियान
महराजगंज। सड़क सुरक्षा अभियान जिले में एक अप्रैल से प्रभावी है। एआरटीओ की अगुवाई में स्कूल वाहनों का डाटा आईएसवीएमपी पोर्टल पर फीड हो रहा है। दो दिन में कुल 10 स्कूल वाहनों का विवरण फीड किया गया।
निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर शासन स्तर से प्रत्येक जिले में एक अप्रैल से सड़क सुरक्षा के अंतर्गत स्कूल व स्कूल में संचालित वाहनों की संख्या व मौजूदा समय में उन वाहनों की स्थिति का विवरण विभाग की तरफ से विकसित आईएसवीएमपी पोर्टल पर फीड किया जा रहा है। बुधवार व बृहस्पतिवार को एआरटीओ मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में प्रवर्तन टीम ने कुल 10 निजी स्कूलों का विवरण रियल टाइम अपडेशन के अनुरूप स्कूल परिसर में पहुंचकर फीड कराया। विवरण फीड किए जाने से पहले स्कूल वाहन के हर पहलू का विवरण दर्ज किया जा रहा है। बुधवार को चार निजी स्कूलों का विवरण फीड हुआ और बृहस्पतिवार को सात का डाटा अपलोड किया गया।
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यह डाटा किया जा रहा फीड
परिवहन आयुक्त की तरफ से विकसित आईएसवीएमपी पोर्टल (यूपी इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल) पर स्कूल का नाम, मान्यता देने वाला संस्थान, संचालित स्कूल वाहनों की संख्या, वाहन की उम्र, फिटनेस, बीमा, रंग, मानक, प्रदूषण, परमिट सहित कुल 25 बिंदु पर विवरण भरा जा रहा है। एआरटीओ कार्यालय से मिली सूची के मुताबिक जनपद में संचालित मान्यता प्राप्त स्कूलों में एक हजार से अधिक वाहन स्कूल वाहन के रूप में पंजीकृत हैं। इनका डाटा स्कूल परिसर में पहुंचकर एआरटीओ की उपस्थिति में प्रवर्तन दल के सदस्य फीड कर रहे।
यह देख सकते पोर्टल की सामग्री
आईएसवीएमपी पोर्टल पर फीड विवरण ट्रांसपोर्ट कमिश्नर, डीएम, आरटीओ, एआरटीओ, बेसिक शिक्षा अधिकारी, डीआईओएस, ट्रैफिक पुलिस व स्कूल मैनेजमेंट या एसएमसी के सदस्य देख सकते हैं। इसके लिए अलग-अलग यूजर आईडी जारी कर दी गई है। अभिभावक भी इस पर दर्ज विवरण ''नो योर चाइल्ड बस फेसेलिटी'' कॉलम में देख कर यह तय कर सकते हैं।
वर्जन
जनपद में सड़क सुरक्षा अभियान के तहत प्रवर्तन की कार्रवाई के साथ विवरण रियल टाइम ट्रैकिंग फीचर के साथ स्कूल पहुंचकर अपलोड कराई जा रही है। यह अभियान स्कूल वाहनों में बच्चों की सुरक्षा तय करने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रभावी हुई है।
-मनोज कुमार सिंह, एआरटीओ, महराजगंज