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Maharajganj News: 20 घंटे रोके रखा शव...चार घंटे की मान-मनौव्वल के बाद किया अंतिम संस्कार
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कोल्हुई में युवक की मौत के बाद परिजनों से बातचीत करते एडिशनल एसपी।
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करीब चार घंटे तक मान-मन्नौवल में जुटे रहे एडिशनल एसपी
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद परिजन हुए राजी, शाम को किया अंतिम संस्कार
कोल्हुई। थाना क्षेत्र के ग्राम इलाहाबास टोला लखनपुर निवासी जितेंद्र मौर्य की इलाज के दौरान शुक्रवार की देर रात मौत हो गई। तीन अप्रैल को युवक बृजमनगंज थाना क्षेत्र के हबीबगढ़ में घायल अवस्था में मिला था। पत्नी अनिता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शुक्रवार को परिजन हत्या का आरोप लगा शव दरवाजे पर रखकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। करीब 20 घंटे तक युवक का शव दरवाजे पर पड़ा रहा। शनिवार की दोपहर मौके पर पहुंचे एडिशनल एसपी के करीब चार घंटे तक मान-मन्नौवल के बाद शाम छह बजे परिजन शव के अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। परिजन कुछ लोगों पर हत्या का आरोप लगा रहे थे।
जानकारी के अनुसार, तीन अप्रैल की शाम करीब छह बजे जितेंद्र घर से नाच देखने ग्राम कटहरिया गए थे। थोड़ी देर बाद उन्होंने फोन करके बताया कि वे प्रदुम्न दीवान की तैनाती स्थल थाना कोल्हुई से घर लौट रहे हैं। काफी समय बीतने के बावजूद वे घर नहीं पहुंचे। परिवार ने उनके मोबाइल पर बार-बार संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला। रात करीब 11:30 बजे भाई महेंद्र के फोन पर गांव के ही रिजवान का कॉल आया कि जितेंद्र का एक्सीडेंट हो गया है। सूचना पाकर परिवार के सदस्य महेंद्र, विजय और अन्य लोग बृजमनगंज थाना क्षेत्र के हबीबगढ़ पहुंचे। वहां पहले से विजय, अजय और अल्ताफ मौजूद थे। जितेंद्र घायल अवस्था में सड़क के किनारे पड़े थे। उनकी बाइक भी क्षतिग्रस्त हालत में किनारे खड़ी थी।
परिजन ग्रामीणों की मदद से जितेंद्र को घर लाए। इसके बाद जिला अस्पताल सिद्धार्थनगर ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें गोरखपुर रेफर कर दिया गया। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में आईसीयू बेड न मिलने के कारण एक निजी अस्पताल में चार से 8 अप्रैल तक जितेन्द्र का इलाज हुआ। सुधार न होने पर परिजन दूसरे अस्पताल ले गए। नौ अप्रैल को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार किया।
परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से किया इंकार
शुक्रवार की शाम करीब सात बजे जितेंद्र का शव गांव लाया गया। इसके बाद परिजनों हत्या का आरोप लगाते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। शव को घर के दरवाजे पर रख दिया गया। इसकी जानकारी मिलते ही बृजमनगंज कोल्हुई की पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को मनाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने। शनिवार की शाम को सीओ फरेंदा अनिरुद्ध कुमार और एएसपी सिद्धार्थ के चार घंटे के मान-मनौव्वल बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार करने को राजी हुए। देर शाम शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी
शव ले जाने के दौरान भारी पुलिस फोर्स तैनात रही। सीओ फरेंदा अनिरुद्ध कुमार और एएसपी सिद्धार्थ मौके पर मौजूद रहे। थानाध्यक्ष सत्य प्रकाश सिंह ने जांच शुरू कर दी है। मृतक की पत्नी अनीता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसमें बीएनएस की धारा 281 और 106(1) के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। थानाध्यक्ष सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिवार पर छाया मातम
जितेंद्र परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य थे। उनकी मौत से पूरे परिवार में गहरा शोक छा गया है। परिजन पुलिस से निष्पक्ष और गहन जांच की मांग कर रहे हैं। मोबाइल और पैसे गायब होने के कारण हत्या की आशंका मजबूत हो रही है। पुलिस इस बात की छानबीन कर रही है कि यह साधारण सड़क हादसा था या कोई साजिश। राते-रोते पत्नी अनिता बेहोश हो जा रही है। वहीं पिता राममिलन और भाई महेंद्र और विजय भी का भी रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के बच्चे नहीं हैं।
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प्राथमिकी दर्ज होने के बाद परिजन हुए राजी, शाम को किया अंतिम संस्कार
कोल्हुई। थाना क्षेत्र के ग्राम इलाहाबास टोला लखनपुर निवासी जितेंद्र मौर्य की इलाज के दौरान शुक्रवार की देर रात मौत हो गई। तीन अप्रैल को युवक बृजमनगंज थाना क्षेत्र के हबीबगढ़ में घायल अवस्था में मिला था। पत्नी अनिता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शुक्रवार को परिजन हत्या का आरोप लगा शव दरवाजे पर रखकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। करीब 20 घंटे तक युवक का शव दरवाजे पर पड़ा रहा। शनिवार की दोपहर मौके पर पहुंचे एडिशनल एसपी के करीब चार घंटे तक मान-मन्नौवल के बाद शाम छह बजे परिजन शव के अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। परिजन कुछ लोगों पर हत्या का आरोप लगा रहे थे।
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जानकारी के अनुसार, तीन अप्रैल की शाम करीब छह बजे जितेंद्र घर से नाच देखने ग्राम कटहरिया गए थे। थोड़ी देर बाद उन्होंने फोन करके बताया कि वे प्रदुम्न दीवान की तैनाती स्थल थाना कोल्हुई से घर लौट रहे हैं। काफी समय बीतने के बावजूद वे घर नहीं पहुंचे। परिवार ने उनके मोबाइल पर बार-बार संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला। रात करीब 11:30 बजे भाई महेंद्र के फोन पर गांव के ही रिजवान का कॉल आया कि जितेंद्र का एक्सीडेंट हो गया है। सूचना पाकर परिवार के सदस्य महेंद्र, विजय और अन्य लोग बृजमनगंज थाना क्षेत्र के हबीबगढ़ पहुंचे। वहां पहले से विजय, अजय और अल्ताफ मौजूद थे। जितेंद्र घायल अवस्था में सड़क के किनारे पड़े थे। उनकी बाइक भी क्षतिग्रस्त हालत में किनारे खड़ी थी।
परिजन ग्रामीणों की मदद से जितेंद्र को घर लाए। इसके बाद जिला अस्पताल सिद्धार्थनगर ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें गोरखपुर रेफर कर दिया गया। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में आईसीयू बेड न मिलने के कारण एक निजी अस्पताल में चार से 8 अप्रैल तक जितेन्द्र का इलाज हुआ। सुधार न होने पर परिजन दूसरे अस्पताल ले गए। नौ अप्रैल को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार किया।
परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से किया इंकार
शुक्रवार की शाम करीब सात बजे जितेंद्र का शव गांव लाया गया। इसके बाद परिजनों हत्या का आरोप लगाते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। शव को घर के दरवाजे पर रख दिया गया। इसकी जानकारी मिलते ही बृजमनगंज कोल्हुई की पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को मनाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने। शनिवार की शाम को सीओ फरेंदा अनिरुद्ध कुमार और एएसपी सिद्धार्थ के चार घंटे के मान-मनौव्वल बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार करने को राजी हुए। देर शाम शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी
शव ले जाने के दौरान भारी पुलिस फोर्स तैनात रही। सीओ फरेंदा अनिरुद्ध कुमार और एएसपी सिद्धार्थ मौके पर मौजूद रहे। थानाध्यक्ष सत्य प्रकाश सिंह ने जांच शुरू कर दी है। मृतक की पत्नी अनीता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसमें बीएनएस की धारा 281 और 106(1) के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। थानाध्यक्ष सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिवार पर छाया मातम
जितेंद्र परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य थे। उनकी मौत से पूरे परिवार में गहरा शोक छा गया है। परिजन पुलिस से निष्पक्ष और गहन जांच की मांग कर रहे हैं। मोबाइल और पैसे गायब होने के कारण हत्या की आशंका मजबूत हो रही है। पुलिस इस बात की छानबीन कर रही है कि यह साधारण सड़क हादसा था या कोई साजिश। राते-रोते पत्नी अनिता बेहोश हो जा रही है। वहीं पिता राममिलन और भाई महेंद्र और विजय भी का भी रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के बच्चे नहीं हैं।