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Maharajganj News: जीएसटी ने कर प्रणाली को पारदर्शी व एकीकृत बनाया
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गोरखपुर विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी के दाैरान स्मारिका का विमोचन करते अतिथि।
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गोरखपुर। उद्योगपति व गैलेंट के चेयरमैन चंद्र प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि जीएसटी ने देश की कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सरल और एकीकृत बनाया है। जीएसटी ने व्यापार और उद्योग को नई गति प्रदान की है।
वह सोमवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य शास्त्र और भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। 'भारत में जीएसटी : उपलब्धियां, चुनौतियां और आगे की राह' विषयक संगोष्ठी में उन्होंने जीएसटी के सभी पक्षों पर विचार रखे। अध्यक्षता कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने की। इस अवसर पर संगोष्ठी की स्मारिका व विभाग की ओर से प्रकाशित शोधपत्र का विमोचन किया गया।
मुख्य वक्ता दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. अजय कुमार सिंह ने जीएसटी की वर्तमान स्थिति, इसके क्रियान्वयन के अनुभव व भविष्य में आवश्यक नीतिगत सुधारों पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि स्टेट जीएसटी के संयुक्त आयुक्त आदित्य भारती ने प्रशासनिक पहलुओं की जानकारी दी। स्वागत विभागाध्यक्ष प्रो. श्रीवर्धन पाठक व आभार ज्ञापन प्रो. राजीव प्रभाकर ने किया। समन्वयन डॉ. सारिका गुप्ता ने किया। कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों के शिक्षाविदों, कर विशेषज्ञों, सीए, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने भागीदारी की।
तकनीकी सत्रों में 75 शोधपत्रों की प्रस्तुति
संगोष्ठी के तहत दो तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया। पहले तकनीकी सत्र में 51 और दूसरे में 24 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। पहले सत्र में 'जीएसटी : प्रोग्रेस एंड एचीवमेंट्स' और दूसरे में 'जीएसटी : रोडब्लॉक्स एंड लिमिटेशंस' विषय पर वक्ताओं ने विचार रखे। तकनीकी सत्रों का मार्गदर्शन प्रो. अजेय गुप्ता व संचालन डॉ. अंशु गुप्ता ने किया। समन्वयन प्रो. आरपी सिंह ने किया।
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वह सोमवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य शास्त्र और भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। 'भारत में जीएसटी : उपलब्धियां, चुनौतियां और आगे की राह' विषयक संगोष्ठी में उन्होंने जीएसटी के सभी पक्षों पर विचार रखे। अध्यक्षता कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने की। इस अवसर पर संगोष्ठी की स्मारिका व विभाग की ओर से प्रकाशित शोधपत्र का विमोचन किया गया।
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मुख्य वक्ता दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. अजय कुमार सिंह ने जीएसटी की वर्तमान स्थिति, इसके क्रियान्वयन के अनुभव व भविष्य में आवश्यक नीतिगत सुधारों पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि स्टेट जीएसटी के संयुक्त आयुक्त आदित्य भारती ने प्रशासनिक पहलुओं की जानकारी दी। स्वागत विभागाध्यक्ष प्रो. श्रीवर्धन पाठक व आभार ज्ञापन प्रो. राजीव प्रभाकर ने किया। समन्वयन डॉ. सारिका गुप्ता ने किया। कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों के शिक्षाविदों, कर विशेषज्ञों, सीए, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने भागीदारी की।
तकनीकी सत्रों में 75 शोधपत्रों की प्रस्तुति
संगोष्ठी के तहत दो तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया। पहले तकनीकी सत्र में 51 और दूसरे में 24 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। पहले सत्र में 'जीएसटी : प्रोग्रेस एंड एचीवमेंट्स' और दूसरे में 'जीएसटी : रोडब्लॉक्स एंड लिमिटेशंस' विषय पर वक्ताओं ने विचार रखे। तकनीकी सत्रों का मार्गदर्शन प्रो. अजेय गुप्ता व संचालन डॉ. अंशु गुप्ता ने किया। समन्वयन प्रो. आरपी सिंह ने किया।
