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Maharajganj News: पालकी पर आएंगी माता, हाथी पर होगा गमन
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इस बार पूरे नौ दिनों का होगा चैत्र नवरात्र, श्रद्धालु नौ दिन रह सकेंगे व्रत
19 मार्च से होगा शुरू, 28 को महाअष्टमी व 27 मार्च को होगी रामनवमी
गोरखपुर। इस वर्ष चैत्र नवरात्र 19 मार्च से प्रारंभ होकर पूरे नौ दिनों तक चलेगा, जिससे भक्त पूरे नौ दिन व्रत और पूजा-अर्चना कर सकेंगे। पहले दिन कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की आराधना शुरू होगी। नवमी तिथि पर कन्या पूजन और हवन किया जाएगा। चैत्र नवरात्र की नवमी को भगवान राम का जन्मोत्सव रामनवमी मनाया जाएगा। इस बार माता का आगमन पालकी (डोली) पर हो रहा है और उनका गमन हाथी पर होगा।
पंडित शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पालकी पर आगमन को आर्थिक मंदी, प्राकृतिक प्रकोप या कुछ चुनौतियों का संकेत माना जाता है। हाथी पर प्रस्थान समृद्धि, अच्छी बारिश और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक माना जाता है। पंचांग के अनुसार 19 मार्च को सुबह 6:02 बजे सूर्योदय के बाद चैत्र शुक्ल प्रतिपदा प्रारंभ होगी, इसी दिन से हिंदू नववर्ष का भी शुभारंभ माना जाएगा।
गोरखनाथ संस्कृत विद्यापीठ के साहित्य विभागाध्यक्ष डॉ. रोहित कुमार मिश्र ने बताया कि 25 मार्च को सप्तमी, 26 मार्च को महाअष्टमी और 27 मार्च को रामनवमी के साथ कन्या पूजन व हवन का विशेष महत्व रहेगा। वहीं नवरात्र व्रत का पारण 28 मार्च को दशमी तिथि में सुबह 10:06 बजे तक करना शुभ माना गया है। मंदिरों और घरों में अभी से नवरात्र की तैयारियां शुरू हो गई हैं और भक्त मां दुर्गा के स्वागत की तैयारी में जुट गए हैं। श्रद्धालु नौ दिनों तक पूजा, व्रत और भजन-कीर्तन के माध्यम से देवी की आराधना करेंगे।
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19 मार्च से होगा शुरू, 28 को महाअष्टमी व 27 मार्च को होगी रामनवमी
गोरखपुर। इस वर्ष चैत्र नवरात्र 19 मार्च से प्रारंभ होकर पूरे नौ दिनों तक चलेगा, जिससे भक्त पूरे नौ दिन व्रत और पूजा-अर्चना कर सकेंगे। पहले दिन कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की आराधना शुरू होगी। नवमी तिथि पर कन्या पूजन और हवन किया जाएगा। चैत्र नवरात्र की नवमी को भगवान राम का जन्मोत्सव रामनवमी मनाया जाएगा। इस बार माता का आगमन पालकी (डोली) पर हो रहा है और उनका गमन हाथी पर होगा।
पंडित शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पालकी पर आगमन को आर्थिक मंदी, प्राकृतिक प्रकोप या कुछ चुनौतियों का संकेत माना जाता है। हाथी पर प्रस्थान समृद्धि, अच्छी बारिश और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक माना जाता है। पंचांग के अनुसार 19 मार्च को सुबह 6:02 बजे सूर्योदय के बाद चैत्र शुक्ल प्रतिपदा प्रारंभ होगी, इसी दिन से हिंदू नववर्ष का भी शुभारंभ माना जाएगा।
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गोरखनाथ संस्कृत विद्यापीठ के साहित्य विभागाध्यक्ष डॉ. रोहित कुमार मिश्र ने बताया कि 25 मार्च को सप्तमी, 26 मार्च को महाअष्टमी और 27 मार्च को रामनवमी के साथ कन्या पूजन व हवन का विशेष महत्व रहेगा। वहीं नवरात्र व्रत का पारण 28 मार्च को दशमी तिथि में सुबह 10:06 बजे तक करना शुभ माना गया है। मंदिरों और घरों में अभी से नवरात्र की तैयारियां शुरू हो गई हैं और भक्त मां दुर्गा के स्वागत की तैयारी में जुट गए हैं। श्रद्धालु नौ दिनों तक पूजा, व्रत और भजन-कीर्तन के माध्यम से देवी की आराधना करेंगे।
