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Maharajganj News: पंजीकरण के बाद भी क्रय केंद्रों पर बिक्री नहीं कर सकेंगे हजारों किसान
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आठ अप्रैल से बिक्री में फार्मर आईडी अनिवार्यता लागू
160 क्रय केंद्र स्थापित, अब तक 60 किसानों ने की बिक्री
महराजगंज। शासन ने आठ अप्रैल से फार्मर आईडी की अनिवार्यता को लागू कर दिया है। फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराने वाले किसानों से गेहूं की खरीद नहीं की जाएगी। इस वजह से सरकारी क्रय केंद्रों पर गेंहू की बिक्री के रजिस्ट्री कराने वाले हजारों किसान बिक्री नहीं कर पाएंगे। जनपद में 55 हजार किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो सकी है।
जिले में गेहूं खरीद के लिए कुल 160 केंद्र बने हैं। इन केंद्रों पर 12,769 किसानों ने अब तक बिक्री के लिए पंजीकरण कराया। इनमें से कई किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो सकी है। सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य करने की वजह से हजार किसानों की परेशानी होगी। जिन किसानों ने अब तक रजिस्ट्री नहीं कराई है, उनसे खरीद नहीं होगी। ऐसे में जिले के हजारों किसान सरकारी खरीद लाभ से वंचित हो गए हैं। क्योंकि लगभग एक वर्ष से प्रभावी फार्मर रजिस्ट्री से अब तक सिर्फ 3.80 लाख किसान ही रजिस्ट्री बनवा सके हैं और 55 हज़ार अभी भी शेष हैं।
एक अप्रैल से आगाज, आठ को प्रभावी हुआ आदेश
अप्रैल के पहले सप्ताह में गेहूं खरीद का आगाज हो गया, लेकिन मात्र 60 किसान ही अपनी उपज बेंच सके हैं। अब तक बोरे की दिक्कत, सत्यापन से लेकर अन्य परेशानी थी। वहीं अब फार्मर रजिस्ट्री का नया पेंच आ गया है। शासन ने फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराने वाले किसानों से गेहूं न खरीदने का निर्देश दिया है।
मई से उर्वरक पर भी संकट
जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मई से बिना किसान रजिस्ट्री के उर्वरक सब्सिडी नहीं मिलेगी। वर्तमान में उर्वरकों का वितरण पॉश मशीनों के माध्यम से इंटीग्रेटेड फर्टीलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम (आईएफएमएस) से हो रहा है। मई से उर्वरकों का वितरण किसान पहचान पत्र और फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर होगा। इसके लिए आईएफएमएस पोर्टल को एग्रीस्टेक पोर्टल से जोड़ा जा रहा है।
तत्काल प्रभाव से आदेश लागू
जिला खाद्य विपणन अधिकारी विवेक सिंह ने बताया कि आठ मार्च से फार्मर रजिस्ट्री गेहूं खरीद के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। जो किसान बिक्री का पंजीकरण करा चुके हैं वह फार्मर रजिस्ट्री प्रस्तुत करेंगे तभी सरकारी खरीद की जाएगी। सभी केंद्रों के मशीन में तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं।
वर्जन
शासन ने उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता और लघु सिंचाई विभाग की लाभार्थीपरक योजनाओं में फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य कर दिया है। सभी योजनाओं में लाभार्थियों का चयन रजिस्ट्री के आधार होना है।
-महेंद्र प्रताप सिंह, सीडीओ, महराजगंज
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160 क्रय केंद्र स्थापित, अब तक 60 किसानों ने की बिक्री
महराजगंज। शासन ने आठ अप्रैल से फार्मर आईडी की अनिवार्यता को लागू कर दिया है। फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराने वाले किसानों से गेहूं की खरीद नहीं की जाएगी। इस वजह से सरकारी क्रय केंद्रों पर गेंहू की बिक्री के रजिस्ट्री कराने वाले हजारों किसान बिक्री नहीं कर पाएंगे। जनपद में 55 हजार किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो सकी है।
जिले में गेहूं खरीद के लिए कुल 160 केंद्र बने हैं। इन केंद्रों पर 12,769 किसानों ने अब तक बिक्री के लिए पंजीकरण कराया। इनमें से कई किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो सकी है। सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य करने की वजह से हजार किसानों की परेशानी होगी। जिन किसानों ने अब तक रजिस्ट्री नहीं कराई है, उनसे खरीद नहीं होगी। ऐसे में जिले के हजारों किसान सरकारी खरीद लाभ से वंचित हो गए हैं। क्योंकि लगभग एक वर्ष से प्रभावी फार्मर रजिस्ट्री से अब तक सिर्फ 3.80 लाख किसान ही रजिस्ट्री बनवा सके हैं और 55 हज़ार अभी भी शेष हैं।
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एक अप्रैल से आगाज, आठ को प्रभावी हुआ आदेश
अप्रैल के पहले सप्ताह में गेहूं खरीद का आगाज हो गया, लेकिन मात्र 60 किसान ही अपनी उपज बेंच सके हैं। अब तक बोरे की दिक्कत, सत्यापन से लेकर अन्य परेशानी थी। वहीं अब फार्मर रजिस्ट्री का नया पेंच आ गया है। शासन ने फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराने वाले किसानों से गेहूं न खरीदने का निर्देश दिया है।
मई से उर्वरक पर भी संकट
जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मई से बिना किसान रजिस्ट्री के उर्वरक सब्सिडी नहीं मिलेगी। वर्तमान में उर्वरकों का वितरण पॉश मशीनों के माध्यम से इंटीग्रेटेड फर्टीलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम (आईएफएमएस) से हो रहा है। मई से उर्वरकों का वितरण किसान पहचान पत्र और फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर होगा। इसके लिए आईएफएमएस पोर्टल को एग्रीस्टेक पोर्टल से जोड़ा जा रहा है।
तत्काल प्रभाव से आदेश लागू
जिला खाद्य विपणन अधिकारी विवेक सिंह ने बताया कि आठ मार्च से फार्मर रजिस्ट्री गेहूं खरीद के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। जो किसान बिक्री का पंजीकरण करा चुके हैं वह फार्मर रजिस्ट्री प्रस्तुत करेंगे तभी सरकारी खरीद की जाएगी। सभी केंद्रों के मशीन में तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं।
वर्जन
शासन ने उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता और लघु सिंचाई विभाग की लाभार्थीपरक योजनाओं में फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य कर दिया है। सभी योजनाओं में लाभार्थियों का चयन रजिस्ट्री के आधार होना है।
-महेंद्र प्रताप सिंह, सीडीओ, महराजगंज