{"_id":"69a70c9758be6c64f4076a56","slug":"gst-department-will-conduct-hearing-online-taxpayers-will-get-relief-mahoba-news-c-225-1-mah1001-123036-2026-03-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahoba News: जीएसटी विभाग ऑनलाइन करेगा सुनवाई, करदाताओं को मिलेगी राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahoba News: जीएसटी विभाग ऑनलाइन करेगा सुनवाई, करदाताओं को मिलेगी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Tue, 03 Mar 2026 10:00 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
महोबा। करदाताओं की सुविधा के लिए वस्तु एवं सेवा कर विभाग (जीएसटी) ने ऑनलाइन सुनवाई की व्यवस्था शुरू की है। अब व्यापारी कहीं से भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई में शामिल हो सकेंगे। इससे जहां व्यापारियों को जीएसटी कार्यालय के चक्कर नहीं काटने होंगे, वहीं संतुष्ट न होने पर वह कार्यालय में मांगे गए दस्तावेज के साथ अपनी बात रख सकेंगे।
पंजीकृत व्यापारियों को टैक्स रिटर्न व सर्वे संबंधी विषयों पर जारी नोटिस के बाद दस्तावेजों के साथ जीएसटी कार्यालय में उपस्थित होना पड़ता था। शासन ने करदाताओं की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से वस्तु एवं सेवा कर विभाग में ऑनलाइन हियरिंग (वर्चुअल सुनवाई) की व्यवस्था शुरू कर दी है। करदाता अपने घर या कार्यालय से मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर के माध्यम से सीधे ऑनलाइन जुड़कर सुनवाई में शामिल हो सकेंगे। सुनवाई के दौरान करदाता अपने अधिवक्ता, कर सलाहकार या अधिकृत प्रतिनिधि को भी साथ जोड़ सकते हैं। आवश्यक दस्तावेज पीडीएफ के रूप में भेजे जा सकते हैं। उधर, जीएसटी के एडीशनल आयुक्त ग्रेड-1 डीके सचान का कहना है कि कॉर्पोरेट व्यापारियों को ऑनलाइन सुनवाई की सुविधा दी गई है। व्यापारी को पहले सूचना देकर तिथि व समय निश्चित किया जाता है। सुनवाई के दौरान आवश्यक दस्तावेजों का आदान-प्रदान भी संभव है। व्यापारी संतुष्ट नहीं है या उसे कोई समस्या है तो वह कार्यालय में अफसर से मिलकर अपनी समस्या का निस्तारण करा सकते हैं।
Trending Videos
पंजीकृत व्यापारियों को टैक्स रिटर्न व सर्वे संबंधी विषयों पर जारी नोटिस के बाद दस्तावेजों के साथ जीएसटी कार्यालय में उपस्थित होना पड़ता था। शासन ने करदाताओं की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से वस्तु एवं सेवा कर विभाग में ऑनलाइन हियरिंग (वर्चुअल सुनवाई) की व्यवस्था शुरू कर दी है। करदाता अपने घर या कार्यालय से मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर के माध्यम से सीधे ऑनलाइन जुड़कर सुनवाई में शामिल हो सकेंगे। सुनवाई के दौरान करदाता अपने अधिवक्ता, कर सलाहकार या अधिकृत प्रतिनिधि को भी साथ जोड़ सकते हैं। आवश्यक दस्तावेज पीडीएफ के रूप में भेजे जा सकते हैं। उधर, जीएसटी के एडीशनल आयुक्त ग्रेड-1 डीके सचान का कहना है कि कॉर्पोरेट व्यापारियों को ऑनलाइन सुनवाई की सुविधा दी गई है। व्यापारी को पहले सूचना देकर तिथि व समय निश्चित किया जाता है। सुनवाई के दौरान आवश्यक दस्तावेजों का आदान-प्रदान भी संभव है। व्यापारी संतुष्ट नहीं है या उसे कोई समस्या है तो वह कार्यालय में अफसर से मिलकर अपनी समस्या का निस्तारण करा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
