{"_id":"698786407d00e66e3000d64c","slug":"students-learnt-about-the-importance-of-ayurveda-during-an-educational-tour-mahoba-news-c-225-1-mah1001-122271-2026-02-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahoba News: शैक्षिक भ्रमण में छात्रों ने जाना आयुर्वेद का महत्व","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahoba News: शैक्षिक भ्रमण में छात्रों ने जाना आयुर्वेद का महत्व
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sun, 08 Feb 2026 12:06 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
चरखारी (महोबा)। पीएमश्री राजकीय गंगा सिंह इंटर कॉलेज चरखारी के छात्रों ने शैक्षिक भ्रमण के तहत मध्यप्रदेश के ग्वालियर स्थित क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान की विजिट की। इस दौरान विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य व आयुर्वेद से संबंधित जानकारियां हासिल कीं।
भ्रमण के दौरान संस्थान के विशेषज्ञ चिकित्सकों और शोधकर्ताओं ने छात्रों को आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली, उसके इतिहास, सिद्धांतों और आधुनिक समय में उसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। बताया कि आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ जीवन शैली अपनाने, रोगों से बचाव व मानसिक संतुलन बनाए रखने का प्रभावी माध्यम भी है। संस्थान परिसर में मौजूद औषधीय पौधों, आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण की प्रक्रिया और विभिन्न शोध प्रयोगशालाओं का भी छात्रों को अवलोकन कराया गया। विशेषज्ञों ने छात्रों को दैनिक जीवन में आयुर्वेदिक उपाय अपनाने, सही खान-पान, दिनचर्या व प्राकृतिक चिकित्सा के महत्व के बारे में समझाया। जीआईसी के प्रधानाचार्य राजेंद्र कुमार ने बताया कि शैक्षिक भ्रमण छात्रों के बौद्धिक और व्यक्तित्व विकास के लिए आवश्यक होते हैं। ऐसे कार्यक्रमों से विद्यार्थियों को कक्षा में पढ़ाए गए विषयों की व्यावहारिक समझ विकसित करने का अवसर मिलता है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को अनुशासन, समय प्रबंधन व सामूहिक कार्य की भावना का भी अनुभव मिला।
Trending Videos
भ्रमण के दौरान संस्थान के विशेषज्ञ चिकित्सकों और शोधकर्ताओं ने छात्रों को आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली, उसके इतिहास, सिद्धांतों और आधुनिक समय में उसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। बताया कि आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ जीवन शैली अपनाने, रोगों से बचाव व मानसिक संतुलन बनाए रखने का प्रभावी माध्यम भी है। संस्थान परिसर में मौजूद औषधीय पौधों, आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण की प्रक्रिया और विभिन्न शोध प्रयोगशालाओं का भी छात्रों को अवलोकन कराया गया। विशेषज्ञों ने छात्रों को दैनिक जीवन में आयुर्वेदिक उपाय अपनाने, सही खान-पान, दिनचर्या व प्राकृतिक चिकित्सा के महत्व के बारे में समझाया। जीआईसी के प्रधानाचार्य राजेंद्र कुमार ने बताया कि शैक्षिक भ्रमण छात्रों के बौद्धिक और व्यक्तित्व विकास के लिए आवश्यक होते हैं। ऐसे कार्यक्रमों से विद्यार्थियों को कक्षा में पढ़ाए गए विषयों की व्यावहारिक समझ विकसित करने का अवसर मिलता है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को अनुशासन, समय प्रबंधन व सामूहिक कार्य की भावना का भी अनुभव मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन