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Mau News: 14 करोड़ से बना डंपिंग ग्राउंड, आबादी के बीच डंप कूड़े से बीमारियों की आशंका
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रेनी स्थित डंपिंग ग्राउंड
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नगरपालिका में हैं 45 वार्ड, कई वार्ड में खाली प्लॉट बने डंपिंग ग्राउंड
तापमान बढ़ने के साथ मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ा, फॉगिंग का दायरा कुछ वॉर्डाें तक सिमटा
मऊ। शहर में कूड़ा डंप करने के लिए जगह नहीं बची है, ऐसे में जहां खाली प्लॉट मिल रहा है वहां कचरा डंप कर दिया जा रहा है। यह स्थिति तब है जब 14 करोड़ की लागत से शहर से सात किमी दूर रैनी में डंपिंग ग्राउंड बनाया गया है। आबादी के बीच डंप हो रहे कूड़े से लोगों को संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका है।
जिम्मेदार दलील दे रहे हैं अभी रैनी के डंपिंग ग्राउंड में कार्य बाकी है, उधर दावे के मानें तो हर दिन डोर टू डोर कचरा संग्रहण के बाद ऐसे मुहल्ले में खाली प्लॉट में कचरे का डंप होना खुद जिम्मेदारों के दावे की हकीकत को बयां कर रहे हैं। हालत यह कि घनी आबादी वाले निजामुद्दीनपुरा के डॉ. रामलाल गली स्थित प्लाट उदाहरण है, यहां कूड़ा फेंका जा रहा है। यहां यह समस्या काफी महिनों से बनी हुई है। उधर, यही स्थिति नगर के मुसरदह मोड़, सहादतपुरा, मुंशीपुरा सहित कई अन्य जगहों की है। उधर बीते एक सप्ताह में लगातार तापमान बढ़ने के चलते अब यह कूड़े घनी आबादी के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। गर्मी बढ़ने से कचरों से दुर्गंध आ रही है।
समस्या के लिए निजामुद्दीनपुरा मुहल्ला निवासी सागर खरवार, मुकेश कुमार, डॉ. शैलजाकांत पांडेय, संजय, सुनिल कुमार आदि ने बताया कि डॉ. रामलाल गली स्थित खाली प्लॉट पर काफी समय से कचरा डंप होते आ रहा है। इसे लेकर शिकायत नगर पालिका के जिम्मेदारों तक भी पहुंची है लेकिन इस मामले को लेकर न तो कभी सफाई निरीक्षक इस मुहल्ले में दौरा करते है न ही समस्याओं का निस्तारण का प्रयास। वर्तमान में जब तापमान बढ़ रहा है तो खुले में कचरे के ढेर से निकलने वाला दुर्गंध से परेशानी का सबब बन ही रही है। शाम के समय गंदगी से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। इसी मुहल्ले में ब्रह्मबाबा स्थान से महज 20 मीटर खाली प्लॉट पर कचरा डंप किया जा रहा है, जबकि उसके अगल बगल में कई घर बने हुए हैं। उधर, कूड़े का ढेर से यह छुट्टा पशुओं का जमावड़ा वाला स्थान भी बनकर रह गया है। यही स्थिति मुसरदह मोड़ के पास खाली प्लॉट, मुंशीपुरा ओवरब्रिज के नीचे वाले जगह पर कचरा का डंप आबादी को प्रभावित कर रही है। नगर पालिका के जिम्मेदारों की माने तो यह अभी 90 फीसदी बना है, जल्द ही इसका पूरा कार्य हो जाएगा।
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दो सफाई निरीक्षक, 45 नायक, 800 सफाई कर्मचारियों की फौज, फिर गंदगी
नगर पालिका में 45 वार्ड में प्रतिदिन 120 मीट्रिक टन कचरा निकलता है, डोर टू डोर कचरा संग्रहण करने की जिम्मेदारी 45 सफाई नायक और 800 से ज्यादा सफाई कर्मचारियों पर है। इसकी निगरानी के लिए दो सफाई निरीक्षक हैं। इतना ही नहीं डोर टू डोर कचरा संग्रहण करने के नाम पर मशीनी उपकरण में 4 जेसीबी, 15 ट्रैक्टर ट्रॉलियां, 10 लोडर और 55 से अधिक टिपर वाहन है। बावजूद कई वार्ड ऐसे हैं जहां डोर टू डोर कचरा संग्रहण नहीं होता है।
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कचरे के अंबार में छुट्टा पशुओं का होता है जमावड़ा
निजामुद्दीनपुरा मुहल्ला निवासी विशाल, राहुल, पारितोष ने बताया कि मुहल्ले में कचरे का ढेर तो परेशानी का सबब बन रहा है, साथ ही यह परेशानी दोगुनी हो जाती है जब जब यहां कचरे के ढेर में खाने की तलाश में छुट्टा पशुओं का जमावड़ा हो जाता है। बताया कि यहां छुट्टा पशुओं के जमावड़ा पर जब कोई इन पशुओं को भगाता है तो वह हिंसक हो जाते हैं। छुट्टा पशु के हमले में ब्रम्हचौरी के पास अधेड़ घायल हो गए थे। इलाज के दौरान मौत हो गई थी। छुट्टा पशुओं ने अब तक कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचा चुके हैं।
कोट
डपिंग ग्राउंड का कार्य जल्द पूरा हो जाएगा, 10 फीसदी का कार्य शेष है। कचरे का निस्तारण हर वार्ड में हो रहा है, डंप कचरे काे बनाए गए एमआरएफ सेंटर पर भेजा जा रहा है। रही बात घनी आबादी के बीच खाली प्लॉट में कचरा डंप करने की तो इसकी जानकारी संबंधित सफाई निरीक्षक से ली जाएगी।
दिनेश कुमार, ईओ, नगर पालिका मऊ
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एक साल में बनने वाला डंपिंग ग्राउंड अभी भी अधूरा नगर पालिका प्रशासन की तरफ से जून 2021 में नगर से सात किमी दूर रैनी में आठ बीघे जमीन पर डंपिंग ग्राउंड के लिए जमीन चिह्नित किया गया था। वर्ष 2022 में 14 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया था। एक साल में बनने वाला डंपिंग ग्राउंड अब तक पूरा नहीं हो सका है। नगर पालिका के जिम्मेदार नगरवासियों को स्वच्छता का संदेश दे रहे हैं, लेकिन खुले में कचरा डंप किया जा रहा है।
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तापमान बढ़ने के साथ मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ा, फॉगिंग का दायरा कुछ वॉर्डाें तक सिमटा
मऊ। शहर में कूड़ा डंप करने के लिए जगह नहीं बची है, ऐसे में जहां खाली प्लॉट मिल रहा है वहां कचरा डंप कर दिया जा रहा है। यह स्थिति तब है जब 14 करोड़ की लागत से शहर से सात किमी दूर रैनी में डंपिंग ग्राउंड बनाया गया है। आबादी के बीच डंप हो रहे कूड़े से लोगों को संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका है।
जिम्मेदार दलील दे रहे हैं अभी रैनी के डंपिंग ग्राउंड में कार्य बाकी है, उधर दावे के मानें तो हर दिन डोर टू डोर कचरा संग्रहण के बाद ऐसे मुहल्ले में खाली प्लॉट में कचरे का डंप होना खुद जिम्मेदारों के दावे की हकीकत को बयां कर रहे हैं। हालत यह कि घनी आबादी वाले निजामुद्दीनपुरा के डॉ. रामलाल गली स्थित प्लाट उदाहरण है, यहां कूड़ा फेंका जा रहा है। यहां यह समस्या काफी महिनों से बनी हुई है। उधर, यही स्थिति नगर के मुसरदह मोड़, सहादतपुरा, मुंशीपुरा सहित कई अन्य जगहों की है। उधर बीते एक सप्ताह में लगातार तापमान बढ़ने के चलते अब यह कूड़े घनी आबादी के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। गर्मी बढ़ने से कचरों से दुर्गंध आ रही है।
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समस्या के लिए निजामुद्दीनपुरा मुहल्ला निवासी सागर खरवार, मुकेश कुमार, डॉ. शैलजाकांत पांडेय, संजय, सुनिल कुमार आदि ने बताया कि डॉ. रामलाल गली स्थित खाली प्लॉट पर काफी समय से कचरा डंप होते आ रहा है। इसे लेकर शिकायत नगर पालिका के जिम्मेदारों तक भी पहुंची है लेकिन इस मामले को लेकर न तो कभी सफाई निरीक्षक इस मुहल्ले में दौरा करते है न ही समस्याओं का निस्तारण का प्रयास। वर्तमान में जब तापमान बढ़ रहा है तो खुले में कचरे के ढेर से निकलने वाला दुर्गंध से परेशानी का सबब बन ही रही है। शाम के समय गंदगी से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। इसी मुहल्ले में ब्रह्मबाबा स्थान से महज 20 मीटर खाली प्लॉट पर कचरा डंप किया जा रहा है, जबकि उसके अगल बगल में कई घर बने हुए हैं। उधर, कूड़े का ढेर से यह छुट्टा पशुओं का जमावड़ा वाला स्थान भी बनकर रह गया है। यही स्थिति मुसरदह मोड़ के पास खाली प्लॉट, मुंशीपुरा ओवरब्रिज के नीचे वाले जगह पर कचरा का डंप आबादी को प्रभावित कर रही है। नगर पालिका के जिम्मेदारों की माने तो यह अभी 90 फीसदी बना है, जल्द ही इसका पूरा कार्य हो जाएगा।
दो सफाई निरीक्षक, 45 नायक, 800 सफाई कर्मचारियों की फौज, फिर गंदगी
नगर पालिका में 45 वार्ड में प्रतिदिन 120 मीट्रिक टन कचरा निकलता है, डोर टू डोर कचरा संग्रहण करने की जिम्मेदारी 45 सफाई नायक और 800 से ज्यादा सफाई कर्मचारियों पर है। इसकी निगरानी के लिए दो सफाई निरीक्षक हैं। इतना ही नहीं डोर टू डोर कचरा संग्रहण करने के नाम पर मशीनी उपकरण में 4 जेसीबी, 15 ट्रैक्टर ट्रॉलियां, 10 लोडर और 55 से अधिक टिपर वाहन है। बावजूद कई वार्ड ऐसे हैं जहां डोर टू डोर कचरा संग्रहण नहीं होता है।
कचरे के अंबार में छुट्टा पशुओं का होता है जमावड़ा
निजामुद्दीनपुरा मुहल्ला निवासी विशाल, राहुल, पारितोष ने बताया कि मुहल्ले में कचरे का ढेर तो परेशानी का सबब बन रहा है, साथ ही यह परेशानी दोगुनी हो जाती है जब जब यहां कचरे के ढेर में खाने की तलाश में छुट्टा पशुओं का जमावड़ा हो जाता है। बताया कि यहां छुट्टा पशुओं के जमावड़ा पर जब कोई इन पशुओं को भगाता है तो वह हिंसक हो जाते हैं। छुट्टा पशु के हमले में ब्रम्हचौरी के पास अधेड़ घायल हो गए थे। इलाज के दौरान मौत हो गई थी। छुट्टा पशुओं ने अब तक कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचा चुके हैं।
कोट
डपिंग ग्राउंड का कार्य जल्द पूरा हो जाएगा, 10 फीसदी का कार्य शेष है। कचरे का निस्तारण हर वार्ड में हो रहा है, डंप कचरे काे बनाए गए एमआरएफ सेंटर पर भेजा जा रहा है। रही बात घनी आबादी के बीच खाली प्लॉट में कचरा डंप करने की तो इसकी जानकारी संबंधित सफाई निरीक्षक से ली जाएगी।
दिनेश कुमार, ईओ, नगर पालिका मऊ
एक साल में बनने वाला डंपिंग ग्राउंड अभी भी अधूरा नगर पालिका प्रशासन की तरफ से जून 2021 में नगर से सात किमी दूर रैनी में आठ बीघे जमीन पर डंपिंग ग्राउंड के लिए जमीन चिह्नित किया गया था। वर्ष 2022 में 14 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया था। एक साल में बनने वाला डंपिंग ग्राउंड अब तक पूरा नहीं हो सका है। नगर पालिका के जिम्मेदार नगरवासियों को स्वच्छता का संदेश दे रहे हैं, लेकिन खुले में कचरा डंप किया जा रहा है।