{"_id":"69d5582da84bf18662086497","slug":"committees-formed-in-42-government-offices-and-private-institutions-mau-news-c-295-1-mau1002-143533-2026-04-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: 42 सरकारी कार्यालयों, निजी संस्थानों में समिति गठित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: 42 सरकारी कार्यालयों, निजी संस्थानों में समिति गठित
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न रोकथाम, निषेध और निवारण अधिनियम 2013 के तहत 10 या अधिक कर्मचारियों वाले सभी सरकारी और निजी संस्थानों में आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है।
अब तक मऊ जिले के 42 सरकारी कार्यालयों और 12 निजी संस्थानों में समिति का गठन हुआ है। इन सभी जगहों पर शी बॉक्स साइट एक्टिव कर दी गई है। कार्यस्थल पर किसी तरह की समस्या आने पर महिलाएं यहां शिकायत दर्ज कराएंगी।
यह समिति कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायतों की जांच करेगी और पीड़ित की गोपनीयता बनाए रखते हुए 90 दिनों के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
समस्या की सुनवाई कर समिति रिपोर्ट पेश करेगी। फिर उसी आधार पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई तय की जाएगी। जिला प्रोबेशन अधिकारी श्वेता मिश्रा ने बताया कि आंतरिक समिति की अध्यक्षता एक वरिष्ठ महिला कर्मचारी करेगी। पीड़ित महिला घटना के 3 महीने के भीतर लिखित शिकायत कर सकती है।
यदि संस्थान में समिति नहीं है या कार्रवाई नहीं होती, तो महिला शी-बॉक्स पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकती हैं, जो सीधे संबंधित मंत्रालय या विभाग को भेजी जाती है।
यदि उत्पीड़न करने वाला व्यक्ति संस्थान के बाहर का है, तो भी आंतरिक समिति को जांच करने का अधिकार है। समिति में कम से कम आधे सदस्य महिलाएं होनी चाहिए और एक बाहरी सदस्य होना अनिवार्य है। यह समिति यौन उत्पीड़न के मामलों की निष्पक्ष सुनवाई के लिए जिम्मेदार है।
Trending Videos
अब तक मऊ जिले के 42 सरकारी कार्यालयों और 12 निजी संस्थानों में समिति का गठन हुआ है। इन सभी जगहों पर शी बॉक्स साइट एक्टिव कर दी गई है। कार्यस्थल पर किसी तरह की समस्या आने पर महिलाएं यहां शिकायत दर्ज कराएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह समिति कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायतों की जांच करेगी और पीड़ित की गोपनीयता बनाए रखते हुए 90 दिनों के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
समस्या की सुनवाई कर समिति रिपोर्ट पेश करेगी। फिर उसी आधार पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई तय की जाएगी। जिला प्रोबेशन अधिकारी श्वेता मिश्रा ने बताया कि आंतरिक समिति की अध्यक्षता एक वरिष्ठ महिला कर्मचारी करेगी। पीड़ित महिला घटना के 3 महीने के भीतर लिखित शिकायत कर सकती है।
यदि संस्थान में समिति नहीं है या कार्रवाई नहीं होती, तो महिला शी-बॉक्स पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकती हैं, जो सीधे संबंधित मंत्रालय या विभाग को भेजी जाती है।
यदि उत्पीड़न करने वाला व्यक्ति संस्थान के बाहर का है, तो भी आंतरिक समिति को जांच करने का अधिकार है। समिति में कम से कम आधे सदस्य महिलाएं होनी चाहिए और एक बाहरी सदस्य होना अनिवार्य है। यह समिति यौन उत्पीड़न के मामलों की निष्पक्ष सुनवाई के लिए जिम्मेदार है।