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Mau News: सिर दर्द, माइग्रेन और नींद नहीं आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 12 Apr 2026 12:11 AM IST
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The number of patients suffering from headache, migraine and insomnia has increased.
जिला अस्पताल की ओपीडी में मौजूद मरीज और उनके तीमारदार।संवाद
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जिला अस्पताल में इन दिनों सिर दर्द, माइग्रेन और नींद नहीं आने की बीमारी वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल की ओपीडी औसतन रोज करीब एक हजार है इसमें करीब 125 मरीज रोजाना सिर दर्द, माइग्रेन और नींद नहीं आननेकी समस्या वाले पहुंच रहे हैं।
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हालांकि इन विभागों में काउंसलर नहीं होने से चिकित्सकों सहित मरीजों को भी परेशानी हो रही है। जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. रविशंकर पांडेय ने बताया कि सिरदर्द, माइग्रेन और अनिद्रा आधुनिक जीवनशैली की गंभीर समस्याएं बन चुकी हैं, जिनसे बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हैं।
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ओपीडी में आने वाले 50 फीसदी से अधिक माइग्रेन रोगियों को नींद में खलल महसूस होता है और 71 फीसदी को सुबह जागने पर सिरदर्द की शिकायत होती है, जो तनाव, अनियमित दिनचर्या और हार्मोनल बदलावों से जुड़ी है।
उन्होंने बताया कि भाग-दौड़ भरी जिंदगी और तनावपूर्ण वातावरण का असर लोगों के मस्तिष्क पर पड़ रहा है। परिवार में भी लोग व्यस्त जिंदगी के कारण एक-दूसरे से बातचीत नहीं कर पाते हैं। इस बीमारी का दूसरा प्रमुख कारण लोगों का खुलकर बात नहीं करना भी सामने आया है।
कम उम्र के बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक यह समस्या आम हो रही है। ऐसे करीब 125 मरीज रोजाना जिला अस्पताल की ओपीडी में उपचार के लिए आ रहे हैं।
चिकित्सक ने बताया कि ऐसे मरीजों को परामर्श के बाद मिलने वाली दवाओं की जांच भी बेहद जरूरी हो जाती है। मरीज को दी जाने वाली दवा का नियमित रूप से सेवन करना चाहिए और सही प्रकार की दवा मिले, इसका विशेष ध्यान रखना होता है।
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दवा लेने में थोड़ी सी लापरवाही या अंतराल होता है नुकसानदायक
सिरदर्द, माइग्रेन और अनिद्रा वाले मरीजों को दवा के सेवन में विशेष सावधानी बरतनी होती है। डॉ. रविशंकर पांडेय बताते हैं कि परामर्श के बाद मरीजों को लिखी दवा का मिलान करना पड़ता है कि उन्हें कौन-सी दवा मिली है। दवा के पैकेट पर हर दवा के सेवन के तरीके को बताना पड़ता है। किसी मरीज को ज्यादा परेशानी होने पर उसके साथ आने वाले तीमारदार को भी जानकारी दी जाती है। उन्होंने सलाह दी कि दवा के सेवन के दौरान मरीज के स्वास्थ्य में कोई विशेष बदलाव होने पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श लें।
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बचाव के उपाय
सिरदर्द, माइग्रेन और अनिद्रा से बचने के लिए एक अनुशासित जीवनशैली अपनाना सबसे प्रभावी तरीका है। मुख्य उपायों में हर दिन एक ही समय पर 7-8 घंटे की गहरी नींद लेना, प्रतिदिन कम से कम 2 लीटर पानी पीना, तनाव कम करने के लिए योग या ध्यान करना और नियमित संतुलित आहार लेना शामिल है।
वर्जन---
जिला अस्पताल में ऐसे रोगियों के लिए सभी प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं। चिकित्सक के परामर्श पर ओपीडी में आने वाले हर मरीज को दवा मिल रही है। -डॉ. धनंजय कुमार, सीएमएस, जिला अस्पताल
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