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Mau News: दो बल्ब, एक पंखा, टीवी और मोटर चला....स्मार्ट मीटर से 30 दिन में आया 3600 बिजली बिल

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 12 Apr 2026 12:16 AM IST
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Two bulbs, a fan, TV and motor were used... Smart meter generated electricity bill of Rs 3600 in 30 days.
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घोसी नगर के पट्टी मुहम्मद उर्फ काजीपुरा निवासी मुसर्रत जहां के घर एक पंखा, एक टीवी, मोटर और दो एलईडी बल्ब चलते हैं। केवल इन्हीं उपकरणों पर स्मार्ट मीटर से 30 दिन में 3600 रुपये का बिजली बिल आया है।
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शिकायत करने के बाद समाधान का आश्वासन मिला, लेकिन कोई मीटर देखने घर नहीं पहुंचा। इसी तरह से स्मार्ट मीटर से अधिक बिल आने की शिकायत कई उपभोक्ताओं ने की है।
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जिले में 4.02 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। लगभग 1.25 लाख उपभोक्ताओं के घर स्मार्ट मीटर लगा दिया गया है। स्मार्ट मीटर लगाते समय दावा किया गया था कि उपभोक्ता स्वयं ही अपने खर्च की गई बिजली सहित अन्य जानकारी हासिल कर सकेंगे, लेकिन स्मार्ट मीटर ने अधिकांश उपभोक्ताओं की नींद उड़ा दी है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उनका बिल कई गुना बढ़कर आ रहा है, जबकि पहले की तुलना में खपत एक फीसदी भी नहीं बढ़ी है। वही घर और पुराने उपकरण हैं। बिजली का उपयोग न होने पर भी हजारों रुपये का बिल उपभोक्ताओं की मुसीबत बन गया है।
हाल यह है कि 70 फीसदी शिकायतें स्मार्ट मीटर से निकले बिल में आ रहे अंतर से संबंधित हैं। बिल गड़बड़ी की शिकायत लेकर अफसरों के पास पहुंच रहे उपभोक्ताओं को सिर्फ इधर से उधर दौड़ाया जा रहा है। अधिक बिल आने से उनकी आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी उन्हें कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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निगेटिव बैलेंस आने पर 10 हजार उपभोक्ताओं का कटा था कनेक्शन
स्मार्ट मीटर में निगेटिव बैलेंस आने पर बीते मार्च माह में 10 दिनों में ही 10 हजार उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई थी। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया था कि बिजली बिल जमा करने के छह से 10 घंटे बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो पा रही है, जबकि प्रावधान के अनुसार बिल जमा करने के 30 मिनट बाद ही आपूर्ति बहाल हो जानी चाहिए। तकनीकी खामियों और सूचना के अभाव में लोग गर्मी और उमस में जीवन-यापन करने को बाध्य हुए थे। पहली बार आपूर्ति बाधित होने पर बीते 16 मार्च को मऊ नगर पालिकाध्यक्ष अरशद जमाल के नेतृत्व में 200 बुनकरों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय का घेराव कर दिया था। दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक वे डटे रहे।
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केस एक
घोसी नगर के मदापुर समसपुर निवासी परवेज अहमद ने बताया कि पहले उनका मासिक बिजली बिल सामान्य रूप से आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल में अचानक काफी वृद्धि हो गई है। पुराने मीटर से हर महीने 300 रुपये तक बिल आता था, लेकिन अब 1500 से 2000 रुपये चुकाना पड़ रहा है।
केस दो
घोसी के बड़ागांव निवासी मनोज कुमार ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनके घर का बिजली बिल दोगुने से भी अधिक आने लगा है। बिजली की खपत में कोई विशेष बदलाव नहीं हुआ है, फिर भी बिल लगातार बढ़ रहा है।
केस तीन
बड़ागांव निवासी मनोज कुमार ने बताया कि स्मार्ट मीटर से पहले की तुलना में अब तीन से चार गुना अधिक बिल आ रहा है। इससे परिवार का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। उन्हें अन्य जरूरी खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है। यह समझ में नहीं आता कि उनका बिल किस आधार पर तैयार किया जा रहा है।
केस चार
बड़ागांव निवासी तारा देवी ने बताया कि उनके घर का रोज 50 से 100 रुपये का बिल आ रहा है, जिससे मासिक बिल लगभग 2000 से 3000 रुपये तक पहुंच रहा है। इसकी शिकायत बिजली निगम के कर्मचारियों से करने पर भी समाधान नहीं किया जा रहा है।

स्मार्ट मीटर एक आधुनिक और पारदर्शी प्रणाली है, जिसमें बिजली की खपत का सटीक आकलन होता है। निगम द्वारा जारी किए जाने वाले सभी बिल वास्तविक खपत के आधार पर ही तैयार किए जाते हैं। यदि किसी उपभोक्ता को अपने बिल को लेकर कोई शिकायत है, तो वह विभाग में लिखित या ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकता है। निगम प्रत्येक शिकायत की जांच करता है और यदि कहीं कोई त्रुटि पाई जाती है, तो उसे तुरंत सुधार दिया जाता है। फिलहाल स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं और निगम के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। -इंद्र बहादुर मौर्य, अधिशासी अभियंता, बिजली निगम
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