नवरात्र के सातवें दिन बुधवार को श्रद्धालुओं ने दुर्गा मंदिरों में मां के कालरात्रि स्वरूप की आराधना की। दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाकर मंगलकामना की। मनोकामनाएं लेकर मां के दरबार में पहुंचे श्रद्धालुओं के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
नवरात्र के सातवें दिन नगर के शीतला माता मंदिर, वनदेवी धाम, निधियांव गांव स्थित अष्टभुजी मंदिर सहित विभिन्न देवी मंदिरों में तड़के से ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। दूरदराज के साथ ही गैर जनपदों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने श्रद्धाभाव से मत्था टेका।
मान्यता है कि मां काली की पूजा से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। नवरात्र में सप्तमी तिथि का विशेष महत्व होता है और इस दिन मां काली की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इसी मान्यता के तहत जगत जननी मां के दर्शन के लिए आए भक्तों ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया।
मंदिरों में मां के जयकारों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से मेला जैसा दृश्य बना रहा। कोई नारियल, चुनरी और मिष्ठान चढ़ाकर मां की आराधना कर रहा था, तो कोई पूड़ी-हलवा अर्पित कर पूजा-अर्चना में लीन रहा।