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Mau News: कमाने गुजरात गया युवक ऑनलाइन गेम में हारा रुपये तो फंदा लगाकर दी जान
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मधुबन थाना क्षेत्र के सद्दोपुर गांव निवासी बृजेश यादव (28) ने ऑनलाइन गेम में रुपये हारने के बाद फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पहले भी दो बार इसी लत के चलते परिवार के लोगों ने उसका कर्ज भरा था।
पिता के कहने पर वह गुजरात के अहमदाबाद की एक निजी कंपनी में नौकरी करने चला गया था, लेकिन वहां जाकर उसने फिर ऑनलाइन गेम खेलना शुरू कर दिया।
सोमवार की दोपहर उनका शव अहमदाबाद से घर लाया गया और रात में सूरजपुर स्थित सरयू नदी के किनारे बैकुंठधाम पर अंतिम संस्कार किया गया। पिता अनुसार, बीते 13 जून की दोपहर बृजेश यादव ने कंपनी से लौटकर कमरे में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
साथ में काम करने वाले युवक जब ड्यूटी खत्म कर कमरे पर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। कई बार खटखटाने पर भी कोई हलचल नहीं हुई, जिसके बाद खिड़की से झांककर देखा तो बृजेश यादव फंदे से लटका हुआ दिखाई दिया।
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पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पिता विंध्याचल यादव खेती-किसानी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बृजेश दो भाइयों में छोटा और अविवाहित था। तीन बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। मां दुर्गावती देवी का पांच वर्ष पहले निधन हो चुका है।
पांच महीने में ऑनलाइन गेम की लत ने ली तीसरी जान
ऑनलाइन गेम खेलने से मना करने पर दोहरीघाट कस्बा निवासी जितेंद्र साहनी (22) ने बीते 23 मार्च की शाम आठ बजे पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। अपनी हथेली पर लिखा था कि मां गेम खेलने से मना कर रही है, इसलिए मरने की कोशिश कर रहा हूं। इसके करीब डेढ़ माह पहले भी एक किशोर ने आत्महत्या कर ली थी। पुलिस जांच में सामने आया था कि ऑनलाइन गेम खेलने के दौरान वह अवसाद में रहता था। इस दौरान परिजनों ने कई बार उसके मुंह से टास्क पूरा न होने जैसी बातें सुनी थीं।
पिता के कहने पर वह गुजरात के अहमदाबाद की एक निजी कंपनी में नौकरी करने चला गया था, लेकिन वहां जाकर उसने फिर ऑनलाइन गेम खेलना शुरू कर दिया।
सोमवार की दोपहर उनका शव अहमदाबाद से घर लाया गया और रात में सूरजपुर स्थित सरयू नदी के किनारे बैकुंठधाम पर अंतिम संस्कार किया गया। पिता अनुसार, बीते 13 जून की दोपहर बृजेश यादव ने कंपनी से लौटकर कमरे में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
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साथ में काम करने वाले युवक जब ड्यूटी खत्म कर कमरे पर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। कई बार खटखटाने पर भी कोई हलचल नहीं हुई, जिसके बाद खिड़की से झांककर देखा तो बृजेश यादव फंदे से लटका हुआ दिखाई दिया।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पिता विंध्याचल यादव खेती-किसानी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बृजेश दो भाइयों में छोटा और अविवाहित था। तीन बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। मां दुर्गावती देवी का पांच वर्ष पहले निधन हो चुका है।
पांच महीने में ऑनलाइन गेम की लत ने ली तीसरी जान
ऑनलाइन गेम खेलने से मना करने पर दोहरीघाट कस्बा निवासी जितेंद्र साहनी (22) ने बीते 23 मार्च की शाम आठ बजे पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। अपनी हथेली पर लिखा था कि मां गेम खेलने से मना कर रही है, इसलिए मरने की कोशिश कर रहा हूं। इसके करीब डेढ़ माह पहले भी एक किशोर ने आत्महत्या कर ली थी। पुलिस जांच में सामने आया था कि ऑनलाइन गेम खेलने के दौरान वह अवसाद में रहता था। इस दौरान परिजनों ने कई बार उसके मुंह से टास्क पूरा न होने जैसी बातें सुनी थीं।