दो दिनों में ही सीमा पर भारतीय वायुसेना ने अपनी शक्ति को दिखा दिया है। एक बार फिर सन 1971 की तरह वायुसेना पाकिस्तान को जवाब देने के लिए तैयार है। सन 1971 में भी पाकिस्तानी सेना को भारतीय वायुसेना के सामने मुंह की खानी पड़ी थी। इस बार भी वह भारतीय वायुसेना के सामने घुटने टेकने को मजबूर है। जिससे कहा जा सकता है कि वायुसेना ने पाकिस्तान को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया है।
1971 की कहानी पूर्व वायुसैनिकों की जुबानी: पाकिस्तान के 40 टैंक तोड़कर बनाया था रिकॉर्ड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एयर स्ट्राइक पहले होती तो हिम्मत नहीं होती
1971 के युद्ध में वारंट ऑफिसर के पद पर तैनात रहे न्यू आर्य नगर निवासी जेपी सिंह ने बताया कि एयर स्ट्राइक पहले होती तो इतनी भी पाकिस्तान की हिम्मत नहीं थी। हमने सन 1971 में हंटर एयरक्राफ्ट से पाकिस्तान के एक दिन में 35-40 टैंक ध्वस्त कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। मेरी उस समय जैसलमेर में तैनाती थी।
सन 1955 से 1979 तक वायुसेना में रहे जेपी सिंह कहते हैं कि पाकिस्तानी सैनिक के पकड़े जाने पर उसने प्लान की पोल खोल दी थी। उसने बताया था कि नाश्ता जैसलमेर, लंच जोधपुर और डिनर दिल्ली में करेंगे। पाकिस्तानी सैनिकों ने भारत पर हमला करने का यह प्लान तय किया था। कमांड मिलने के बाद हमने हंटर एयरक्राफ्ट में रॉकेट लांचर लगाए थे। उस समय हंटर भी मिग, तेजस की श्रेणी जैसा ही था। जामनगर में घुसने की कुव्वत नहीं कर पाए थे।
सन 1971 के युद्ध के गवाह रहे आजाद सिंह कहते हैं कि पाकिस्तान मेमना है। वह उस समय भी कुछ नहीं कर सका था और आज भी सिर्फ बात बना रहा है। साल 1967-96 तक वायुसेना में वारंट ऑफिसर रहे आजाद सिंह के वायुसेना में जाने के चार साल बाद ही 1971 का युद्ध शुरू हो गया था।
उन्होंने बताया कि मुझे सिर्फ चार साल का अनुभव था। मेरी तैनाती जामनगर में थी। लेकिन हमारी वायुसेना ने पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए थे। उस समय पाकिस्तान की सेना ने जेट विमान से घुसने की कोशिश की। लेकिन वायुसेना की जवाबी कार्रवाई से उसके होश फाख्ता हो गए। वायुसेना ने अपनी तकनीक से जेट विमानों के साथ पाकिस्तान को ध्वस्त कर दिया। वह समझ ही नहीं सका कि भारत ने यह क्या कर दिया।
हर मोर्चे पर आगे है भारत
साल 1979 से 2000 तक वायुसेना में रडार स्पेशलिस्ट के तौर पर रहे वाईके त्यागी का कहना है कि पाकिस्तान हर मोर्चे पर भारत से पीछे है। वह खुद लड़ाई से बचता है। युद्ध की गीदड़ भड़की देता रहता है। लेकिन एयर स्ट्राइक होने के बाद उसकी सच्चाई सामने आ गई है। वह अब हाथ जोड़कर पीछे हटने की बात कर रहा है।
विंग कमांडर के पकड़े जाने पर उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में भी पायलट पकड़ा गया था। लेकिन जेनेवा संधि के तहत उसे छोड़ दिया गया था। मात्र आठ दिन में पायलट को पाकिस्तान ने रिहा कर दिया था। इस बार भी सरकार की कोशिश जल्द उसे वहां से लाने की रहेगी। पाकिस्तान समझदारी से काम कर रहा है। वह जानता है कि देश चलाना मुश्किल हो रहा है तो वह युद्ध कहां से करेगा।
अब थमना नहीं आगे बढ़ना होगा
पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष मेजर राजपाल सिंह ने कहा कि अब जवाब दे दिया है। लेकिन पीछे नहीं हटना होगा। जिससे पाकिस्तान को सबक सिखाया जा सके। पाकिस्तान शांति बातचीत के लिए कह रहा है। लेकिन इस बार भारत को उसकी बातों में नहीं आना चाहिए। इस बार आतंकियों के ठिकानों को खत्म करके ही दम लेना चाहिए।
दो दिन से हो रही कार्रवाई से पूरा देश खुश है। अगर यह एयर स्ट्राइक काफी समय पहले हो जाती तो यह देश के लिए भी अच्छा होता। वहीं, पुलवामा के आतंकी हमले को भी टाला जा सकता था। सरकार से साथ पूरा देश आगे बढ़कर खड़ा है। इसलिए अब थमना नहीं, आगे बढ़कर इन्हें जवाब देना होगा।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/