{"_id":"6a62f154430c35f0c50ef6a4","slug":"28-kanwar-routes-spread-across-969-km-to-get-tight-security-16-bike-ambulances-to-provide-quick-medical-aid-2026-07-24","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कांवड़ यात्रा: सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत, 32 स्वास्थ्य केंद्रों पर 24 घंटे मिलेगी चिकित्सा सुविधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांवड़ यात्रा: सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत, 32 स्वास्थ्य केंद्रों पर 24 घंटे मिलेगी चिकित्सा सुविधा
Fri, 24 Jul 2026 10:32 AM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Fri, 24 Jul 2026 10:32 AM IST
सार
मेरठ परिक्षेत्र के मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर और बागपत जिलों में कांवड़ यात्रा को लेकर सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था का व्यापक खाका तैयार किया गया है। 969 किलोमीटर लंबे 28 प्रमुख कांवड़ मार्गों पर 148 बैरियर लगाए जाएंगे। घाटों पर 157 नाव और 139 प्रशिक्षित गोताखोर तैनात रहेंगे। वहीं, पहली बार 16 बाइक एंबुलेंस और 32 स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से कांवड़ियों को चौबीस घंटे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
विज्ञापन
कांवड़ यात्रा
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए मेरठ परिक्षेत्र में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर और बागपत में कुल 969 किलोमीटर लंबे 28 प्रमुख कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
विज्ञापन
969 किलोमीटर के 28 मार्गों पर 148 बैरियर
मेरठ परिक्षेत्र के चार जिलों में कांवड़ यात्रा के लिए 28 प्रमुख मार्ग चिह्नित किए गए हैं। इनमें मेरठ में सात, बुलंदशहर में 10, बागपत में छह और हापुड़ में पांच प्रमुख कांवड़ मार्ग शामिल हैं। इन मार्गों पर यातायात और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए 148 बैरियर लगाए जाएंगे। इसके अलावा 32 प्रमुख शिव मंदिरों में जलाभिषेक और 12 मेलों को लेकर भी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
उपमहानिरीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि कांवड़ियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। गंगा घाटों, नदियों और नहरों पर 157 नाव और 139 प्रशिक्षित गोताखोर तैनात किए जाएंगे।
मेरठ परिक्षेत्र के चार जिलों में कांवड़ यात्रा के लिए 28 प्रमुख मार्ग चिह्नित किए गए हैं। इनमें मेरठ में सात, बुलंदशहर में 10, बागपत में छह और हापुड़ में पांच प्रमुख कांवड़ मार्ग शामिल हैं। इन मार्गों पर यातायात और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए 148 बैरियर लगाए जाएंगे। इसके अलावा 32 प्रमुख शिव मंदिरों में जलाभिषेक और 12 मेलों को लेकर भी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
उपमहानिरीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि कांवड़ियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। गंगा घाटों, नदियों और नहरों पर 157 नाव और 139 प्रशिक्षित गोताखोर तैनात किए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
घाटों पर दोहरी बैरिकेडिंग और सीसीटीवी से निगरानी
ब्रजघाट समेत सभी प्रमुख घाटों पर जल पुलिस, बाढ़ नियंत्रण दल, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा मोचन बल की टीमें तैनात रहेंगी। घाटों पर दोहरी बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी, नियंत्रण कक्ष, खोया-पाया केंद्र, निगरानी मीनार, पार्किंग, उद्घोषणा व्यवस्था और पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था की गई है। संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।
उपमहानिरीक्षक ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नाविकों और गोताखोरों को पहले से आवश्यक जानकारी दी जाए। नावों में जीवन रक्षक जैकेट अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहें। नहरों और नदी किनारे स्थित पुलिस चौकियों तथा गश्ती वाहनों में भी जीवन रक्षक जैकेट रखने के निर्देश दिए गए हैं।
ब्रजघाट समेत सभी प्रमुख घाटों पर जल पुलिस, बाढ़ नियंत्रण दल, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा मोचन बल की टीमें तैनात रहेंगी। घाटों पर दोहरी बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी, नियंत्रण कक्ष, खोया-पाया केंद्र, निगरानी मीनार, पार्किंग, उद्घोषणा व्यवस्था और पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था की गई है। संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।
उपमहानिरीक्षक ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नाविकों और गोताखोरों को पहले से आवश्यक जानकारी दी जाए। नावों में जीवन रक्षक जैकेट अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहें। नहरों और नदी किनारे स्थित पुलिस चौकियों तथा गश्ती वाहनों में भी जीवन रक्षक जैकेट रखने के निर्देश दिए गए हैं।
16 बाइक एंबुलेंस और 32 स्वास्थ्य केंद्र रहेंगे तैनात
कांवड़ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने भी चौबीस घंटे चिकित्सा सुविधा देने की तैयारी की है। पहली बार 16 बाइक एंबुलेंस सेवा शुरू की जाएगी। भीड़भाड़ और संकरे मार्गों पर चार पहिया एंबुलेंस के पहुंचने में लगने वाले समय को देखते हुए बाइक एंबुलेंस त्वरित उपचार में मदद करेंगी। प्रत्येक बाइक एंबुलेंस पर प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी और प्राथमिक उपचार सामग्री उपलब्ध रहेगी। गंभीर मरीजों को चार पहिया एंबुलेंस से अस्पताल भेजा जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी राम प्रसाद ने बताया कि कांवड़ मार्गों पर 32 स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनमें चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी चौबीस घंटे तैनात रहेंगे। कुल 100 चिकित्सकों और 350 स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
32 शिव मंदिरों में होगा जलाभिषेक
मेरठ में 13, बुलंदशहर में 10, हापुड़ में आठ और बागपत में एक प्रमुख शिव मंदिर में जलाभिषेक होगा। मंदिरों और मेला प्रबंधन समितियों के साथ समन्वय बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।
कांवड़ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने भी चौबीस घंटे चिकित्सा सुविधा देने की तैयारी की है। पहली बार 16 बाइक एंबुलेंस सेवा शुरू की जाएगी। भीड़भाड़ और संकरे मार्गों पर चार पहिया एंबुलेंस के पहुंचने में लगने वाले समय को देखते हुए बाइक एंबुलेंस त्वरित उपचार में मदद करेंगी। प्रत्येक बाइक एंबुलेंस पर प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी और प्राथमिक उपचार सामग्री उपलब्ध रहेगी। गंभीर मरीजों को चार पहिया एंबुलेंस से अस्पताल भेजा जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी राम प्रसाद ने बताया कि कांवड़ मार्गों पर 32 स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनमें चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी चौबीस घंटे तैनात रहेंगे। कुल 100 चिकित्सकों और 350 स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
32 शिव मंदिरों में होगा जलाभिषेक
मेरठ में 13, बुलंदशहर में 10, हापुड़ में आठ और बागपत में एक प्रमुख शिव मंदिर में जलाभिषेक होगा। मंदिरों और मेला प्रबंधन समितियों के साथ समन्वय बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।