{"_id":"6a78a64e8618ff92d301983c","slug":"as-the-funeral-procession-passed-the-kanwariyas-paused-and-the-djs-fell-silent-meerut-news-c-42-1-smrt1030-106291-2026-08-09","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Meerut: हाईवे पर जनाजा निकला तो थम गए कांवड़ियों के कदम, बंद हो गए डीजे; शिवभक्तों ने पेश की मिसाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut: हाईवे पर जनाजा निकला तो थम गए कांवड़ियों के कदम, बंद हो गए डीजे; शिवभक्तों ने पेश की मिसाल
Sun, 09 Aug 2026 09:39 PM IST
मेरठ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 09 Aug 2026 09:39 PM IST
सार
सिवाया गांव निवासी निजाम की मौत होने पर लोग उनका दफीना करने के लिए ले जा रहे थे। कांवड़ियों से भरे हाईवे को पार करना चुनौती लग रहा था। मगर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाई और कांवड़ियों ने भी संयम दिखाया।
विज्ञापन
जनाजे में शामिल लोग। स्रोत संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली-देहरादून हाईवे पर रविवार को आस्था के साथ इंसानियत की भी तस्वीर दिखाई दी। सिवाया गांव निवासी 40 वर्षीय निजाम पुत्र शेरदीन की हार्टअटैक से मौत के बाद परिजन जनाजा लेकर कब्रिस्तान के लिए निकले। कांवड़ मार्ग के दूसरी ओर कब्रिस्तान होने और मार्ग पर उमड़े कांवड़ियों के सैलाब के बीच परिजनों के सामने जनाजा निकालने की चुनौती थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने व्यवस्था संभाली तो शिवभक्तों ने भी ऐसा उदाहरण पेश किया, जिसकी सभी ने सराहना की।
विज्ञापन
निजाम की मौत के बाद परिजनों ने शव को सुपुर्द-ए-खाक करने की तैयारी की। कांवड़ यात्रा के चलते हाईवे कांवड़ मार्ग पर भारी भीड़ थी। जनाजा निकालने में परेशानी की आशंका को देखते हुए परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही थाना दौराला सुमन कुमार सिंह पुलिस बल के साथ सिवाया पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस की मौजूदगी में परिजन जनाजा लेकर कब्रिस्तान की ओर बढ़े।
विज्ञापन
विज्ञापन
हाईवे कांवड़ मार्ग पर कांवड़ियों की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर शिवभक्तों को रोक दिया। अचानक रास्ता रोके जाने पर कांवड़ियों ने पुलिस से कारण पूछा। जैसे ही उन्हें बताया गया कि गांव से जनाजा गुजरना है तो कई कांवड़ियों ने खुद ही दूसरे शिवभक्तों को इसकी जानकारी देनी शुरू कर दी।
देखते ही देखते कांवड़ियों ने एक-दूसरे को रोककर जनाजे के लिए रास्ता खाली कराना शुरू कर दिया। इस दौरान डीजे भी बंद कर दिए गए। कांवड़ मार्ग पर भक्ति गीतों और डीजे की गूंज के बीच कुछ देर के लिए पूरी तरह शांति छा गई। कांवड़िये जनाजा निकलने तक वहीं रुके रहे और लोगों को रास्ता दिया।
कांवड़ियों ने बनाए रखा संयम
जनाजा निकलने के दौरान कांवड़ियों ने संयम बनाए रखा। किसी ने जल्दबाजी नहीं की और न ही रास्ता खोलने को लेकर कोई विवाद हुआ। जनाजा कब्रिस्तान की ओर निकलने के बाद ही कांवड़ियों ने अपनी यात्रा शुरू की। कुछ देर पहले जिस मार्ग पर कांवड़ियों का सैलाब था, वहां जनाजा निकालने के लिए शिवभक्तों का इस तरह रुक जाना ग्रामीणों के लिए भी भावुक कर देने वाला दृश्य रहा।
जनाजा निकलने के दौरान कांवड़ियों ने संयम बनाए रखा। किसी ने जल्दबाजी नहीं की और न ही रास्ता खोलने को लेकर कोई विवाद हुआ। जनाजा कब्रिस्तान की ओर निकलने के बाद ही कांवड़ियों ने अपनी यात्रा शुरू की। कुछ देर पहले जिस मार्ग पर कांवड़ियों का सैलाब था, वहां जनाजा निकालने के लिए शिवभक्तों का इस तरह रुक जाना ग्रामीणों के लिए भी भावुक कर देने वाला दृश्य रहा।
ग्रामीणों ने कहा कि कांवड़ियों ने केवल रास्ता ही नहीं दिया, बल्कि दूसरे समुदाय के व्यक्ति के अंतिम संस्कार के समय डीजे बंद कर सम्मान भी प्रकट किया। सावन की कांवड़ यात्रा के बीच सामने आई यह तस्वीर आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दे गई।