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Kanwad Yatra: मंजिल शिवालय-कदमों में तूफान; दर्द पर भारी आस्था, समय से पहले पहुंचने को दौड़ रहे डाक कांवड़िए

Mon, 10 Aug 2026 04:06 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 10 Aug 2026 04:06 PM IST
सार

शिवरात्रि नजदीक आते ही दिल्ली-देहरादून हाईवे पर डाक कांवड़ियों की रफ्तार बढ़ गई है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्त पैरों में छाले और शरीर की थकान के बावजूद समय से पहले शिवालय पहुंचने के लिए लगातार दौड़ रहे हैं।

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Kanwad Yatra: Destination Shiva Temple, Feet on Fire: Kanwariyas Race Against Time Despite Blisters and Pain
कांवड़ यात्रा 2026, डाक कांवड़, झांकी कांवड़ - फोटो : अमर उजाला

एक पल के लिए पैर ठिठकते हैं। तलवों का दर्द चेहरे पर साफ दिखाई देता है। साथी पानी की बोतल बढ़ाता है, कोई पैरों पर पट्टी बांधता है और कुछ देर बाद वही कदम फिर हाईवे पर दौड़ने लगते हैं। न थकान उन्हें रोक पा रही है और न ही पैरों के छाले।



दिल्ली-देहरादून हाईवे पर इन दिनों डाक कांवड़ियों की ऐसी ही तस्वीर दिखाई दे रही है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्तों की आंखों के सामने सिर्फ एक मंजिल है—शिवालय पहुंचना और भोलेनाथ का जलाभिषेक करना।

Kanwad Yatra: Destination Shiva Temple, Feet on Fire: Kanwariyas Race Against Time Despite Blisters and Pain
डाक कांवड़ - फोटो : अमर उजाला

दर्द से ज्यादा जरूरी है संकल्प
डाक कांवड़ियों के लिए यह सफर महज दूरी तय करने का नहीं, बल्कि संकल्प पूरा करने का है। शिवरात्रि नजदीक आने के साथ हाईवे पर डाक कांवड़ियों की संख्या बढ़ती जा रही है। कई दल निर्धारित समय में अपने शिवालय तक पहुंचने के लिए लगातार गति बनाए हुए हैं।

लंबी दूरी तय करने के बाद पैरों में छाले पड़ जाते हैं और तलवों में तेज दर्द होने लगता है। शरीर आराम मांगता है, लेकिन कुछ देर रुककर दर्द सहलाने और पट्टी बांधने के बाद कांवड़िए फिर दौड़ पड़ते हैं। उनके लिए मंजिल तक पहुंचना सबसे बड़ा लक्ष्य है।

Kanwad Yatra: Destination Shiva Temple, Feet on Fire: Kanwariyas Race Against Time Despite Blisters and Pain
कांवड़ यात्रा 2026, डाक कांवड़, झांकी कांवड़ - फोटो : अमर उजाला

घड़ी की सुई भी बनी चुनौती
डाक कांवड़ में समय की खास भूमिका होती है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर निकले शिवभक्तों के सामने निर्धारित समय में शिवालय पहुंचने का लक्ष्य रहता है। इसी वजह से थकान उन्हें ज्यादा देर रोक नहीं पाती।

दौड़ते हुए किसी साथी की रफ्तार धीमी पड़ती है तो दूसरे साथी उसे आवाज देकर साथ लेते हैं। घड़ी और मंजिल दोनों पर नजर रहती है। हर कदम के साथ समय कम होता जाता है और शिवालय की दूरी भी घटती जाती है।

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Kanwad Yatra: Destination Shiva Temple, Feet on Fire: Kanwariyas Race Against Time Despite Blisters and Pain
कांवड़ यात्रा 2026 - फोटो : अमर उजाला

11 घंटे में पहुंचने का लक्ष्य
हरियाणा निवासी नवीन ने बताया कि उनके दल में 22 सदस्य हैं और उन्होंने 11 घंटे में शिवालय पहुंचने का लक्ष्य रखा है। दिल्ली निवासी रमन ने बताया कि उनका दल 13 घंटे में मंजिल तक पहुंचने के लक्ष्य के साथ दौड़ रहा है।

वहीं, गुड़गांव निवासी रोहित ने कहा कि उन्होंने कोई समय निर्धारित नहीं किया है। उनके लिए भोलेनाथ की इच्छा ही सबसे बड़ी है। उन्होंने कहा कि भगवान जब बुलाएंगे, तब पहुंच जाएंगे।

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कांवड़ यात्रा 2026, डाक कांवड़, झांकी कांवड़ - फोटो : अमर उजाला

साथी ही सहारा, साथी ही हौसला
दौड़ते शिवभक्तों के साथ उनके साथी भी कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं। हरियाणा निवासी मोहित ने बताया कि दल में कोई पानी पिलाता है, कोई फल देता है तो कोई थके हुए पैरों की मालिश करता है।

दल के साथ चल रहे वाहनों में पानी, भोजन और प्राथमिक उपचार का सामान रखा गया है। हाईवे किनारे लगे सेवा शिविर भी कांवड़ियों के लिए राहत का सहारा बने हुए हैं। कुछ देर आराम करने और पैरों पर पट्टी बांधने के बाद शिवभक्त फिर अपनी मंजिल की ओर निकल पड़ते हैं।

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