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सेंट्रल मार्केट मामला: मूसलाधार बारिश में भी नहीं डिगा हौसला, घर और कारोबार बचाने को धरने पर डटी रहीं महिलाएं

Wed, 29 Jul 2026 10:48 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 29 Jul 2026 10:48 AM IST
सार

मेरठ में भारी बारिश के बीच भी सेक्टर-2 और गोल मंदिर के पास महिलाएं घर और कारोबार बचाने की मांग को लेकर धरने पर डटी रहीं। सुप्रीम कोर्ट के ध्वस्तीकरण आदेश के बाद व्यापारी राहत और वैकल्पिक दुकानों की मांग कर रहे हैं।

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Central Market Case: Women Continue Protest in Heavy Rain to Save Homes and Businesses
धरने पर बैठीं महिलाएं, सेंट्रल मार्केट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ में मूसलाधार बारिश के बावजूद मंगलवार को सेक्टर-2 और गोल मंदिर के पास सेक्टर-3 एवं सेक्टर-4 के चौराहे पर महिलाओं का धरना जारी रहा। घर और कारोबार बचाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने खराब मौसम के बावजूद अपना आंदोलन जारी रखा।

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यह धरना सुप्रीम कोर्ट के 14 जुलाई को 44 संपत्तियों के ध्वस्तीकरण संबंधी आदेश के बाद शुरू हुआ है। आदेश आवासीय भवनों के पूर्ण व्यावसायिक उपयोग को लेकर दिया गया था।
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मुख्यमंत्री के सलाहकार से वार्ता के बाद रखीं नई मांगें
17 जुलाई को मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने मेरठ पहुंचकर प्रभावित महिलाओं और व्यापारियों से बातचीत की थी। इसके बाद कई प्रस्ताव तैयार किए गए। अब प्रदर्शनकारी व्यापारी मांग कर रहे हैं कि जब तक उन्हें वैकल्पिक दुकानें नहीं मिल जातीं, तब तक ₹50 हजार प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाए। साथ ही नई बनने वाली दुकानें उन्हें निशुल्क आवंटित की जाएं।

परिषद ने खोली सील, ध्वस्तीकरण के लिए दिए 15 दिन
उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने बताया कि पहले सील की गई संपत्तियों की सील खोल दी गई है। संपत्ति स्वामियों को 15 दिन के भीतर स्वयं ध्वस्तीकरण करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि के बाद परिषद अपने स्तर पर कार्रवाई करेगी।

घर और कारोबार बचाने की मांग पर अड़े व्यापारी
धरने पर बैठी महिलाएं और व्यापारी अपने घरों और व्यवसाय को बचाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होती, तब तक उन्हें आर्थिक सहायता और स्थायी पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा।
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