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Meerut: 22 साल का रिकॉर्ड टूटा, 585.5 मिमी बारिश से शहर बेहाल; सड़कें बनीं तालाब, घरों में घुसा नालों का पानी

Wed, 29 Jul 2026 10:28 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 29 Jul 2026 10:28 AM IST
सार

 22 साल बाद जुलाई में 585.5 मिमी रिकॉर्ड बारिश ने मेरठ की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। सड़कें तालाब बन गईं, नालों का गंदा पानी घरों और अस्पतालों तक पहुंच गया, जबकि बाजारों और प्रमुख मार्गों पर घंटों जाम लगा रहा।

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Meerut Records Highest July Rainfall in 22 Years; City Flooded, Roads Turn into Waterlogged Stretch
मेरठ में जलभराव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ में मंगलवार को हुई तेज बारिश ने एक बार फिर शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। जगह-जगह जलभराव हो गया, नाले उफन पड़े और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई प्रमुख मार्गों पर घंटों जाम की स्थिति बनी रही।

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सुबह से शुरू हुई बारिश दोपहर तक तेज रही। मेरठ कॉलेज, आरजी कॉलेज, एनएएस कॉलेज, नौचंदी ग्राउंड, हंस चौराहा और शिवाजी रोड के सामने सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। छीपी टैंक, विजयनगर, गढ़ रोड स्थित मंगल पांडे नगर में एसबीआई बैंक, पेट्रोल पंप, भाग्यश्री अस्पताल और ब्रॉडवे होटल के सामने भी जलभराव हो गया। लालकुर्ती के घोसी मोहल्ला और हंडिया मोहल्ला में बारिश का पानी घरों में घुस गया।
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बच्चा पार्क, फिल्मीस्तान रोड, जिमखाना रोड, चर्च के सामने, हापुड़ रोड और बेगमपुल रोड पर जाम लगा रहा। दिल्ली रोड पर नाला ओवरफ्लो होने से देवलोक कॉलोनी, स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, गुप्ता कॉलोनी, ट्रांसपोर्ट नगर, माधवपुरम और भूमिया के पुल क्षेत्र में जलभराव हो गया। भूमिया के पुल पर नाला उफनने से गंदा पानी घरों में घुस गया। 
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लोगों ने जलभराव की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर नाराजगी जताई। दोपहर बाद बारिश धीमी होने पर सड़कों से पानी कम हुआ। रविवार को जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में जलभराव से निपटने पर चर्चा हुई थी, लेकिन उसका असर नजर नहीं आया।

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मेरठ में बारिश - फोटो : अमर उजाला
महापौर के कैंप कार्यालय में भी भरा पानी
महापौर के कैंप कार्यालय में भी पानी भर गया। भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता काफी देर तक कार्यालय से बाहर नहीं निकल सके। बाद में नगर निगम कर्मियों ने पंपसेट लगाकर पानी निकाला।

पीडब्ल्यूडी ने सड़क किनारे नाले बनाए हैं, उनमें अभी सफाई नहीं हुई है। इसकी वजह से नगर निगम कार्यालय में पानी आ गया था। जलभराव खत्म करने के लिए माधवपुरम, डिफेंस कॉलोनी और ट्रांसपोर्ट नगर आदि 16 स्थानों पर पंपिंग सेट लगाए थे। इसके बाद आधे से एक घंटे में जलभराव खत्म हो गया। बच्चा पार्क में पंपिंग सेट देर से पहुंचा।  - हरिकांत अहलूवालिया, महापौर

Meerut Records Highest July Rainfall in 22 Years; City Flooded, Roads Turn into Waterlogged Stretch
मेरठ में बारिश - फोटो : अमर उजाला
22 साल बाद जुलाई में हुई 585.5 मिमी बारिश
जिले में मंगलवार को हुई झमाझम बारिश के साथ जुलाई माह में वर्षा का 22 वर्षों का रिकॉर्ड टूट गया। जुलाई में अब तक 585.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। वर्ष 2004 के बाद पहली बार जुलाई में बारिश का आंकड़ा 585 मिमी के पार पहुंचा है। इससे पहले वर्ष 2004 में 546.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी।

मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक 80.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे से मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 0.5 मिमी वर्षा हुई। लगातार बारिश से मौसम सुहावना हो गया और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली।

बारिश से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। निचले इलाकों में लोगों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं धान, मक्का, गन्ना और अन्य खरीफ फसलों के लिए यह बारिश लाभकारी मानी जा रही है।

22 वर्षों में जुलाई माह की वर्षा 
 वर्ष     वर्षा

 2004     546.4
 2005     421.6
 2006     298.0
 2007     375.0
 2008     198.0
 2009     281.0
 2010     389.2
 2011     264.8
 2012     139.8
 2013     174.6
 2014     175.0
 2015     164.3
 2016     323.1
 2017     156.9
 2018     544.4
 2019     330.0
 2020     293.7
 2021     298.9
 2022     212.8
 2023     355.7
 2024     273.9
 2025     425.3
 2026     585.5

कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि झमाझम बारिश के साथ रिकॉर्ड वर्षा दर्ज की गई है। अधिकतम तापमान 27.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। उन्होंने अगले एक-दो दिन हल्की से मध्यम तथा कहीं-कहीं तेज बारिश की संभावना जताई। बारिश के बाद शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 53 दर्ज किया गया। 

 शहर की रफ्तार थमी, कई इलाकों में जलभराव : मूसलाधार बारिश के बाद पल्लवपुरम फेज-एक, पल्लवपुरम फेज-दो, रुड़की रोड, मोदीपुरम और आसपास के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। 

किसानों के लिए संजीवनी बनी बारिश : कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरएस सेंगर ने बताया कि धान, गन्ना, मक्का, बाजरा और अन्य खरीफ फसलों के लिए यह वर्षा लाभकारी है। हालांकि जिन खेतों में अधिक पानी भर गया है, वहां जल निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए।

जूते बचाने के लिए पॉलीथिन पहनकर पहुंचे कई चिकित्सक
लगातार बारिश के कारण जिला अस्पताल और लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में जलभराव हो गया। मेडिकल कॉलेज के ओपीडी, इमरजेंसी, टीबी वार्ड और विभिन्न वार्डों की ओर जाने वाले मार्गों पर पानी भर गया। एसबीआई की ओर जाने वाले पहले मार्ग पर भी जलभराव रहा। 

टीबी वार्ड में इलाज कराने आए परीक्षितगढ़ के रविंद्र, सिसौली के जयवीर और हसनपुर कलां के वीरसेन समेत कई मरीजों को परेशानी हुई। पर्चा काउंटर के सामने पार्क में डेढ़ से दो फुट तक पानी भर गया, जिससे लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। कई चिकित्सक और तीमारदार जूते बचाने के लिए पैरों में पॉलीथिन पहनकर पहुंचे। जिला अस्पताल में ब्लड बैंक से आयुष्मान वार्ड जाने वाले पिछले मार्ग, होम्योपैथिक वार्ड और आंखों की सर्जरी वार्ड के सामने भी जलभराव रहा। मरीजों ने बताया कि थोड़ी सी बारिश में भी हर बार ऐसे हालात बन जाते हैं और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त न होने से परेशानी बढ़ जाती है। 

अभी मेडिकल काॅलेज से एसबीआई वाले मार्ग पर टाइल्स लागाई जा रही है। यहां जलभराव हो जाता था। यह काम पूरा होने के बाद यह समस्या खत्म हो जाएगी। मेडिकल काॅले को जलभराव से निजात दिलाने के लिए योजना तैयार की जा रही है। - अजीत चाैधरी, सीएमएस मेडिकल काॅलेज

Meerut Records Highest July Rainfall in 22 Years; City Flooded, Roads Turn into Waterlogged Stretch
मेरठ में बारिश - फोटो : अमर उजाला

कैंट क्षेत्र में पेड़ गिरने से टूटे खंभे-तार
बारिश के साथ ही मंगलवार कोशहर के कई हिस्सों की बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। कैंट क्षेत्र में सेंट मेरी एकेडमी के पास नीम का बड़ा पेड़ गिरने से बिजली के खंभे और तार टूट गए, जिससे रजबन और आसपास के क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।  वहीं बुढ़ाना गेट, खंदक बाजार, सुभाष बाजार, इंदिरा चौक, शाहघासा बाजार समेत कई क्षेत्रों में करीब 10 घंटे तक बिजली नहीं रही।
 
बारिश का पानी लेडीज पार्क बिजलीघर में भरने से बुढ़ाना गेट, शाहघासा बाजार, सुभाष बाजार, खंदक बाजार, कोतवाली, पूर्वा अहिरान और इंदिरा चौक समेत कई क्षेत्रों की बिजली सुबह आठ बजे से ठप हो गई। हैंडलूम वस्त्र व्यापारी संघ के प्रधान अंकुर गोयल, महामंत्री नीलकमल, राहुल जैन, अंबुज रस्तोगी और पार्षद कुलदीप बिजलीघर पहुंचे और हंगामा किया। समस्या का समाधान नहीं होने पर उन्होंने ऊर्जा राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत से शिकायत की। राज्य मंत्री के निर्देश के बाद शाम छह बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। घंटाघर क्षेत्र, कच्ची सराय, सर्राफा बाजार और पत्थरवालान में भी सुबह आठ बजे बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जो शाम को बहाल हुई। 

 मुख्य अभियंता मेरठ जोन प्रथम  रजनीकांत मिश्र ने बताया कि लेडीज पार्क बिजलीघर में घुसे पानी को कड़ी मशक्कत के बाद निकलवाया गया, जिसके बाद पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति सुचारू कराई गई।

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