Meerut: मायावती पर चंद्रशेखर का बेनाम हमला, बोले-आप भी मगरमच्छ के आंसू बहाने आओ, किसने रोका है?
मेरठ में अनुसूचित जाति की छात्रा हत्याकांड को लेकर नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने सिवाया टोल प्लाजा पर रोक दिया। बाद में कंट्रोल कक्ष में पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय दिलाने का भरोसा दिया और मायावती पर बिना नाम लिए निशाना साधा।
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विस्तार
अनुसूचित जाति की छात्रा हत्याकांड को लेकर मेरठ में राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। शुक्रवार को पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने सिवाया टोल प्लाजा पर रोक दिया।
कई घंटे की गहमागहमी के बाद प्रशासन ने पीड़ित परिवार को सिवाया टोल प्लाजा स्थित नियंत्रण कक्ष बुलाया, जहां चंद्रशेखर आजाद ने मृतका की मां और बहन से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान ग्रामीण क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक अभिजीत कुमार भी मौजूद रहे। सांसद ने परिवार को हरसंभव सहायता और न्याय की लड़ाई में साथ देने का भरोसा दिया।
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दलित समाज पर कार्रवाई को लेकर जताई नाराजगी
पीड़ित परिवार से लंबी बातचीत के बाद बाहर आए चंद्रशेखर आजाद ने दलित समाज के लोगों पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि दलित समाज के लोगों की पिटाई किसी भी स्थिति में न्यायसंगत नहीं कही जा सकती। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस अधिकारियों को लोगों के साथ मारपीट करने का अधिकार किसने दिया। उनका आरोप था कि यह सब दलित समाज की आवाज को दबाने के उद्देश्य से कराया गया है।
उन्होंने कहा कि यदि वह 20 जुलाई तक जीवित रहे तो संसद में इस पूरे मामले को प्रमुखता से उठाएंगे। साथ ही पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और गिरफ्तार किए गए लोगों की रिहाई की मांग को लेकर धरने पर भी बैठेंगे।
पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल, न्याय की लड़ाई का भरोसा
मीडिया से बातचीत में चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि वह पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे और इस मामले को दबने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़ित परिवार को समयबद्ध न्याय मिलना चाहिए।
मायावती पर बिना नाम लिए साधा निशाना
पत्रकारों से बातचीत के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'हम मगरमच्छ के आंसू बहाने आते हैं, आप भी आओ न मगरमच्छ के आंसू बहाने, आपको किसने रोका है।'
उन्होंने आगे कहा कि केवल अदालतों का रास्ता दिखाने से न्याय नहीं मिलेगा। उनका कहना था कि यदि न्याय मिलने में वर्षों लग जाएंगे तो तब तक बहन-बेटियों की सुरक्षा और सम्मान का क्या होगा।
पहले मायावती ने भी किया था पलटवार
इससे पहले बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने भी बिना नाम लिए चंद्रशेखर आजाद पर टिप्पणी की थी। लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि कुछ संगठन और राजनीतिक दल अपने संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ के लिए दलित और वंचित समाज के लोगों को गुमराह कर सड़कों पर उतार रहे हैं।
सिवाया टोल प्लाजा पर रहा कड़ा सुरक्षा घेरा
चंद्रशेखर आजाद के मेरठ पहुंचने से पहले सिवाया टोल प्लाजा पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। बैरिकेडिंग कर कई मार्ग बंद कर दिए गए थे। मौके पर ग्रामीण क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक अभिजीत कुमार, यातायात पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार श्रीवास्तव, नगर अपर जिलाधिकारी बृजेश सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में आजाद समाज पार्टी के समर्थक भी टोल प्लाजा पहुंचे, जिससे लंबे समय तक वहां हलचल का माहौल बना रहा।