सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Gandhi Jayanti: Gandhi ji awakened freedom fire in people under the banyan tree in Meerut college

गांधी जयंती विशेष: मेरठ में जब कॉलेज में वटवृक्ष के नीचे गांधी जी ने जगाई आजादी की अलख 

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 02 Oct 2021 02:24 PM IST
विज्ञापन
सार

गांधी जी का मेरठ से खासा लगाव रहा। पहली बार वह 1920 में मेरठ आए। यहां पर रात्रि प्रवास किया और चार जगहों पर सभाएं की। वह मेरठ कॉलेज गए और छात्रों से मुलाकात की। मेरठ कॉलेज में वट वृक्ष के नीचे उन्होंने यज्ञ में शामिल होकर आहुति दी थी।

Gandhi Jayanti: Gandhi ji awakened freedom fire in people under the banyan tree in Meerut college
वटवृक्ष - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी हमेशा भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल रहे। क्रांतिधरा से उनकी कभी न मिटने वाली यादेें जुडी हैं। बापू 1920 में आए तो मेरठ की धरती भाईचारे की मिसाल बन गई। बापू के साथ चले कारवां में हिंदुओं की कमीज पर चांद-सितारा का चिन्ह और मुस्लिमों ने पीला टीका लगाया था। मेरठ कॉलेज में वट वृक्ष के नीचे आयोजित यज्ञ में आहुति देकर स्वतंत्रता की अलख जगाई थी। 

Trending Videos


जनवरी, 1920 में क्रांतिधरा पर बापू पहुंचे थे। देवनागरी कॉलेज से घंटाघर तक निकाले गए जुलूस में लोगों ने हिंदू-मुस्लिम एकता का परिचय दिया था। जिमखाना और कैसल व्यू पर हुई जनसभाओं में गांधी जी ने खिलाफत और असहयोग आंदोलन को एक सूत्र में पिरोया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इतिहासकार प्रो. केडी शर्मा बताते हैं कि देवनागरी कॉलेज में स्वागत समारोह के बाद उन्होंने जुलूस का नेतृत्व किया था। हिंदू-मुस्लिम एकता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जुलूस में हिंदुओं ने अपनी ड्रेस पर चांद-सितारा चिन्ह और मुस्लिमों ने पीला टीका लगा रखा था।

यह भी पढ़ें: यूपी: घर से मंदिर के लिए निकली थी युवती, सिरफिरे आशिक ने रास्तें में रोककर बरसाईं गोलियां, फिर खुद घर जाकर उठाया खौफनाक कदम

Gandhi Jayanti: Gandhi ji awakened freedom fire in people under the banyan tree in Meerut college
वटवृक्ष - फोटो : अमर उजाला

101 साल पहले जब आए थे बापू
गांधी जी का मेरठ से खासा लगाव रहा। इतिहासकार बताते हैं कि पहली बार वह 1920 में मेरठ आए। यहां पर रात्रि प्रवास किया और चार जगहों पर सभाएं की। रेलवे रोड चौराहे पर लोगों ने भव्य स्वागत किया था। यहां से वह टाउन हॉल पहुंचे और सभा की। इसके बाद जिमखाना मैदान गए।

जिमखाना को तब बर्फखाना कहा जाता था। यहां सभा करने के बाद वह मेरठ कॉलेज गए और छात्रों से मुलाकात की। मेरठ कॉलेज में वट वृक्ष के नीचे उन्होंने यज्ञ में शामिल होकर आहुति दी थी। इसके बाद गांधी जी ने वेस्ट एंड रोड पर नवाब इस्माइल के यहां पर रात्रि विश्राम किया था। इसके बाद गांधी जी 1929 में दोबारा मेरठ आए।

मेरठ में बना गांधी आश्रम का प्रधान कार्यालय 
महात्मा गांधी पूरे देश में असहयोग आंदोलन को सफल बनाने के लिए जनसभा कर रहे थे। वहीं, दूसरी ओर बनारस हिंदू विवि से इस्तीफा देकर आचार्य जेबी कृपलानी अपने 20 छात्रों के साथ गांधी आश्रम की नींव रखी। गांधी आश्रम की स्थापना 30 नवंबर, 1920 में हुई। 1926 में गांधी आश्रम का प्रधान कार्यालय बनारस से मेरठ लाया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed