Sawan: हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजेगा मेरठ, सावन की पहली भोर से शिवमय हुआ शहर, 27 शिव मंदिरों में कार्यक्रम
Meerut News: सावन की शुरुआत के साथ मेरठ के 27 प्रमुख शिव मंदिरों में विशेष पूजा, जलाभिषेक और धार्मिक आयोजन होंगे। शहरभर में कांवड़ सेवा शिविर भी शुरू होंगे। श्रद्धालु हर-हर महादेव के जयघोष के बीच भगवान शिव की आराधना करेंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सावन की पहली सुबह के साथ मेरठ हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठेगा। औघड़नाथ मंदिर सहित शहर के 27 प्रमुख शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और जलाभिषेक के आयोजन होंगे। वहीं विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों की ओर से कांवड़ सेवा शिविर भी शुरू किए जाएंगे, जहां शिवभक्तों की सेवा की जाएगी।
30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलने वाले श्रावण मास में श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक, व्रत और सात्विक जीवन का पालन करेंगे। मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगने की संभावना है।
यह भी पढ़ें: Exclusive: आखिर हत्यारों तक कैसे पहुंच रहे जहरीले सांप? सपेरों ने झाड़ा पल्ला, बोले-हम तो बजा रहे नागिन बैंड
इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स के अनुसार श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का सबसे श्रेष्ठ समय माना जाता है। इस महीने जल, बेलपत्र, धतूरा और आक अर्पित करने का विशेष महत्व है। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य विनोद त्यागी का कहना है कि वर्षा ऋतु में प्रकृति स्वयं शिव पूजा की सामग्री उपलब्ध कराती है, इसलिए सावन आध्यात्म और प्रकृति का अद्भुत संगम है।
आचार्य मनीष स्वामी बताते हैं कि समुद्र मंथन के दौरान निकले हलाहल विष को भगवान शिव ने अपने कंठ में धारण किया था। उनके ताप को शांत करने के लिए देवताओं ने जल अर्पित किया, तभी से सावन में जलाभिषेक और कांवड़ यात्रा की परंपरा प्रचलित मानी जाती है।
आचार्य संजय त्रिपाठी के अनुसार इस वर्ष श्रावण मास में चार सोमवार पड़ रहे हैं। इन दिनों श्रद्धा, नियम और विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करने पर मनोकामनाएं पूर्ण होने, आरोग्य, सुख और समृद्धि की प्राप्ति का विशेष महत्व बताया गया है।