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Meerut: फलावदा के सरकारी स्कूल में प्रधानाचार्य पर बच्चों को मुर्गा बनाकर पीटने का आरोप, वीडियो वायरल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: डिंपल सिरोही
Updated Mon, 16 Feb 2026 10:38 AM IST
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सार
मेरठ के फलावदा क्षेत्र के सरकारी स्कूल में प्रधानाचार्य पर बच्चों को मुर्गा बनाकर पीटने का आरोप लगा है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस जांच में जुटी है। प्रधानाचार्य ने इसे योग अभ्यास बताया।
छात्राें को दी सजा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मेरठ के फलावदा थाना क्षेत्र के ग्राम अमरोली उर्फ बड़ागांव स्थित एक सरकारी स्कूल में प्रधानाचार्य पर बच्चों को मुर्गा बनाकर डंडे से पीटने का आरोप लगा है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।
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वीडियो में बच्चों को सजा देते दिखे प्रधानाचार्य
वायरल वीडियो में प्रधानाचार्य के हाथ में डंडा दिखाई दे रहा है। कुछ बच्चों को मुर्गा बनाकर रखा गया है, जबकि कुछ छात्राओं को हाथ ऊपर कर खड़ा किया गया है। इस दौरान वीडियो बना रहे युवक और प्रधानाचार्य के बीच बहस भी होती दिखाई दे रही है।
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परिजनों ने लगाया मारपीट और प्रताड़ना का आरोप
पीड़ित बच्चों के परिजनों का आरोप है कि उनके बच्चे इसी स्कूल में पढ़ते हैं और प्रधानाचार्य ने बिना किसी कारण उनके साथ मारपीट और प्रताड़ना की। मामले की सूचना डायल 112 पर पुलिस को दी गई।
पुलिस ने कहा-कोई लिखित शिकायत नहीं मिली
सीओ मवाना पंकज लवानिया ने बताया कि वायरल वीडियो पुलिस के संज्ञान में आया है। पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन प्रधानाचार्य वहां नहीं मिले। फिलहाल परिजनों की ओर से कोई लिखित तहरीर नहीं दी गई है।
प्रधानाचार्य ने आरोपों से किया इनकार, बताया योग अभ्यास
वहीं प्रधानाचार्य ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वीडियो शनिवार का है और उस दिन बैगलेस डे था। उन्होंने बताया कि वह नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत बच्चों को योग सिखा रहे थे, जिससे संतुलन, शक्ति और मानसिक एकाग्रता बेहतर होती है। उनका कहना है कि एक ग्रामीण ने गलतफहमी में वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।
पीड़ित बच्चों के परिजनों का आरोप है कि उनके बच्चे इसी स्कूल में पढ़ते हैं और प्रधानाचार्य ने बिना किसी कारण उनके साथ मारपीट और प्रताड़ना की। मामले की सूचना डायल 112 पर पुलिस को दी गई।
पुलिस ने कहा-कोई लिखित शिकायत नहीं मिली
सीओ मवाना पंकज लवानिया ने बताया कि वायरल वीडियो पुलिस के संज्ञान में आया है। पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन प्रधानाचार्य वहां नहीं मिले। फिलहाल परिजनों की ओर से कोई लिखित तहरीर नहीं दी गई है।
प्रधानाचार्य ने आरोपों से किया इनकार, बताया योग अभ्यास
वहीं प्रधानाचार्य ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वीडियो शनिवार का है और उस दिन बैगलेस डे था। उन्होंने बताया कि वह नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत बच्चों को योग सिखा रहे थे, जिससे संतुलन, शक्ति और मानसिक एकाग्रता बेहतर होती है। उनका कहना है कि एक ग्रामीण ने गलतफहमी में वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।