UP: बिना नागरिकता के 30 साल से मेरठ में रह रहीं मां-बेटी, ISI के लिए जासूसी का आरोप, एफआईआर दर्ज
मेरठ के देहली गेट क्षेत्र में तीन दशक से बिना भारतीय नागरिकता रह रही मां-बेटी पर ISI के लिए जासूसी और फर्जी दस्तावेज बनाने का आरोप लगा है। पुलिस, एलआईयू और खुफिया एजेंसियां जांच में जुटी हैं।
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मेरठ जनपद के देहली गेट थाना क्षेत्र अंतर्गत जली कोठी स्थित नादिर अली कोठी में पिछले तीन दशकों से बिना भारतीय नागरिकता के रह रही एक महिला और उसकी बेटी के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है।
आरोप है कि मां-बेटी अवैध रूप से भारत में रह रही हैं और आईएसआई के लिए जासूसी करते हुए गोपनीय जानकारियां सीमा पार पहुंचा रही हैं। इस मामले के सामने आते ही पुलिस प्रशासन के साथ-साथ एलआईयू और स्पेशल इंटेलिजेंस की टीमें भी जांच में जुट गई हैं। पुलिस अब इनके अन्य परिजनों की भी भूमिका की पड़ताल कर रही है।
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तहरीर के अनुसार पाकिस्तान से वापस लौटते समय सबा ने अपने पाकिस्तानी पासपोर्ट पर ऐमन फरहत की एंट्री कराई थी और भारत आ गई। यहां आने के बाद ऐमन का दाखिला कैंट के एक प्रतिष्ठित स्कूल में कराया गया लेकिन उसे कभी भी भारतीय नागरिकता नहीं दिलाई गई। >> खुफिया तंत्र की कार्यशैली पर उठे सवाल : पेज 03
फर्जी दस्तावेजों और पासपोर्ट बनवाने का आरोप
आरोप है कि सबा और ऐमन फरहत आज भी तकनीकी रूप से पाकिस्तानी नागरिक ही हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि सबा ने जालसाजी करते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार किए और ऐमन का फर्जी भारतीय पासपोर्ट बनवा लिया।
इतना ही नहीं सबा ने मतदाता सूची में भी हेरफेर कर अपने सबा मसूद और नाजिया मसूद के नाम से दो अलग-अलग वोटर कार्ड बनवा लिए जबकि ये दोनों नाम एक ही पाकिस्तानी महिला के हैं। इन्ही फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मां-बेटी द्वारा कई बार विदेश यात्राएं करने की बात भी सामने आई है। फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है।