UP: मेरठ में मां-बेटी पर जासूसी का आरोप, तीन दशक से नहीं नागरिकता, खुफिया तंत्र की कार्यशैली पर उठे सवाल
Meerut Spy Case: मेरठ में मां-बेटी पर आईएसआई एजेंट के रूप में सेना मुख्यालय और मंत्रालयों की जासूसी करने का आरोप लगा है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं।
विस्तार
मेरठ जिले में तीन दशकों से रह रहे संदिग्धों का मामला अब देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनकर उभरा है। आरोप है कि बिना भारतीय नागरिकता के मेरठ में रहीं मां-बेटी न केवल यहां जड़ें जमा चुकी हैं बल्कि आईएसआई के एजेंट के रूप में भी सक्रिय हैं। मां-बेटी पर देश के कई मंत्रालयों और संवेदनशील सैन्य ठिकानों की जासूसी करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
हैरानी की बात यह है कि आरोपी पिछले 30 वर्षों से मेरठ में रह रहे हैं लेकिन स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। अब प्राथमिकी दर्ज होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आई हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी मां-बेटी न केवल आईएसआई के लिए सूचनाएं जुटा रही हैं बल्कि शहर में स्लीपर सेल तैयार करने के मिशन पर भी काम कर रही हैं।
यह भी पढ़ें: Meerut News Today Live: मेरठ और आसपास की ताजा और अहम खबरें, पढ़ें 16 फ़रवरी को आपके शहर में क्या हुआ
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह के अनुसार शिकायत में गंभीर तथ्य सामने आए हैं। आरोपी सबा के पिता हनीफ को पाकिस्तानी आईएसआई एजेंट बताया गया है। आरोप है कि सबा और उसकी बेटी ऐमन मेरठ कैंट, सेना मुख्यालय और दिल्ली स्थित कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों में घूमकर गोपनीय जानकारी एकत्र करती रही हैं। शिकायतकर्ता ने एसएसपी और एसपी सिटी से मिलकर साक्ष्य सौंपे हैं जिसके बाद इंटेलीजेंस की टीमें सक्रिय हो गई हैं।
इतने संवेदनशील मामले में एलआईयू और इंटेलीजेंस की विफलता पर भी सवाल उठ रहे हैं। शहर के बीचों-बीच दशकों से संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं लेकिन स्थानीय खुफिया तंत्र गहरी नींद में सोया रहा। अब जबकि मामला सार्वजनिक हो गया है तब जाकर अधिकारी पड़ताल की बात कर रहे हैं। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि कहीं यह मामला आपसी रंजिश का तो नहीं है।