गर्भवती पत्नी शिखा और पांच साल के बेटे रूकांश की हत्या के बाद बैंक मैनेजर संदीप कुमार की जान को खतरा बढ़ गया है। हरीश का नोएडा में गैंग है, जो संदीप के साथ वारदात कर सकता है। पुलिस का दावा है कि संदीप को जल्द सुरक्षा मिलेगी। वहीं हत्यारोपी हरीश के खिलाफ जल्द चार्जशीट लगाने की तैयारी कर दी है।
बैंक मैनेजर की जान को खतरा: पत्नी-बेटे की हत्या से टूटा गमों का पहाड़,संदीप रो-रोकर बता रहे जिंदगी के गुजरे पल
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हस्तिनापुर में सोमवार को बैंक मैनेजर संदीप कुमार के घर में उनकी पत्नी शिखा और बेटे रूकांश की हत्या हुई थी। हत्यारोपी बहनोई हरीश को पुलिस ने जेल भेज दिया है। वहीं दूसरे हत्यारोपी रवि जाटव ने पिलखुवा के अहमदपुर नया गांव में आत्महत्या कर ली थी।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि हरीश शातिर अपराधी है और उसका नोएडा में गैंग है। दो करोड़ की चोरी के मामले में हरीश साथियों के साथ जेल गया था। पुलिस का दावा है कि हरीश संदीप को भी खत्म करना चाहता था। शिखा के पिता उन्नाव निवासी श्रीपाल ने भी दामाद संदीप की जान को खतरा जताया है।
दिनभर रोते रहे संदीप, सांत्वना देने वालों का तांता
बैंक मैनजर संदीप का रो-रोकर बुरा हाल है। दिनभर संदीप अपनी पत्नी और बेटे को याद करके बेड पर बैठे रहते है। उनके घर पर लोगों का तांता लगा हुआ है। हस्तिनापुर थाना प्रभारी ने भी अपने पुलिस टीम के साथ उनके घर पहुंचकर संदीप को आश्वासन दिया कि वह उनके साथ हैं। वे 24 घंटे उनकी सुरक्षा में हैं। हस्तिनापुर के लोगों का कहना कि बैंक मैनेजर को आंच भी नहीं आने देंगे।
बिखर गए सपने... शिखा ने पाई-पाई जोड़ी तब बना था घर
शिखा और रूकांश की बात संदीप लोगों को बता रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब देर रात 11:30 बजे घर का ताला तोड़ा तो अंदर की स्थिति को देखकर समझ नहीं पाया। उसने बहुत देर तक सोचा कि उसके गहने और कैश चोरी हो गया है। अपहरणकर्ता का फोन आएगा। पत्नी और बच्चे वापस मिल जाएंगे। गायब स्कूटी के कागज ढूंढने के लिए बेड का बॉक्स खोला तो बेटे का शव देखकर पैरों तले जमीन खिसक गई। उसके बाद दूसरे कमरे के बेड में शिखा का शव मिला। बताया कि उन्हें अच्छा घर बनाने के लिए बैंक से एक करोड़ रुपये का लोन लेने की बात शिखा से कहीं थी। शिखा ने मेहनत व तनख्वाह के पैसे जोड़कर सौ गज का घर खरीदवाया था।