{"_id":"69c2a181631114da6501177e","slug":"moving-with-the-times-is-the-true-sadhana-of-life-bhav-bhushan-meerut-news-c-228-1-mwn1001-104636-2026-03-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"समय के साथ चलना ही जीवन की सच्ची साधना : भाव भूषण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समय के साथ चलना ही जीवन की सच्ची साधना : भाव भूषण
विज्ञापन
कैलाश पर्वत पर चल रहे भक्तांबर विधान पाठ में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत संवाद
विज्ञापन
- कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में 48 दिवसीय भक्तामर विधान पाठ का 45वां दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में विश्व की सुख-शांति-समृद्धि के लिए चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान पाठ के 45वें दिन विधानाचार्य सौरभ शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया। स्वर्ण कलश से रवींद्र जैन ने अभिषेक किया। शांतिधारा रिधान जैन, अनिल जैन, दीप का प्रज्ज्वलन सुशील कुमार जैन, शैली, अंश, क्षमारानी, राजरानी जैन और शांतिधारा का उच्चारण सुनीता दीदी ने किया।
आदिनाथ भगवान की पूजा और तीर्थंकरों के अर्घ्य चढ़ाने के बाद भक्तामर विधान का शुभारंभ हुआ। इसमें 48 अर्घ्य चढ़ाए गए। 401 परिवारों की ओर से विधान कराया गया।
विधान से मध्य गुरुवर भाव भूषण महाराज ने कहा कि हम प्रायः कहते हैं कि हम समय काट रहे हैं मगर याद रखना तुम समय नहीं काट रहे, समय हर पल तुम्हें काट रहा है। समय का बीता हुआ हर क्षण तुम्हारी आयु घटा रहा है। इस तरह समय काटने से अच्छा है कि उसका सदुपयोग करो। समय तो अपनी गति पर ही रहेगा। बस ये संसार बदलता रहेगा। इसलिए समय को धर्म साधना में लगाकर सार्थक बनाएं।
विधान का विसर्जन आयुष जैन, पीयूष जैन एवं गुरुकुल के छात्रों ने किया। पंच परमेष्टी की आरती का दीप प्रज्ज्वलन डॉ. अदिति जैन, डॉ. आदि जैन, महेंद्र जैन, आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन युवराज सोगानी, आशीष जोशी और भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन समृद्धि सोगानी एवं सविता जैन ने किया। इस मौके पर क्षेत्र के अध्यक्ष जीवेंद्र जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, प्रमोद जैन, अतुल जैन, शशांक जैन, विजय जैन का सहयोग रहा।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में विश्व की सुख-शांति-समृद्धि के लिए चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान पाठ के 45वें दिन विधानाचार्य सौरभ शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया। स्वर्ण कलश से रवींद्र जैन ने अभिषेक किया। शांतिधारा रिधान जैन, अनिल जैन, दीप का प्रज्ज्वलन सुशील कुमार जैन, शैली, अंश, क्षमारानी, राजरानी जैन और शांतिधारा का उच्चारण सुनीता दीदी ने किया।
आदिनाथ भगवान की पूजा और तीर्थंकरों के अर्घ्य चढ़ाने के बाद भक्तामर विधान का शुभारंभ हुआ। इसमें 48 अर्घ्य चढ़ाए गए। 401 परिवारों की ओर से विधान कराया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विधान से मध्य गुरुवर भाव भूषण महाराज ने कहा कि हम प्रायः कहते हैं कि हम समय काट रहे हैं मगर याद रखना तुम समय नहीं काट रहे, समय हर पल तुम्हें काट रहा है। समय का बीता हुआ हर क्षण तुम्हारी आयु घटा रहा है। इस तरह समय काटने से अच्छा है कि उसका सदुपयोग करो। समय तो अपनी गति पर ही रहेगा। बस ये संसार बदलता रहेगा। इसलिए समय को धर्म साधना में लगाकर सार्थक बनाएं।
विधान का विसर्जन आयुष जैन, पीयूष जैन एवं गुरुकुल के छात्रों ने किया। पंच परमेष्टी की आरती का दीप प्रज्ज्वलन डॉ. अदिति जैन, डॉ. आदि जैन, महेंद्र जैन, आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन युवराज सोगानी, आशीष जोशी और भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन समृद्धि सोगानी एवं सविता जैन ने किया। इस मौके पर क्षेत्र के अध्यक्ष जीवेंद्र जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, प्रमोद जैन, अतुल जैन, शशांक जैन, विजय जैन का सहयोग रहा।