पुलवामा हमले में शामली के रेल पार निवासी सीआरपीएफ के जवान अमित कुमार अपने वतन के लिए शहीद हो गए। शनिवार को उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा। जवान की अंतिम यात्रा में जहां सैंकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए वहीं हर कोई अमित के साथ गुजारे पल यादकर भावुक हो उठा। अमित ने ड्यूटी पर जाते हुए अपनी मां से बहुत सारी छुट्टियां लेकर जल्दी लौटकर आने को कहा था। वह लौटा तो जरूर लेकिन तिरंगे में लिपटकर। शहर के बेटे की शहादत पर हर किसी को गर्व है लेकिन परिजनों को बेटे से कभी न मिल पाने का दुख इतना है कि आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे।
शादी है आऊंगा महीने भर की छुट्टी लेकर..., वो लौटा मगर तिरंगे में लिपटकर, शहीद अमित की भावुक कहानी
रोहित अग्रवाल, अमर उजाला, शामली
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sat, 16 Feb 2019 03:06 PM IST
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