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Meerut News: पुलिस के लिए पहेली बना एक करोड़ ठगी का मास्टरमाइंड, सेना को लिखा पत्र

Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 30 Mar 2026 02:50 AM IST
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The mastermind of the Rs 1 crore fraud has become a puzzle for the police and has written a letter to the army.
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मेरठ। फिल्मी स्टाइल में 18 फरवरी को आबू प्लाजा स्थित रघुनंदन ज्वेलर्स से हुई एक करोड़ के गहने ठगी के खुलासे के बावजूद मास्टरमाइंड कृष्णा तिवारी पुलिस के लिए अभी भी पहेली बना है। आरोपी खुद को सेना का मेजर बताता था। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि कृष्णा के संबंध में सेना के अधिकारियोें को पत्र लिखकर जानकारी मांगी गई है। एक करोड़ के गहने ले जाने वाले कालंद गांव के मुकुल उर्फ सुच्चा और अलवर के सचिन दत्त शर्मा को भी तलाश किया जा रहा है। इनकी गिरफ्तारी से कई और वारदात खुल सकती हैं।
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पुलिस ने सात मार्च को खुलासा किया था कि खुद वेस्ट बंगाल निवासी और सेना का मेजर बताकर कृष्णा तिवारी ने अपने साथियों की मदद से भगवान बुक डिपो संचालक प्रवीण शर्मा को जाल में फंसाकर एक करोड़ रुपये लेकर रघुनंदन ज्वेलर्स पर भेजा था। हिसार के पंकज भारद्वाज ने तन्मय को व्हाट्सएप कॉल कर ठगी का शिकार बनाया था। पुलिस ने मामले में हिसार हरियाणा निवासी पंकज भारद्वाज, हापुड़ के पिलखुवा निवासी राजावीर सिंह और निशांत तोमर उर्फ राजा व सरधना निवासी सचिन कुमार को गिरफ्तार किया था। पुलिस का कहना था कि गिरोह ने योजनाबद्ध ढंग से सटीक टाइमिंग के जरिये रघुनंदन ज्वेलर्स से एक करोड़ के गहने ठग लिए थे। हिसार निवासी पंकज भारद्वाज सोने की ठगी में माहिर है। पंकज ने ही कृष्णा बनकर ज्वेलर्स तन्मय अग्रवाल को कॉल की और अपना भतीजा बताकर मुकुल उर्फ सुच्चा को एक करोड़ के गहने खरीदने के लिए रघुनंदन ज्वेलर्स पर भेजा था।
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जीएसटी में छूट दिलाने का झांसा देकर ठगी करता है तिवारी
कृष्णा तिवारी जीएसटी में छूट दिलाने के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाता है। उसने अपने परिचित दिल्ली में रहने वाले बिहार निवासी राजवीर की मदद से भगवान बुक डिपो संचालक प्रवीण शर्मा के साथी पुष्पेंद्र चौधरी से संपर्क किया था। पुष्पेंद्र चौधरी ने उससे कहा था कि उनके मित्र प्रवीण शर्मा को एक संपत्ति खरीदने के लिए एक करोड़ रुपये अपनी फर्म के खाते में जमा कराने हैं। पुष्पेंद्र चौधरी के कहने पर प्रवीण शर्मा ने खाते में रुपये जमा कराने के लिए ज्वेलर्स तन्मय को एक करोड़ रुपये दिए थे। तभी पंकज ने तन्मय को व्हाट्सएप कॉल कर कहा कि उसने गहने के रुपये अपने साथी प्रवीण के हाथ भेज दिए हैं। रुपये लेने के बाद तन्मय ने मुकुल उर्फ सुच्चा को गहने दे दिए और वह वहां से भाग गया।



मुंबई में लिखी थी ठगी की पटकथा

फिल्मी स्टाइल में ठगी की वारदात की पटकथा मुंबई में लिखी गई थी। वारदात से कुछ दिन पहले मुंबई में मुलाकात के दौरान पंकज, कृष्णा, राजावीर और सचिन दत्त शर्मा मुंबई में मिले थे। गिरफ्तार आरोपी पंकज भारद्वाज (40) पहले निजी बैंक में काम कर चुका है। बैंक में धोखाधड़ी करने पर उसे वहां से निकाल दिया गया था। इसके बाद वह लोगों को ठगी के जाल में फंसाने का काम करने लगा। वहीं, सचिन दत्त शर्मा अजमेर नगर निगम का निलंबित बाबू बताया गया था।
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