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सेंट्रल मार्केट: ध्वस्तीकरण से बचने के लिए ये जुगाड़ अपना रहे व्यापारी, पहले 31 संपत्तियों पर चलना है बुलडोजर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Wed, 11 Mar 2026 04:51 PM IST
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सार
मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रस्तावित ध्वस्तीकरण से बचने के लिए व्यापारी शटर हटाकर खिड़की-दरवाजे लगाकर निर्माण को फिर से आवासीय रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। पहले चरण में 31 संपत्तियों पर बुलडोजर चलना है।
सेंट्रल मार्केट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में अवैध निर्माणों पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई मंगलवार को टल गई। आवास एवं विकास परिषद की ओर से कार्रवाई के लिए भारी पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की मांग की गई थी, लेकिन ऐन वक्त पर फोर्स उपलब्ध न होने के कारण ध्वस्तीकरण शुरू नहीं हो सका। इससे फिलहाल व्यापारियों को कुछ राहत मिल गई है।
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हालांकि सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश के बाद विभाग ने ध्वस्तीकरण की तैयारी पूरी कर ली है और पहले चरण में 31 संपत्तियों को चिन्हित किया गया है, जिन पर सबसे पहले बुलडोजर चलाया जाना है।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी सख्ती
सुप्रीम कोर्ट ने 27 जनवरी को अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए अवैध व्यावसायिक निर्माणों पर सख्त रुख अपनाया था। अदालत ने छह सप्ताह के भीतर ऐसे निर्माणों को ध्वस्त करने का आदेश दिया था।
सेंट्रल मार्केट में कुल 1468 निर्माण ध्वस्तीकरण की जद में हैं। ये सभी मूल रूप से आवासीय श्रेणी की संपत्तियां हैं, लेकिन वर्तमान में यहां शोरूम, कॉम्प्लेक्स और दुकानें संचालित की जा रही हैं।
कोर्ट द्वारा दी गई समय सीमा अब समाप्त होने वाली है और अगले सप्ताह मामले की दोबारा सुनवाई संभावित है। इससे पहले आवास एवं विकास परिषद को अनुपालन रिपोर्ट भी दाखिल करनी है।
सुप्रीम कोर्ट ने 27 जनवरी को अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए अवैध व्यावसायिक निर्माणों पर सख्त रुख अपनाया था। अदालत ने छह सप्ताह के भीतर ऐसे निर्माणों को ध्वस्त करने का आदेश दिया था।
सेंट्रल मार्केट में कुल 1468 निर्माण ध्वस्तीकरण की जद में हैं। ये सभी मूल रूप से आवासीय श्रेणी की संपत्तियां हैं, लेकिन वर्तमान में यहां शोरूम, कॉम्प्लेक्स और दुकानें संचालित की जा रही हैं।
कोर्ट द्वारा दी गई समय सीमा अब समाप्त होने वाली है और अगले सप्ताह मामले की दोबारा सुनवाई संभावित है। इससे पहले आवास एवं विकास परिषद को अनुपालन रिपोर्ट भी दाखिल करनी है।
शटर हटाकर बना रहे आवास जैसा ढांचा
सुप्रीम कोर्ट के आदेश और विभागीय सक्रियता के बाद व्यापारी ध्वस्तीकरण से बचने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। कई दुकानों में शटर हटाकर वहां दीवारें, दरवाजे और खिड़कियां लगाने का काम तेजी से किया जा रहा है ताकि निर्माण को दोबारा आवासीय स्वरूप दिया जा सके।
वास्तुविद नियोजक की ओर से करीब 80 दुकानदारों को नई शमन नीति के तहत राहत लेने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद कई बड़े शोरूम और निर्माणों में सेटबैक छोड़ने के लिए व्यापारी खुद ही तोड़फोड़ करने में जुटे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश और विभागीय सक्रियता के बाद व्यापारी ध्वस्तीकरण से बचने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। कई दुकानों में शटर हटाकर वहां दीवारें, दरवाजे और खिड़कियां लगाने का काम तेजी से किया जा रहा है ताकि निर्माण को दोबारा आवासीय स्वरूप दिया जा सके।
वास्तुविद नियोजक की ओर से करीब 80 दुकानदारों को नई शमन नीति के तहत राहत लेने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद कई बड़े शोरूम और निर्माणों में सेटबैक छोड़ने के लिए व्यापारी खुद ही तोड़फोड़ करने में जुटे हैं।
पहले चरण में 31 संपत्तियों पर कार्रवाई
आवास एवं विकास परिषद के अधिशासी अभियंता अभिषेक राज ने ध्वस्तीकरण की पूरी योजना तैयार कर ली है। विभाग ने द रिलायबल एजेंसीज को पत्र भेजकर दो हैमर हिल्टी लगी जेसीबी और दो पोकलेन मशीनें तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।
पहले चरण में 31 संपत्तियों को चिन्हित किया गया है, जिन पर सबसे पहले बुलडोजर चलाया जाएगा। विभाग पुलिस बल मिलने के बाद जल्द ही कार्रवाई शुरू कर सकता है।
आवास एवं विकास परिषद के अधिशासी अभियंता अभिषेक राज ने ध्वस्तीकरण की पूरी योजना तैयार कर ली है। विभाग ने द रिलायबल एजेंसीज को पत्र भेजकर दो हैमर हिल्टी लगी जेसीबी और दो पोकलेन मशीनें तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।
पहले चरण में 31 संपत्तियों को चिन्हित किया गया है, जिन पर सबसे पहले बुलडोजर चलाया जाएगा। विभाग पुलिस बल मिलने के बाद जल्द ही कार्रवाई शुरू कर सकता है।