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Mirzapur News: रिमांड के लिए कोर्ट में पेश न होने पर जांच अधिकारी पर हो कार्रवाई
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जेल अधीक्षक को तीनों आरोपियों को रिहा करने का दिया निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। लालगंज थाना में दर्ज मारपीट के मामले बुधवार को जांच अधिकारी उपनिरीक्षक सुजीत सेठ के खिलााफ अग्रिम रिमांड के लिए न्यायालय के समक्ष उपस्थित न होने पर एसपी को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा। साथ ही जेल अधीक्षक को तीनों आरोपियों को रिहा करने का निर्देश दिया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल कुमार सिंह ने जारी आदेश में बताया कि थाना लालगंंज में दर्ज मामले में आरोपी शनि कोल, गोलू व करन का प्रथम रिमांड विवेचक उप निरीक्षक सुजीत कुमार सेठ की ओर से 15 मार्च से 18 मार्च तक रिमांड मजिस्ट्रेट की ओर से इस शर्त के साथ स्वीकृत किया था कि विवेचक चोटों के संबंध में मेडिकल प्रपत्र व चिकित्सक का बयान लेखबद्ध किए जाने के बाद 18 मार्च को अग्रिम रिमांड के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया था। विवेचक 18 मार्च को अग्रिम रिमांड के लिए न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हुए है। न ही अग्रिम रिमांड के लिए कोई आवेदन पत्र दाखिल किया। न ही चोटों के संबंध में मेडिकल प्रपत्र व चिकित्सक बयान पेश किया है। विवेचक ने कर्तव्य के जानबूझकर प्रति घोर लापरवाही एवं उदासीनता दिखाई है। मामले में आरोपी शनि कोल, गोलू व करन को जेल में निरूद्ध किया जाना न्यायोचित नहीं है। जेल अधीक्षक जिला कारागार को निर्देशित किया जाता है कि आरोपी शनि कोल, गोलू व करन को अविलंब रिहा किया जाए। इसके अतिरिक्त विवेचक सुजीत कुमार सेठ के खिलाफ विधि अनुसार कार्रवाई के लिए आदेश की एक प्रति पुलिस अधीक्षक को प्रेषित की जाए।
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मिर्जापुर। लालगंज थाना में दर्ज मारपीट के मामले बुधवार को जांच अधिकारी उपनिरीक्षक सुजीत सेठ के खिलााफ अग्रिम रिमांड के लिए न्यायालय के समक्ष उपस्थित न होने पर एसपी को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा। साथ ही जेल अधीक्षक को तीनों आरोपियों को रिहा करने का निर्देश दिया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल कुमार सिंह ने जारी आदेश में बताया कि थाना लालगंंज में दर्ज मामले में आरोपी शनि कोल, गोलू व करन का प्रथम रिमांड विवेचक उप निरीक्षक सुजीत कुमार सेठ की ओर से 15 मार्च से 18 मार्च तक रिमांड मजिस्ट्रेट की ओर से इस शर्त के साथ स्वीकृत किया था कि विवेचक चोटों के संबंध में मेडिकल प्रपत्र व चिकित्सक का बयान लेखबद्ध किए जाने के बाद 18 मार्च को अग्रिम रिमांड के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया था। विवेचक 18 मार्च को अग्रिम रिमांड के लिए न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हुए है। न ही अग्रिम रिमांड के लिए कोई आवेदन पत्र दाखिल किया। न ही चोटों के संबंध में मेडिकल प्रपत्र व चिकित्सक बयान पेश किया है। विवेचक ने कर्तव्य के जानबूझकर प्रति घोर लापरवाही एवं उदासीनता दिखाई है। मामले में आरोपी शनि कोल, गोलू व करन को जेल में निरूद्ध किया जाना न्यायोचित नहीं है। जेल अधीक्षक जिला कारागार को निर्देशित किया जाता है कि आरोपी शनि कोल, गोलू व करन को अविलंब रिहा किया जाए। इसके अतिरिक्त विवेचक सुजीत कुमार सेठ के खिलाफ विधि अनुसार कार्रवाई के लिए आदेश की एक प्रति पुलिस अधीक्षक को प्रेषित की जाए।
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