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Mirzapur News: गंगा नहर में पानी छोड़ने में देरी, धान की नर्सरी के लिए बढ़ी किसानों की चिंता
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पम्प कैनाल नरायनपुर से निकलने वाली गंगा नहर, स्रोत संवाद
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गंगा का जलस्तर सेंटर लाइन से नीचे होने के कारण नहीं शुरू हो सका पंपों का संचालन
- मिर्जापुर, चंदौली और गाजीपुर के हजारों हेक्टेयर कृषि क्षेत्र प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
नरायनपुर। धान की नर्सरी तैयार करने के अहम समय में गंगा नहर में पानी नहीं पहुंचने से मिर्जापुर, चंदौली और गाजीपुर के किसानों की चिंता बढ़ गई है। गंगा का जलस्तर सेंटर लाइन से नीचे होने के कारण नरायनपुर पंप कैनाल से नहर में पानी नहीं छोड़ा जा सका है। इससे हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई प्रभावित होने की आशंका है।
गंगा तट पर स्थित नरायनपुर पंप कैनाल से निकलने वाली गंगा नहर पूर्वांचल के कई जिलों के किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख स्रोत है। नहर का पानी मिर्जापुर, चंदौली और गाजीपुर के जमानिया तक पहुंचता है। विशेष रूप से चंदौली के टेल क्षेत्र, सैयदराजा और बरहनी इलाके के किसान नहर के पानी पर निर्भर हैं। धान की खेती के लिए नर्सरी तैयार करने का समय शुरू हो चुका है, लेकिन नहर में पानी नहीं आने से किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि समय पर पानी उपलब्ध नहीं होने से खेती का पूरा चक्र प्रभावित हो सकता है। किसान ओम प्रकाश और मल्लू पटेल ने बताया कि जब धान की नर्सरी डालने का समय है, तब विभाग शील्ड की सफाई करा रहा है। यह कार्य पहले भी कराया जा सकता था। वहीं किसान बाबूलाल पटेल और बृजेश ने कहा कि गंगा नहर पूर्वांचल के किसानों की जीवनरेखा है, लेकिन इस वर्ष इसके संचालन में काफी विलंब हो रहा है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द पानी नहीं छोड़ा गया तो धान की खेती प्रभावित होगी और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसानों का कहना है कि नहर संचालन शीघ्र शुरू कराने की मांग की है।
वर्जन-- -- --
गंगा नदी का जलस्तर वर्तमान में सेंटर लाइन से नीचे है। जैसे ही पानी सेंटर लाइन तक पहुंचेगा, पंपों का संचालन शुरू कर गंगा नहर में जल प्रवाह प्रारंभ कर दिया जाएगा।
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अधिशासी अभियंता, नरायनपुर पंप कैनालमूसा खाड़ प्रखंड वाराणसी,
- मिर्जापुर, चंदौली और गाजीपुर के हजारों हेक्टेयर कृषि क्षेत्र प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
नरायनपुर। धान की नर्सरी तैयार करने के अहम समय में गंगा नहर में पानी नहीं पहुंचने से मिर्जापुर, चंदौली और गाजीपुर के किसानों की चिंता बढ़ गई है। गंगा का जलस्तर सेंटर लाइन से नीचे होने के कारण नरायनपुर पंप कैनाल से नहर में पानी नहीं छोड़ा जा सका है। इससे हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई प्रभावित होने की आशंका है।
गंगा तट पर स्थित नरायनपुर पंप कैनाल से निकलने वाली गंगा नहर पूर्वांचल के कई जिलों के किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख स्रोत है। नहर का पानी मिर्जापुर, चंदौली और गाजीपुर के जमानिया तक पहुंचता है। विशेष रूप से चंदौली के टेल क्षेत्र, सैयदराजा और बरहनी इलाके के किसान नहर के पानी पर निर्भर हैं। धान की खेती के लिए नर्सरी तैयार करने का समय शुरू हो चुका है, लेकिन नहर में पानी नहीं आने से किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि समय पर पानी उपलब्ध नहीं होने से खेती का पूरा चक्र प्रभावित हो सकता है। किसान ओम प्रकाश और मल्लू पटेल ने बताया कि जब धान की नर्सरी डालने का समय है, तब विभाग शील्ड की सफाई करा रहा है। यह कार्य पहले भी कराया जा सकता था। वहीं किसान बाबूलाल पटेल और बृजेश ने कहा कि गंगा नहर पूर्वांचल के किसानों की जीवनरेखा है, लेकिन इस वर्ष इसके संचालन में काफी विलंब हो रहा है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द पानी नहीं छोड़ा गया तो धान की खेती प्रभावित होगी और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसानों का कहना है कि नहर संचालन शीघ्र शुरू कराने की मांग की है।
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वर्जन
गंगा नदी का जलस्तर वर्तमान में सेंटर लाइन से नीचे है। जैसे ही पानी सेंटर लाइन तक पहुंचेगा, पंपों का संचालन शुरू कर गंगा नहर में जल प्रवाह प्रारंभ कर दिया जाएगा।
अधिशासी अभियंता, नरायनपुर पंप कैनालमूसा खाड़ प्रखंड वाराणसी,