{"_id":"6a2f14b4d7042530cd0ebf70","slug":"demand-for-the-arrest-of-the-accused-raised-by-placing-the-body-at-the-doorstep-kanth-news-c-307-1-smbd1005-106901-2026-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: दरवाजे पर शव रखकर हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: दरवाजे पर शव रखकर हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Mon, 15 Jun 2026 02:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कुंदरकी। पोस्टमार्टम के बाद अंकित का शव उसके गांव खनूपुरा में रविवार की दोपहर तीन बजे के बाद पहुंचा। परिजनों में शव देखकर चीत्कार मच गई। वहीं शव को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। इसी बीच परिजनों ने शव को अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया और बोले कि जब तक हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। साथ ही न्याय दिलाने और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की गई।
एसडीएम प्रिंस वर्मा और सीओ अशोक कुमार सिंह ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि जल्द की गिरफ्तारी होगी और हर संभव मदद की जाएगी। पांच घंटे की मशक्कत के बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार करने को राजी हुए जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में सैफनी पुल के पास रामगंगा के किनारे पर शव का अंतिम संस्कार हो सका।
आजाद समाज पार्टी के नेता चांद बाबू, मुख्य जिला प्रभारी रामभरोसे भारती और चंदन सिंह रेदास ने भी खनूपुरा में पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और शोक संवेदना व्यक्त करते हुए गमजदा परिवार को ढांढस बंधाया।
विज्ञापन
अंकित की गर्दन में गोली लगने से वह अपने मकान के दरवाजे पर गिर गया और कुछ ही देर में लहूलुहान हो गया। पैरी पर खून से लथपथ नजर आ रही थी इस दृश्य को देखकर परिजनों में चीत्कार मच गई। इससे स्पष्ट हो रहा था कि अंकित की गर्दन में गोली लगने से अधिक खून बहने से तत्काल की जान चली गई और संभवता उसकी सांस की नली में प्रभावित हुई होगी।
गांव खनूपुरा में रविवार की सुबह जब लोग सोकर ही उठे थे तभी फायरिंग की वारदात होने से ग्रामीण सहम गए। इसी बीच पता चला कि गोली लगने से गांव के अंकित की मौत हो गई जबकि आशीष के सिर में गोली लगी है। इस वारदात से पुलिस महकमा भी हरकत में आ गया। डीएम और एसएसपी लेकर सभी पुलिस के अधिकारी और फॉरेंसिक टीम पहुंच गई। सुरक्षा और शांति व्यवस्था को रविवार की देर रात तक गांव में पुलिस डेरा डाले रही।
मजदूर अंकित अपने चार भाइयों में सबसे छोटा और अविवाहित था। अंकित के शव पर उसकी मां प्रवेश देवी और भाई अंशु, रोनू और अतुल भी गम से बेहाल हो उठे जिनको सगे संबंधी और रिश्तेदार ढांढस बंधाते नजर आए।
एसडीएम प्रिंस वर्मा और सीओ अशोक कुमार सिंह ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि जल्द की गिरफ्तारी होगी और हर संभव मदद की जाएगी। पांच घंटे की मशक्कत के बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार करने को राजी हुए जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में सैफनी पुल के पास रामगंगा के किनारे पर शव का अंतिम संस्कार हो सका।
विज्ञापन
विज्ञापन
आजाद समाज पार्टी के नेता चांद बाबू, मुख्य जिला प्रभारी रामभरोसे भारती और चंदन सिंह रेदास ने भी खनूपुरा में पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और शोक संवेदना व्यक्त करते हुए गमजदा परिवार को ढांढस बंधाया।
अंकित की गर्दन में गोली लगने से वह अपने मकान के दरवाजे पर गिर गया और कुछ ही देर में लहूलुहान हो गया। पैरी पर खून से लथपथ नजर आ रही थी इस दृश्य को देखकर परिजनों में चीत्कार मच गई। इससे स्पष्ट हो रहा था कि अंकित की गर्दन में गोली लगने से अधिक खून बहने से तत्काल की जान चली गई और संभवता उसकी सांस की नली में प्रभावित हुई होगी।
गांव खनूपुरा में रविवार की सुबह जब लोग सोकर ही उठे थे तभी फायरिंग की वारदात होने से ग्रामीण सहम गए। इसी बीच पता चला कि गोली लगने से गांव के अंकित की मौत हो गई जबकि आशीष के सिर में गोली लगी है। इस वारदात से पुलिस महकमा भी हरकत में आ गया। डीएम और एसएसपी लेकर सभी पुलिस के अधिकारी और फॉरेंसिक टीम पहुंच गई। सुरक्षा और शांति व्यवस्था को रविवार की देर रात तक गांव में पुलिस डेरा डाले रही।
मजदूर अंकित अपने चार भाइयों में सबसे छोटा और अविवाहित था। अंकित के शव पर उसकी मां प्रवेश देवी और भाई अंशु, रोनू और अतुल भी गम से बेहाल हो उठे जिनको सगे संबंधी और रिश्तेदार ढांढस बंधाते नजर आए।