Moradabad: एमडीए में शामिल 71 गांवों का विकास प्रभावित, महायोजना का पता नहीं, नक्शे की अनिवार्यता बनी परेशानी
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) में जून 2024 में शामिल किए गए 71 नए गांवों के लिए अब तक महायोजना (मास्टर प्लान) तैयार नहीं हो सकी है। इन गांवों को एमडीए क्षेत्र में शामिल करने के साथ ही निर्माण कार्यों के लिए मानचित्र स्वीकृति अनिवार्य कर दी गई थी, लेकिन भू-उपयोग तय न होने के कारण एमडीए मानचित्र पास नहीं कर पा रहा है। इससे ग्रामीणों को मकान और अन्य निर्माण कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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विस्तार
25 जून 2024 को मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) के विस्तार के लिए 71 और गांवों को प्राधिकरण क्षेत्र में शामिल करने को मंजूरी दी गई थी। तभी मुरादाबाद, अमरोहा और संभल जिले के इन गांवों में किसी भी तरह के निर्माण के लिए प्राधिकरण से मानचित्र पास कराने की अनिवार्यता भी लागू हो गई थी लेकिन अभी तक एमडीए इन गांवों के 146 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की महायोजना (मास्टर प्लान) तैयार नहीं कर सका है।
अब एमडीए ने इन गांवों की एक नई महायोजना तैयार करने की कवायद शुरू की है। मुरादाबाद जिले के कुल 52, अमरोहा के 16 और संभल जिले के तीन गांवों को मिलाकर कुल 71 गांवों को एमडीए में शामिल करने की मंजूरी मिल गई। बोर्ड की बैठक में ही इस क्षेत्र में प्राधिकरण के नियमों को लागू कर दिया गया।
इससे ग्रामीणों के प्रत्येक निर्माण से पहले एमडीए की अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया। वहीं दूसरी ओर मास्टर प्लान तैयार नहीं किया। समस्या यह है कि एमडीए मानचित्र पास कैसे करे, क्योंकि महायोजना में भू-उपयोग तो तय ही नहीं है। ऐसे में मानचित्र पास करने से भू-उपयोग की स्थिति गड़बड़ा सकती थी।
एमडीए इन क्षेत्रों में मानचित्र पास करने में आनाकानी करता रहा। यहां के लोगों का कहना है कि कोई निर्माण करते हैं तो एमडीए के टीमें कार्य रोकने आ जाती हैं। यदि कोई निर्माण कर भी ले तो उसका उत्पीड़न किया जाता है। मानचित्र पास किया नहीं जा रहा है।
ग्रामीणों की इस समस्या को एमडीए बोर्ड की बैठक में भी दो बार रखा जा चुका है। जनवरी में हुई बैठक में भी एमडीए बोर्ड के सदस्य राजू कालरा ने मुद्दा उठाया था। उस समय भी तीन माह में इन गांवों की अलग से एक महायोजना तैयार करने का भरोसा दिया गया था लेकिन अब पांच महीने बीत चुके हैं लेकिन महायोजना तैयार नहीं हो सकी।
इधर, एमडीए के नियोजन सलाहकार ज्योति प्रसाद का कहना है कि नए शामिल किए गए सभी 71 गांवों की महायोजना तैयार करने का कार्य तेजी से चल रहा है। जिसका कार्य शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। पहले तैयार की गई महायोजना-2031 में यह गांव शामिल नहीं है, इसलिए किस आधार पर मानचित्र स्वीकृत किए जाएं और किस आधार पर विकास कार्य कराया जाए।
सभी कुछ महायोजना के अनुसार ही किया जाना है, जिसमें भू-उपयोग तय होता है कि कौन सा क्षेत्र आवासीय है और कौन का वाणिज्यिक। कहां पार्क बनेगा और कहां कहां रोड रहेंगे। पहले एमडीए का क्षेत्रफल 390 वर्ग किलोमीटर था, अब 71 गांवों के 146 वर्ग किमी क्षेत्र बढ़ जाने के बाद कुल क्षेत्रफल 536 वर्ग किलो मीटर हो गया है।
इधर, एमडीए बोर्ड के सदस्य राजू कालरा ने स्पष्ट किया कि एमडीए में शामिल गांवों में ग्राम पंचायतें पूर्व की भांति ही विकास कार्य कराएंगी लेकिन नए निर्माण पर मानचित्र आवश्यक हो गया है।
मुरादाबाद तहसील के गांव
बारीपुर, गिंदौड़ा, धनुपुरा, ककरघटा, चक गिंदौड़ा, पलूपुरा घोसी, लोधीपुर राजपूत, नगला बलबीर, सकटू नगला, खरगापुर जगतपुर, मदनापुर, नरखेड़, गोविंदपुर खुर्द, बीरपुरथान, दलपतपुर, हरसैनपुर, नियामतपुर इकटोरिया, सिरस खेड़ा, चमरुवा, दौलारा, हला नगला, खानपुर लक्खी, भदासना, ताहनायक, सिहोराबाजे, मूंढापांडे चक फरचंद अली, मूंढापांडे, दोलारी, सैजना, मनकारा, मूंढापांडे चक दफे सिंह, बरबारा खास मुस्तहकम, गनेशघाट मुस्तहकम और सेहरिया सहित 34 गांव।
कांठ तहसील के गांव
इसी प्रकार कांठ तहसील के सदरपुर मतलबपुर, भीकनपुर असदलपुर, कथायन, कूडाखाना, अथाई उर्फ अथायन, कूरी रवाना, खलीलपुर अमरू, पचौकरा खानपुर, नजरपुर, कुचावली, शुक्ला उर्फ शुम्ला, किशनपुर, कूड़ामीरपुर, जलालपुर मुंडा नगला, शाहपुर मुबारकपुर, लदावली, मधपुरी, चक जोगवाली, चक सिकरिया उर्फ खैड़िया, मौढ़ा गांव सहित 18 गांव शामिल हैं।
संभल जिले के गांव
पैतियामाफी, मालपुर उर्फ मल्हपुर और इटाला माफी आदि तीन गांव को एमडीए में शामिल किया गया है।
अमरोहा जिले के गांव
ढकिया नगर पंचायत, दीपपुर, चक पायती उर्फ गौसपुर, करनपुर, अमेढ़ा, चकदीपपुर, बुढ़नपुर सड़क, फतेहपुर मंजरा, जिवाई, चौधरपुर, सलेमपुर नवादा, पायतीकलां, नौरंगी, पतेई खालसा, औरंगाबाद, सिरसा मोहन सहित कुल 16 गांव।