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Moradabad: 15 दिन तक बच्चे की मौत की सूचना दबाई, लेखपाल समेत तीन कर्मी निलंबित, सेप्टिक टैंक में मिला था शव
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: Vimal Sharma
Updated Tue, 02 Jun 2026 01:43 PM IST
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सीओ निलंबित
- फोटो : अमर उजाला
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रामगंगा विहार हाईस्ट्रीट में खुले सेप्टिक टैंक में गिरकर सात साल के बच्चे की मौत की सूचना 15 दिन तक दबाए रखने पर लेखपाल, राजस्व निरीक्षक और राजस्व लिपिक को निलंबित कर दिया गया है। एडीएम प्रशासन की जांच में संवेदनहीनता सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।
रामगंगा विहार हाईस्ट्रीट के पास एक सोसाइटी में खुले सेप्टिक टैंक में छह दिनों से लापता बच्चे हसन आलम का शव नौ मई को मिला था। पुलिस की जांच से पता चला कि बच्चे की मां कुरैशा और पिता हसीब मूल रूप से बिहार के अररिया जिले के सिकटी थाना क्षेत्र के पटरिया गांव के रहने वाले हैं।
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वे एक माह पहले यहां मजदूरी करने आए थे। चार मई को बच्चा घर से खेलने के लिए कमरे से निकला था लेकिन लौटकर नहीं आया। पांच मई को पिता ने सिविल लाइंस थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि बच्चे की मौत डूबने से हुई है।
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बच्चे के पिता हसीब ने जिस निर्माणाधीन मकान के सेप्टिक टैंक में बच्चा गिरा था उसके आर्किटेक्ट और ठेकेदार के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि इन दोनों ने लापरवाही करते हुए टैंक को ढकवाया नहीं था। इसी वजह से बच्चा टैंक में गिरा और उसकी जान चली गई।
एडीएम प्रशासन संगीता गौतम ने बताया कि घटना के 24 घंटे के अंदर पोर्टल पर सूचना अपलोड करने का नियम है। लेखपाल तुषार भटनागर ने सूचना समय पर नहीं दी। कुछ दिनों बाद सूचना दी तो राजस्व निरीक्षक मोहम्मद सफी और राजस्व लिपिक अमरपाल ने रिपोर्ट नहीं दी।
तीनों कर्मचारियों ने संवेदनहीनता दिखाई। उन्होंने रिपोर्ट डीएम को भेज दी। डीएम ने इस मामले में तीनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।