{"_id":"69a492bf14ef8ab25503a4aa","slug":"crime-news-muzaffarnagar-news-c-29-1-smrt1037-166228-2026-03-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: .शूटिंग के लिए चोरी किए 12 लाख के कैमरे, तीन गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: .शूटिंग के लिए चोरी किए 12 लाख के कैमरे, तीन गिरफ्तार
विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। गाजियाबाद की कमोरेंट कंपनी के लाखों के कैमरे व अन्य सामान चोरी करने के मामले का नई मंडी कोतवाली पुलिस ने खुलासा किया है। फोटोग्राफी का काम करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे चोरी किए 12 लाख रुपये के कैमरे व सामान बरामद किया गया है। घटना में प्रयुक्त कार एक आरोपी ने अपने दोस्त से किराये पर ली थी। शूटिंग के लिए बुक करने के बाद कैमरे चोरी किए गए थे।
सीओ नई मंडी राजू कुमार साव ने बताया कि नई मंडी कोतवाली पुलिस ने जानसठ के गांव खेड़ा के मूल निवासी वर्तमान में गौत्तमबुद्ध नगर के गांव बरौला सेक्टर 49 निवासी विपिन, थाना मुरादनगर के गांव खुर्रमपुर निवासी सनी व थाना मुरादनगर के मोहल्ला बिचपटा निवासी हिमांशु को पकड़ा है। उनके पास लगभग 12 लाख रुपये के कैमरे व अन्य सामान बरामद किया।
सीओ ने बताया कि आरोपियों ने बताया कि वह सभी फोटोग्राफी का काम करते हैं। उन्हें फिल्म की शूटिंग करने के लिए अच्छे कैमरों की जरूरत थी। उन्होंने कैमरे चोरी करने के लिए एक सप्ताह तक योजना बनाई। इसके बाद नेट पर कमोरेंट कंपनी के बारे में सर्च कर पता लगाया और ऋषिकेश में शूटिंग के लिए 12 फरवरी को कैमरे बुक करा दिए।
विपिन पहले ओला कंपनी में चालक था। उसकी दोस्ती एक युवक से थी। उसने अपनी बीमार बहन को दिखाकर लाने के लिए उसकी ओला कंपनी में लगी कार कोे किराये पर ली थी। तीनों आरोपी कंपनी के कर्मचारी को कैमरों सहित कार में बैठा कर लेकर चल दिए थे। रास्ते में शूटिंग की लोकेशन बदलना भी बताया गया।
मुजफ्फरनगर में जानसठ फ्लाई ओवर के पास कर्मचारी लघुशंका के लिए उतर गया तो तीनों आरोपी कैमरों व सामान सहित कार को लेकर भाग गए थे।
-- -
चोरी कर लगाई थी नंबर प्लेट
आरोपियों ने योजना बना कर एक कार की नंबर प्लेट उतारी थी। उसे तोड़ कर अपनी कार पर लगाया था ताकि कोई कार के नंबर से कार के बारे में जानकारी न जुटा ले। घटना करने के बाद कार को वापस कर दिया था। उन्होंने घटना के बारे में बताया नहीं था। सीओ ने बताया कि कार के बारे में जांच की जा रही है। दर्ज रिपोर्ट में लूट की धारा भी बढ़ाई है। तीनों आरोपी सामान को बेचने जाते समय पकड़े गए।
-- --
सिम व मोबाइल खरीदा
आरोपियों ने घटना को बड़े ही योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया। आरोपियों ने दूसरे व्यक्ति के नाम से सिम व कीपैड वाला मोबाइल खरीदा था। कैमरे बुक कराने में इसी मोबाइल का प्रयोग किया। घटना को अंजाम देने के बाद सिम को तोड़ दिया। मोबाइल को फेंक दिया। सिम व मोबाइल पुलिस तलाश नहीं कर पाई।
Trending Videos
सीओ नई मंडी राजू कुमार साव ने बताया कि नई मंडी कोतवाली पुलिस ने जानसठ के गांव खेड़ा के मूल निवासी वर्तमान में गौत्तमबुद्ध नगर के गांव बरौला सेक्टर 49 निवासी विपिन, थाना मुरादनगर के गांव खुर्रमपुर निवासी सनी व थाना मुरादनगर के मोहल्ला बिचपटा निवासी हिमांशु को पकड़ा है। उनके पास लगभग 12 लाख रुपये के कैमरे व अन्य सामान बरामद किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीओ ने बताया कि आरोपियों ने बताया कि वह सभी फोटोग्राफी का काम करते हैं। उन्हें फिल्म की शूटिंग करने के लिए अच्छे कैमरों की जरूरत थी। उन्होंने कैमरे चोरी करने के लिए एक सप्ताह तक योजना बनाई। इसके बाद नेट पर कमोरेंट कंपनी के बारे में सर्च कर पता लगाया और ऋषिकेश में शूटिंग के लिए 12 फरवरी को कैमरे बुक करा दिए।
विपिन पहले ओला कंपनी में चालक था। उसकी दोस्ती एक युवक से थी। उसने अपनी बीमार बहन को दिखाकर लाने के लिए उसकी ओला कंपनी में लगी कार कोे किराये पर ली थी। तीनों आरोपी कंपनी के कर्मचारी को कैमरों सहित कार में बैठा कर लेकर चल दिए थे। रास्ते में शूटिंग की लोकेशन बदलना भी बताया गया।
मुजफ्फरनगर में जानसठ फ्लाई ओवर के पास कर्मचारी लघुशंका के लिए उतर गया तो तीनों आरोपी कैमरों व सामान सहित कार को लेकर भाग गए थे।
चोरी कर लगाई थी नंबर प्लेट
आरोपियों ने योजना बना कर एक कार की नंबर प्लेट उतारी थी। उसे तोड़ कर अपनी कार पर लगाया था ताकि कोई कार के नंबर से कार के बारे में जानकारी न जुटा ले। घटना करने के बाद कार को वापस कर दिया था। उन्होंने घटना के बारे में बताया नहीं था। सीओ ने बताया कि कार के बारे में जांच की जा रही है। दर्ज रिपोर्ट में लूट की धारा भी बढ़ाई है। तीनों आरोपी सामान को बेचने जाते समय पकड़े गए।
सिम व मोबाइल खरीदा
आरोपियों ने घटना को बड़े ही योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया। आरोपियों ने दूसरे व्यक्ति के नाम से सिम व कीपैड वाला मोबाइल खरीदा था। कैमरे बुक कराने में इसी मोबाइल का प्रयोग किया। घटना को अंजाम देने के बाद सिम को तोड़ दिया। मोबाइल को फेंक दिया। सिम व मोबाइल पुलिस तलाश नहीं कर पाई।
