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Muzaffarnagar News: कांवड़ यात्रा में बढ़ी युवतियों की भागीदारी
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मुजफ्फरनगर। सावन की कांवड़ यात्रा में इस बार स्कूल और कॉलेजों में पढ़ने वाली छात्राओं की भागीदारी बढ़ी हुई है। कंधों पर कांवड़ और मुख पर हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही हैं। बदलते दौर में नई पीढ़ी शिक्षा के साथ अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से भी गहराई से जुड़ी हुई है। कई छात्राएं अपने परिवार, सहेलियों और कांवड़ दलों के साथ यात्रा कर रही हैं।
उनका कहना है कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि नियमों का पालन, धैर्य और साथ मिलकर चलने का भाव भी पैदा करती है। यात्रा में शामिल लड़कियां कांवड़ को उठाने के नियमों का अन्य यात्रियों की भांति पूरा पालन कर मनोयोग के साथ आगे बढ़ रही हैं।
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दिल्ली की रहने वाली तान्या ने बताया कि वह 12वीं की छात्रा हैं। पहली बार कांवड़ लेकर आई हैं। वह कहती हैं कि भगवान शिव के प्रति मेरी आस्था बचपन से रही है। बड़ा भाई और भाभी कावड़ दो साल से कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। इस बार में भी भगवान भोले बाबा का आशीर्वाद पाने के लिए साथ कांवड़ उठा रही हूं।
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दिल्ली के उत्तम नगर की रहने वाली प्रीति ने बताया कि वह बीए की छात्रा हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रही हैं। मम्मी और उनकी सहेलियां प्रतिवर्ष कांवड़ यात्रा करती हैं। उनके साथ सफलता की कामना के साथ मैं भी यात्रा में शामिल हुई हूं।
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गाजियाबाद की रोशनी ने बताया कि पहले लगता था कि कांवड़ यात्रा केवल पुरुषों के लिए होती है, लेकिन पिछले साल काफी लड़कियों को कांवड़ लेकर जाते हुए देखा तो मन में संकल्प लिया था कि अगली बार कांवड़ यात्रा जरूर करुंगी। छोटी बहन और मम्मी भी साथ आई हैं।
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उनका कहना है कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि नियमों का पालन, धैर्य और साथ मिलकर चलने का भाव भी पैदा करती है। यात्रा में शामिल लड़कियां कांवड़ को उठाने के नियमों का अन्य यात्रियों की भांति पूरा पालन कर मनोयोग के साथ आगे बढ़ रही हैं।
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दिल्ली की रहने वाली तान्या ने बताया कि वह 12वीं की छात्रा हैं। पहली बार कांवड़ लेकर आई हैं। वह कहती हैं कि भगवान शिव के प्रति मेरी आस्था बचपन से रही है। बड़ा भाई और भाभी कावड़ दो साल से कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। इस बार में भी भगवान भोले बाबा का आशीर्वाद पाने के लिए साथ कांवड़ उठा रही हूं।
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दिल्ली के उत्तम नगर की रहने वाली प्रीति ने बताया कि वह बीए की छात्रा हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रही हैं। मम्मी और उनकी सहेलियां प्रतिवर्ष कांवड़ यात्रा करती हैं। उनके साथ सफलता की कामना के साथ मैं भी यात्रा में शामिल हुई हूं।
गाजियाबाद की रोशनी ने बताया कि पहले लगता था कि कांवड़ यात्रा केवल पुरुषों के लिए होती है, लेकिन पिछले साल काफी लड़कियों को कांवड़ लेकर जाते हुए देखा तो मन में संकल्प लिया था कि अगली बार कांवड़ यात्रा जरूर करुंगी। छोटी बहन और मम्मी भी साथ आई हैं।