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Muzaffarnagar News: धरातल पर खुले एकल खिड़की, बंद हो समस्याओं का दरवाजा
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। औद्योगिक विकास के लिए जनपद में स्मार्ट इंडस्ट्रियल एस्टेट स्थापना की मांग की गई। उद्यमी कहते हैं कि उन्हें उद्योग स्थापित करने से पहले मानचित्र स्वीकृति के लिए फैक्टरी एक्ट के नियमों का पालन करने सहित एमडीए और अग्निशमन विभाग की औपचारिकताओं को पूरा करने में परेशानियों को झेलना पड़ता है।
सोमवार को औद्योगिक क्षेत्र स्थित फेडरेशन ऑफ मुजफ्फरनगर कॉमर्स एंड इंडस्ट्री हॉल पर अमर उजाला संवाद का आयोजन किया गया। इसमें उद्यमियों की ओर से जनपद में स्मार्ट इंडस्ट्रियल एस्टेट स्थापना को समय की आवश्यकता बताया गया। उद्यमियों ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में बिजली, पानी सहित कई अन्य समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। उद्यमियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान होना चाहिए।
इस दौरान फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष अंकुर गर्ग, ज्वाइंट सेक्रेटरी आशीष गर्ग, पूर्व अध्यक्ष अंकित संगल, अरविंद गुप्ता आदि शामिल रहे।
n एकल खिड़की प्रणाली सशक्त करने की आवश्यकता : फेडरेशन अध्यक्ष नीलकमल पुरी का कहना है कि ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के लिए एकल खिड़की प्रणाली को सशक्त करने की आवश्यकता है। यदि किसी उद्यमी को एक ही विभाग से सभी एनओसी मिल जाएंगी तो उसे उद्योग स्थापना के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
n दबाव समूह करते हैं उद्यमियों को बहुत परेशान : शासन के निर्देश पर पेपर मिलों में आरडीएफ जलाने के लिए 40-40 लाख के प्लांट लगाए गए। लेकिन जनपद में कई प्रकार के दबाव समूह उद्यमियों को प्रदूषण के नाम पर ब्लैक करते हैं। प्लांट संचालन में बाधा उत्पन्न की जाती है।
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मुजफ्फरनगर। औद्योगिक विकास के लिए जनपद में स्मार्ट इंडस्ट्रियल एस्टेट स्थापना की मांग की गई। उद्यमी कहते हैं कि उन्हें उद्योग स्थापित करने से पहले मानचित्र स्वीकृति के लिए फैक्टरी एक्ट के नियमों का पालन करने सहित एमडीए और अग्निशमन विभाग की औपचारिकताओं को पूरा करने में परेशानियों को झेलना पड़ता है।
सोमवार को औद्योगिक क्षेत्र स्थित फेडरेशन ऑफ मुजफ्फरनगर कॉमर्स एंड इंडस्ट्री हॉल पर अमर उजाला संवाद का आयोजन किया गया। इसमें उद्यमियों की ओर से जनपद में स्मार्ट इंडस्ट्रियल एस्टेट स्थापना को समय की आवश्यकता बताया गया। उद्यमियों ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में बिजली, पानी सहित कई अन्य समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। उद्यमियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान होना चाहिए।
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इस दौरान फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष अंकुर गर्ग, ज्वाइंट सेक्रेटरी आशीष गर्ग, पूर्व अध्यक्ष अंकित संगल, अरविंद गुप्ता आदि शामिल रहे।
n एकल खिड़की प्रणाली सशक्त करने की आवश्यकता : फेडरेशन अध्यक्ष नीलकमल पुरी का कहना है कि ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के लिए एकल खिड़की प्रणाली को सशक्त करने की आवश्यकता है। यदि किसी उद्यमी को एक ही विभाग से सभी एनओसी मिल जाएंगी तो उसे उद्योग स्थापना के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
n दबाव समूह करते हैं उद्यमियों को बहुत परेशान : शासन के निर्देश पर पेपर मिलों में आरडीएफ जलाने के लिए 40-40 लाख के प्लांट लगाए गए। लेकिन जनपद में कई प्रकार के दबाव समूह उद्यमियों को प्रदूषण के नाम पर ब्लैक करते हैं। प्लांट संचालन में बाधा उत्पन्न की जाती है।

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