सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Muzaffarnagar: Death Penalty for Four in Shekhar Murder Case in Muzaffarnagar

UP: 70 हजार के विवाद में हत्या, मां और तीन बेटों को फांसी की सजा, शेखर मर्डर केस में कोर्ट का बड़ा फैसला

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 28 Apr 2026 01:29 PM IST
विज्ञापन
सार

Muzaffarnagar Shekhar Murder Case: मुजफ्फरनगर के खेड़ी सूंडियान गांव में किसान शेखर की हत्या के मामले में अदालत ने मां और उसके तीन बेटों को फांसी की सजा सुनाई। यह घटना 17 जून 2019 को 70 हजार रुपये के विवाद में हुई थी। 

Muzaffarnagar: Death Penalty for Four in Shekhar Murder Case in Muzaffarnagar
फांसी की सजा - फोटो : Gemini
विज्ञापन

विस्तार

मुजफ्फरनगर के भौराकलां थाना क्षेत्र के खेड़ी सूंडियान गांव में किसान शेखर की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने आरोपी मां और उसके तीन बेटों को फांसी की सजा सुनाई है। साथ ही 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह वारदात 17 जून 2019 को हुई थी।

Trending Videos


यह भी पढ़ें: Muzaffarnagar: पुलिस पेंशनर्स की सुनी समस्याएं, समाधान का दिया भरोसा, DIG अभिषेक सिंह ने की गोष्ठी 

विज्ञापन
विज्ञापन

70 हजार रुपये के विवाद में हुआ था हमला
मामले के अनुसार कस्बा सिसौली निवासी राजबाला देवी अपने बेटे शेखर के साथ खेड़ी सूंडियान गांव में 70 हजार रुपये उधार मांगने गई थीं। आरोप है कि इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। आरोपियों ने पहले पथराव किया और बाद में लाठी-डंडों व ईंटों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल शेखर की मौके पर ही मौत हो गई थी।

पांच लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ था मुकदमा
घटना के बाद राजबाला देवी ने रामकुमार उर्फ रामू, उसकी पत्नी मुकेश उर्फ बिट्टो और उनके तीन बेटों प्रदीप, संदीप व सोनू के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। जांच के दौरान रामकुमार उर्फ रामू की मौत हो जाने के कारण उसके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल नहीं किया गया। अदालत ने मां और तीन बेटों को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई।

बचाव पक्ष ने दिए थे ये तर्क
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि मृतक शेखर पर सात मुकदमे दर्ज थे और वह हिस्ट्रीशीटर था। साथ ही घटना के मोटिव और घटनास्थल को लेकर भी सवाल उठाए गए। हालांकि अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए चारों आरोपियों को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई और 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed